मेरठ में शनिवार को पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम शहर के जली कोठी को सील कराने के लिए पहुँची थी। इस बीच लोगों ने इसका विरोध करते हुए पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था। इस दौरान हुए पथराव में सिटी मजिस्ट्रेट और एक दरोगा घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मस्जिद के मुतवल्ली समेत आठ लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की थी।
पुलिस को मथुरा के भीमनगर में लॉकडाउन के उल्लंघन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किए जाने की सूचना मिली थी। पुलिस पहुॅंची तो देखा कि न केवल दुकानें खुली हुई थीं, बल्कि लोग खुले में ताश खेल रहे थे। मना करने पर वहाँ मौजूद कुछ लोगों ने पथराव शुरू किया था।
“मैंने पंजाब के डीजीपी से अनुरोध किया है कि 2 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल की जाए। 10 दिनों के भीतर ट्रायल पूरा किया जाए। आरोपित को आजीवन कारावास दिया जाना चाहिए। इससे पूरे देश में एक संदेश जाएगा।”
पुलिस पर हमले के बाद ये लोग गुरुद्वारे में छिप गए थे। अंदर से गोलीबारी भी की। पुलिसवालों को वहाँ से चले जाने के लिए कहा। गालियाँ और धमकी दी। बाद में कमांडो टीम ने गुरुद्वारे से 7 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि हमले में ASI हरजीत सिंह का हाथ कट गया। इसके बाद उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई में एडमिट कराया गया है। हमले में कई अन्य पुलिसकर्मी और मंडी बोर्ड के अधिकारी घायल हुए हैं।
बडगाम जिले के वाथुरा गाँव पहुॅंची मेडिकल टीम ने जब एक संदिग्ध से ट्रेवल हिस्ट्री को लेकर पूछताछ की तो उसके परिजनों ने उन्हें बंधक बना लिया। पुलिस जब इन्हें छुड़ाने के लिए पहुॅंची तो भीड़ ने उस पर भी पथराव कर दिया।
इस मामले का एक वीडियो पत्रकार रविन्द्र सिंह रॉबिन ने अपने ट्विटर पर शेयर किया है। मस्जिद में हो रही नमाज को लेकर जब पुलिस ने विरोध किया तो लोगों ने अचानक से पुलिस टीम पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इस दौरान पुलिस को घरों में घुसकर अपनी जान बचानी पड़ी।
जमातियों के एक जगह पर एकत्र होने की सूचना पर पहुँचे दो सिपाहियों को पीटने के बाद करीब 200 लोग एकत्र हो गए और पुलिस चौकी पर हमला कर दिया। भीड़ ने पुलिस चौकी को फूँकने का भी प्रयास किया।
हमलावरों की पहचान की जा रही है। उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया गया है। ड्रोन की मदद से छतों की निगरानी की जा रही है। पुलिस के आला अधिकारियों ने कहा है कि लॉकडाउन तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बेंगलुरु में कोरोना वायरस से जुड़ा डेटा कलेक्ट करने गई एक आशा कार्यकर्ता पर लोगों ने हमला कर दिया। कार्यकर्ता कृष्णावेनी का आरोप है कि एक मस्जिद से लोगों को भड़काया गया और इसके बाद उन पर हमला किया गया।