गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि राज्य में जबरन धर्म परिवर्तन के लिए सख्त कानून की जरूरत है। यह घोषणा विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान की।
3 में सें 2 विधायकों ने विधायी शाखा का विलय किया है। इसका अर्थ यह हुआ कि वे दल-बदल विरोधी कानून के दायरे में आने से बच गए हैं। क्योंकि इस कानून के तहत यह अनिवार्य है कि विलय के लिए दो तिहाई सदस्यों की सहमति हो।
5 मतों के अंतर से प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने विश्वासमत हासिल कर लिया। प्रमोद सावंत को भाजपा के 11, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) के 3, गोवा फॉरवॉर्ड पार्टी (GFP) एवं 3 निर्दलीय का भी समर्थन मिला।