आफताब अमीन पूनावाला ने भले श्रद्धा की हत्या करनी कबूली ली है, भले नार्को टेस्ट की इजाजत मिल गई है, लेकिन इससे दिल्ली पुलिस का काम पूरा नहीं हुआ है। जानिए क्या हैं चुनौतियाँ?
आफताब ने 18 मई से करीब एक सप्ताह पहले ही श्रद्धा की हत्या का फैसला कर लिया था। लेकिन उस दिन अचानक से श्रद्धा इमोशनल हो रोने लगी। इसके बाद आफताब ने किसी और दिन उसे मारने का फैसला किया।
दलित श्रद्धा वाकर की हत्या का खुलासा 8 नवंबर 2022 को उसके पिता द्वारा दिल्ली के महरौली थाने में FIR दर्ज करवाने के बाद हुई। शिकायत में श्रद्धा के पिता ने बताया है कि उन्होंने बेटी को खुद के हिन्दू होने की दुहाई दी थी।