इस मामले में पिछले हफ्ते 3 अधिकारियों को समन भेजा गया था। लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें भेजने से मना कर दिया। इसके बाद मंत्रालय ने उन्हें सेंट्रल डेप्युटेशन पर बुलाया।
पत्र में कहा गया है कि अल्पसंख्यक क्षेत्रों में महिला मतदाताएँ सामान्य तौर पर बुर्का पहनकर वोट देने आती हैं। ऐसे में उन्हें बूथ में प्रवेश की अनुमति देने से पहले उनकी पहचान कर पाना सीपीएफ जवानों के लिए संभव नहीं होता।