Wednesday, July 28, 2021

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शिक्षा

होमवर्क बनाम गृहकार्य में नहीं उलझती हैं अब लड़कियाँ… वो टॉप करती हैं और हेडलाइन बनती हैं

बात सिर्फ़ उन लड़कियों तक सीमित नहीं, जिन्होंने 500 में से 499 अंक लाकर किसी लड़के को पछाड़ा है। बात उन सभी लड़कियों की, जिन्होंने सामाजिक और परिवारिक जद्दोजहद के बावजूद अकादमिक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखा और उस सपने को पूरा करने के लिए अपना एक-एक पल झोंक दिया।

7 दिन में 18 छात्रों ने की खुदकुशी: निजी कंपनी की गलती ने किया 3.28 लाख छात्रों को फेल

बुधवार को अभिभावकों और छात्रों के विरोध प्रदर्शन ने उस समय ज़ोर पकड़ा जब जी नव्या (G Navya) नाम की एक छात्रा को तेलगू विषय में शून्य अंक प्राप्त हुए, लेकिन जब दोबारा मूल्याँकन किया गया तो उस छात्रा ने 99 अंक प्राप्त किए।

JMI को मिली पहली महिला कुलपति: दिल्ली में किसी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय में भी पहली

नई दिल्ली स्थित एनआईईपीए में प्रोफेसर नजमा अख्तर को 5 साल के लिए जामिया मिलिया इस्लामिया का कुलपति नियुक्त किया है।

12वीं के बाद BEST: क्या पढ़ें, कहाँ पढ़ें – सरकार ने जारी कर दिया है ऑथेंटिक डाटा, एडमिशन से पहले ध्यान दें

विश्वविद्यालयों की सूची में जेएनयू को NIRF की रैंकिंग के अनुसार देश का दूसरा सबसे बेहतरीन विश्वविद्यालय बताया गया है। इस कैटिगरी में पहले स्थान पर बंगलुरू स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस है। इसी कैटिगरी में जामिया मिलिया को 12वाँ और दिल्ली विश्वविद्यालय को 13वाँ स्थान मिला।

नई शोधनीति में ‘राष्ट्रहित’ की अनुशंसा पर ये बिलबिलाहट क्यों?

ये वैसा ही है जहाँ अवार्ड वापसी गिरोह पुरस्कार की राशि डकार कर मोमेंटो ही वापस करता है और दबाव बनाता है।

विरोध प्रदर्शन की आड़ में JNU के नक्सलियों द्वारा कुलपति की पत्नी पर हमला कहाँ तक उचित है?

आज देश की बड़ी-बड़ी परीक्षाएँ कम्प्यूटर के माध्यम से होती हैं। ऐसे में इस कदम का विरोध करना केवल मूर्खता को दर्शाता है। लेकिन अगर इसके बावजूद किसी पढ़े- लिखे समुदाय की ‘भीड़’ को इससे शिक्षा व्यवस्था में खतरा नज़र आता है, तो हर विरोध प्रदर्शन का एक तरीका होता है।

मदरसों में धाँधली: इतिहास पढ़ा व्यक्ति दे रहा गणित की शिक्षा, उर्दू वाला पढ़ा रहा अंग्रेजी

इन अयोग्य शिक्षकों के नाम पर मदरसा संचालक सरकार से मानदेय भी वसूल रहे हैं। लेकिन विभाग ने जाँच रिपोर्ट आने के बाद भी आज तक कार्रवाई नहीं की है।

पहली महिला डॉक्टर: आनंदी गोपाल ने आज के दिन कहा था दुनिया को अलविदा

आज महिलाओं के लिए आनंदी एक मानक है। उनके संघर्षों और उनके जीवन के अहम बिंदुओं को समय-समय पर याद करते रहना इसलिए भी जरूरी है ताकि शिक्षा को लेकर जागरुकता फैले।

CUSAT के कुलपति को झुकना पड़ा: पहले कहा ‘हम सेक्युलर संस्थान हैं’, फिर सरस्वती पूजा करने की अनुमति प्रदान की

जिस प्रकार की भाषा CUSAT प्रशासन द्वारा प्रयोग की गई उससे यही पता चलता है कि कुलपति द्वारा उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय छात्रों में भेदभाव करने का प्रयास किया गया।

विश्व स्तर पर प्रगति कर रहे भारतीय विश्वविद्यालयः THE

सूची में भारत के भारतीय विज्ञान संस्थान 14वें, जबकि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे 27वें नम्बर पर रहा।

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