महात्मा गाँधी पूरे देश में शराब पर प्रतिबन्ध की वकालत करते रहे थे। गाँधी जी का कहना था कि अल्कोहल लेने के बाद व्यक्ति किसी जानवर की तरह हो जाता है और वो अपनी पत्नी और बहन में भी फ़र्क़ महसूस करने में विफल होता है। इसीलिए, यह ग़लत है।
विवाद के बाद निधि ने कहा कि जो उनकी टाइमलाइन को 2011 से फॉलो कर रहे हैं, उन्हें पता है कि वो गाँधीजी की कितनी इज्ज़त करती हैं और उनके लिए कभी अपमानजनक शब्दों का प्रयोग नहीं कर सकतीं। निधि ने कहा कि उन्होंने यह ट्वीट इसीलिए डिलीट की क्योंकि कुछ लोगों को यह अच्छा नहीं लगा।
टैगोर लगातार अपने लेखन में महात्मा गाँधी की देशभक्ति की आलोचना करते नजर आते थे। उन्होंने लिखा कि किस तरह से कुछ लोगों के लिए यह उनकी आजीविका है, उसी तरह से कुछ लोगों के लिए राजनीति है, जहाँ वो अपने देशभक्ति की विचारधारा का व्यापार करते हैं।
अच्छे लोग जैश-ए-मोहम्मद को पनाह देने वाले इमरान खान में statesmanship देख लेते हैं। 100 लोगों का पोस्ट पढ़कर उन्हें पूरा हिन्दुस्तान खून का प्यासा दिखने लगता है और पाकिस्तान के 2 पोस्ट पढ़कर शान्ति की जन्मभूमि। अच्छे लोग...
पूजा ने महात्मा गाँधी के पुतले पर खिलौने वाली पिस्टल (एयर पिस्टल) से तीन गोलियाँ चलाई थीं। इस दौरान वहाँ खड़े लोगों ने 'गोडसे जिंदाबाद' के नारे भी लगाए और गाँधीजी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल भी किया था।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अतिरिक्त यदि कोई इस बँटवारे का प्रखर विरोधी था तो वो गाँधी थे। मुस्लिम लीग की ज़िद के आगे कॉन्ग्रेस ने घुटने टेक दिए थे, न कि गाँधी ने।