राहुल गाँधी की बहन प्रियंका वाड्रा गाँधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि आज प्रधानमंत्री जी के भाई इस बात पर धरने पर बैठे हैं कि उन्हें एस्कॉर्ट गाड़ी चाहिए, यह कितना उचित है? क्या यह नामदार हैं या कामदार? प्रधानमंत्री जी इन्हीं अच्छे दिनों की चर्चा किया करते थे?
मीडिया गिरोह या अधिकांश विरोधियों की टिप्पणी ऐसे छद्म विशेषज्ञों की बेवकूफी का प्रमाण है। बादल विभिन्न तरीकों से रडार प्रणाली के कई पहलुओं को प्रभावित करते हैं और एक कुत्ते के साथ एक तस्वीर को ट्वीट करने से तथ्य बदलने वाला नहीं है।
मणिशंकर अय्यर ने एक लेख में मोदी की रैलियों और उनके बयानों का हवाला देते हुए कहा, "याद है 2017 में मैंने मोदी को क्या कहा था?" अपने लेख में अय्यर ने पूछा कि क्या उनकी भविष्यवाणी सही नहीं थी?
"वो दूसरों की पत्नियों व बहनों की इज़्ज़त कैसे कर सकते हैं, जब उन्होंने राजनीतिक फ़ायदे के लिए ख़ुद की ही पत्नी को छोड़ दिया। मुझे तो यह भी पता चला है कि भाजपा में ख़ासकर विवाहित महिलाएँ अपने पतियों को पीएम मोदी के नजदीक जाते देख कर यह सोचते हुए काफ़ी घबराई रहती हैं।"
“मोदी की छवि दिल्ली के खान मार्किट गैंग ने नहीं बनाई है... 45 साल की मोदी की तपस्या ने बनाई है। अच्छी है या बुरी, इसे आप नष्ट नहीं कर सकते। एक आदमी की छवि पर चोर-चोर-चोर-चोर-चोर के सहारे चोट किया जा रहा है, आपको उस पर कोई आपत्ति नहीं है!”
"वो बम-बंदूक लेकर सामने खड़ा है, क्या वहाँ मेरा जवान चुनाव आयोग की परमिशन लेने जाए कि मैं इसके गोली मारूँ या ना मारूँ? कश्मीर में जब से हम आए हैं, हर दूसरे-तीसरे दिन सफ़ाई होती रहती है। ये सफाई अभियान मेरा काम है भाई।"
दर्शन के उपरांत पत्रकारों ने उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री और उनके ससुर राजीव गाँधी पर लगाए गए आरोपों के बारे में पूछा। इस पर वाड्रा जवाब देते हुए कहा कि मंदिर में राजनीतिक बातें नहीं की जानी चाहिए
जो मीडिया और क्रांतिजीव 5 साल तक मोदी की विदेश यात्राओं का लेखा-जोखा करते रहे, उन्हें नेहरू से लेकर राजीव गाँधी के भ्रमणों से रूबरू होना चाहिए, ताकि वो उसकी समीक्षा कर के बता सकें कि मिस्ट्रेसीकरण और ससुरालीकरण उनकी किसी विदेश नीति का हिस्सा थे?
2014 से पहले के कई वीडियो का उपयोग करके, जब पीएम मोदी सत्ता में नहीं थे, कामरा जैसे 'नफरती चिंटू' ने देश में मोदी सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार और झूठ के प्रसार का ही काम किया है।
भाजपा नेता एवं ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) कुशाल ठाकुर ने कहा कि मोदी का टाइगर हिल का दौरा करना राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर उस वक्त की उनकी चिंता को दर्शाता है, जब वह किसी भी आधिकारिक पद पर नहीं थे।