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इतिहास

यू तिरोत सिंह: तीर-भालों और तलवारों से अंग्रेजों की ईंट से ईंट बजाने वाला राजा

सीमित संसाधनों के बावजूद यू तिरोत सिंह चार सालों तक अंग्रेजों से लड़ते रहे। जख्मी होने के बावजूद झुके नहीं।

भाई तारू सिंह: केश के बदले खोपड़ी उतरवाने वाला वो सिख… जिसने अंतिम साँस तक इस्लाम नहीं कबूला

ज़कारिया खान ने भाई तारू सिंह से कहा, “तारू सिंह… तुमने जो किया वह माफी के लायक बिलकुल नहीं है, लेकिन मैं तुम्हें एक शर्त पर छोड़ सकता हूँ। तुम इस्लाम कबूल कर लो, हमारे मित्र बन जाओ........"

दूध बेचने से लेकर हॉलैंड में F-16 उड़ाने तक: किस्सा राजेश पायलट का, जिसने सत्ता के सबसे बड़े दलाल को जेल भेजा

सत्ता के सबसे बड़े दलाल पर हाथ डालने के 2 दिन बाद ही पायलट को गृह मंत्रालय से निकाल बाहर किया गया था। जानिए राजेश्वर प्रसाद कैसे बने राजेश पायलट।

जब नेहरू-इंदिरा खुद ले रहे थे भारत-रत्न… तब उनके शोध से बची थी लाखों जिंदगियाँ, जो मर गए गुमनामी में

1955 ही वो साल था, जब नेहरू ने ख़ुद को भारत रत्न दिया और इसी दौर में शम्भूनाथ डे ने पाया कि हैजा से शरीर में एक टॉक्सिन बन जाता है, जिसे...

जानिए चीन में उपजे ब्यूबॉनिक प्लेग के बारे में, जिसने ली थी 20 करोड़ जानें… कोरोना से 3-4 गुणा खतरनाक!

संक्रमित व्यक्ति के मुर्गी की अंडे जितनी बड़ी गाँठे पड़ जाती है। उसे बुखार आता है, खराश होती है, पसलियों में दर्द होता है इत्यादि।

उनकी ही संतानें थी कौरव और पांडव: जानिए कौन हैं कृष्ण द्वैपायन, जिनका जन्मदिन बन गया ‘गुरु पूर्णिमा’

वो कौरवों और पांडवों के पितामह थे। महाभारत में उनकी ही संतानों ने युद्ध किया। वो भीष्म के भाई थे। कृष्ण द्वैपायन ने ही वेदों का विभाजन किया। जानिए कौन थे वो?

‘…कभी नहीं मानेंगे कि हिन्दू खराब हैं’ – जब मानेकशॉ के कदमों में 5 Pak फौजियों के अब्बू ने रख दी थी अपनी पगड़ी

"साहब, आपने हम सबको बचा लिया। हम ये कभी नहीं मान सकते कि हिन्दू ख़राब होते हैं।" - सैम मानेकशॉ की पाकिस्तान यात्रा से जुड़ा एक किस्सा।

ब्रिटिशर्स के खिलाफ सशस्त्र आदिवासी विद्रोह के नायक थे अल्लूरी सीताराम राजू

अल्लूरी को सबसे अधिक अंग्रेजों के खिलाफ रम्पा विद्रोह का नेतृत्व करने के लिए याद किया जाता है, जिसमें उन्होंने ब्रिटिशर्स के खिलाफ विद्रोह करने के लिए विशाखापट्टनम और पूर्वी गोदावरी जिलों के आदिवासी लोगों को संगठित किया था।

स्वदेशी आन्दोलन के बीच मोतीलाल ने खरीदी विदेशी कार, जवाहर को लिखा – ‘भारत में गाड़ी बनने तक इन्तजार करूँ?’

जब पूरा भारत स्वदेशी आन्दोलन का हिस्सा बना था, ठीक उसी समय मोतीलाल नेहरू इलाहाबाद में विदेशी गाड़ी खरीदने वाले पहले भारतीय थे।

इतिहास की पुस्तक में छेड़छाड़ कर राजस्थान सरकार ने महाराणा प्रताप को बताया धैर्य, योजना की कमी वाला सेनानायक

अशोक गहलोत सरकार ने कक्षा 10वीं की सामाजिक विज्ञान की किताब के संस्करण में महाराणा प्रताप से जुड़ी ऐतिहासिक संघर्ष की कहानी को हटा दिया है।

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