सईद के इस कॉल के बाद पुलिस ने उसका पता लगाया और उसके द्वारा दी गई जानकारी की प्रमाणिकता की जाँच की, लेकिन पूछताछ में सईद पुलिस के किसी भी प्रश्न का जवाब देने में असमर्थ दिखा
एनसीपी नेता ने बताया है कि शिकायत का समाधान करने की बजाय विधायक और उसके सहयोगियों ने उनके साथ बदतमीजी की और बीच सड़क पर गिराकर उन्हें खूब पीटा। उन्हें लात, घूसे, थप्पड़ मारे गए।
अल्पेश ठाकोर ने कहा, “कॉन्ग्रेस इस बात को समझने में विफल रही कि वास्तव में लोग क्या चाहते हैं। वह सिर्फ ये नारा लगाते रहे- ‘घोटाला हुआ, घोटाला हुआ’। कोई घोटाला नहीं था, उनके दिमाग में घोटाला था, उनके दिमाग में कैमिकल लोचा था।”
बुद्ध पूर्णिमा के दिन केदारनाथ में ध्यान। फिर भाजपा के अभिभावकों से आशीर्वाद। उसके बाद अपनी माँ के चरणों में झुके और परिवारजनों से मुलाक़ात की। फिर गृह राज्य की जनता को धन्यवाद देते हुए सरदार पटेल को याद किया। तत्पश्चात वापस काशी। संविधान को शीश नवाने वाले मोदी...
क्या सही में ज़िम्मेदार सरकारी अफ़सरों पर इन बच्चों की हत्या का मुकदमा चलेगा? क्या विभाग के मंत्री पर ग़ैर-इरादतन हत्या का केस चलेगा? या फिर सिस्टम के सबसे निचले कर्मचारी को महीने भर के लिए निलंबित कर पल्ला झाड़ लिया जाएगा?
गाँव में ये बात पता चलने के बाद राजपूत फौरन इसके लिए तैयार हो गए और खुद आगे बढ़कर दूल्हे को घोड़ी उपलब्ध करवाई। साथ ही वो उसके विवाह कार्यक्रम में भी शरीक हुए। इससे दूल्हे के परिजन काफी खुश हो गए।
जब जूनागढ़ के जंगलों में एटीएस की महिलाओं व इस अपराधी का आमना-सामना हुआ, तो वह थोड़ी देर भी टिक नहीं सका। अपनी जान बचाने के लिए उसने तुरंत ही घुटने टेक दिए। इसके बाद महिला अधिकारियों ने उसे गिरफ़्तार कर लिया।
अपनी धुर विरोधी पार्टी बीजेपी के ख़िलाफ़ कोई मुद्दा ना मिलता देख केवल इसी ताक में रहना कि कब मोदी क्या कह दें और उसे एक मौक़ा समझकर ये सारे लपक लें, और फिर शुरू हो जाए अनरगल बातों का दौर।