विषय

नरेंद्र मोदी

एशिया की सबसे बड़ी ईसाई कैथोलिक बिशप समिति ने मोदी की जीत को गले लगाया

बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया ने मार्च 2019 में प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में मोदी सरकार की आलोचना करते हुए लिखा था कि धार्मिक मामलों में मीडिया की लापरवाही, भोजन की चॉइस को लेकर हुए कई विवाद और सांस्कृतिक भिन्नता ने अल्पसंख्यकों को असुरक्षित महसूस कराया है।

बड़बोलेपन पर मोदी का अपने ही सांसदों पर कटाक्ष, बोले ‘छपास’ और ‘दिखास’ से बचिए

मोदी ने कहा, "मेरे जीवन के कई पड़ाव रहे, इसलिए मैं इन चीजों को भली-भांति समझता हूँ, मैंने इतने चुनाव देखे, हार-जीत सब देखे, लेकिन मैं कह सकता हूँ कि मेरे जीवन में 2019 का चुनाव एक प्रकार की तीर्थयात्रा थी।"

2019 का चुनाव समता और ममता के भाव से सामाजिक आंदोलन का हिस्सा बन गया: नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत केंद्रीय और राज्य के चुनाव आयोग और सुरक्षाबलों का इस चुनाव के आयोजन के लिए धन्यवाद के साथ की। नरेंद्र मोदी ने कहा, "सेंट्रल हॉल की यह घटना असामान्य घटना है।

Breaking News: NDA संसदीय दल के नेता चुने गए नरेंद्र मोदी

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बीजेपी संसदीय दल के नेता के रूप में नरेंद्र मोदी के नाम का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव का राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी ने समर्थन किया।

मैनाज़ ने अपने बच्चे का नाम ‘नरेंद्र मोदी’ रखा, समाज क्या कहेगा इसकी फ़िक्र नहीं

मैनाज़ बेगम ने अपने बच्चे का नाम PM मोदी के नाम पर रखने की वजह तमाम विकास कार्यों को बताया। मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक़ पर बनाए गए क़ानून से वो काफ़ी प्रभावित थीं।

300 तिब्बतियों ने भी लोकसभा चुनाव में किया अपने मताधिकार का प्रयोग

दलाई लामा ने भारत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि भारत की उदारता और दयाशीलता की वजह से ही वो लोग निर्वासन के बावजूद अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को बचा कर रख पाए।

मंत्रिपरिषद का त्यागपत्र, सदन भंग और संसदीय दल के नेता का चयन: जानिए कैसे बनेगी सरकार

इस बैठक में औपराचिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नेता चुना जाएगा। इसके अलावा आज ही बीजेपी संसदीय दल की भी बैठक होनी है।

NDA की बैठक कल, नरेंद्र मोदी को चुना जाएगा संसदीय दल का नेता

इस बैठक में भी नरेंद्र मोदी को एनडीए का नेता चुना जाएगा। इसके बाद मंत्रिमंडल गठन और पोर्टफोलियो को लेकर अमित शाह कल और परसो अलग-अलग एनडीए सहयोगियों के साथ भी विचार विमर्श करेंगे।

निचले तबके के लिए अभिजात्यों की घृणा बनाती है नरेंद्र मोदी को महामानव

"तुमने जिस ख़ून को मक़्तल में दबाना चाहा, आज वह कूचा-ओ-बाज़ार में आ निकला है। कहीं शोला, कहीं नारा, कहीं पत्थर बनकर" शायर साहिर लुधियानवी ने ये पंक्तियाँ 23 मई 2019 की सुबह को ध्यान में रखकर नहीं लिखी थीं। ये पंक्तियाँ लिखी जा चुकी हैं, ठीक उसी तरह जिस तरह नरेंद्र मोदी को एक बार फिर देश ने सर आँखों पर बिठा लिया है।

मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने 57% से अधिक सीटें ग्रामीण इलाकों में जीती हैं

बीते पाँच सालों में भाजपा द्वारा ग्रामीण लोगों के लिए लागू की गई योजनाओं ने उन्हें ग्रामीणों के बीच लोकप्रिय बनाया।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें