इस जंग में भारतीय वायु सेना ने अपने शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन किया था। इस सीन रीक्रिएशन के मौके पर वायु सेना के एक अधिकारी का कहना है, "करगिल संघर्ष ऊँचाई की परिस्थितियों में युद्ध में वायु शक्ति के उपयोग का एक अनुकरणीय अनुभव प्रदान करता है।"
लिपो गाँव के घने जंगलों में AN-32 विमान का मलबा मिला था, इसके बाद वायु सेना द्वारा इसकी तस्वीरें जारी कर दी थी। जारी की गई तस्वीरों में स्पष्ट नज़र आता था कि जिस जगह AN-32 का मलबा था वहाँ आसपास के पेड़ जले हुए थे।
टी यूबी भी बयोर पर्वत के चप्पे-चप्पे से परिचित हैं और इन जंगलों में अक्सर शिकार करते रहने के कारण उन्हें इसकी दुर्गमता के पूरा अनुभव है। 40 वर्षीय यूबी को स्थानीय अधिकारियों ने 15 किलो चावल और कई अन्य चीजें देकर इस विमान का पता लगाने को कहा।
फ्लाइंग ऑफ़िसर नवीन कुमार रेड्डी को वायु सेना अकादमी के इस बैच में स्वॉर्ड ऑफ ऑनर मिला। आपको बता दें कि यह सम्मान उस कैडेट को दिया जाता है जिसने पूरी ट्रेनिंग के दौरान हर क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया हो।
कमांडो निराला की बहन की शादी के लिए गरुड़ कमांडो यूनिट ने आपस में चंदा कर ₹5 लाख इकठ्ठा किए थे। यही नहीं, शादी की रस्म पूरी करने के लिए कमांडोज़ ने शादी में शिरकत भी की।
वायुसेना ने वीरगति को प्राप्त सभी यात्रियों को श्रद्धांजलि दी है। इस विमान में जीएम चार्ल्स, एच विनोद, आर थापा, ए तंवर, एस मोहंती, एमके गर्ग, केके मिश्रा, अनूप कुमार, शेरिन, एसके सिंह, पंकज, पुताली और राजेश कुमार सवार थे। ऑपइंडिया की ओर से सभी जवानों को श्रद्धांजलि!
BBC की 'चुप्पी' का मतलब तो यही निकलता है कि मलबा मिलते ही वायुसेना के अधिकारियों को तुरंत अपने घर से निकलकर मोटरसाइकिल में किक मार के हादसे वाली जगह तक दौड़ जाना चाहिए था।
वायुसेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जिस इलाके में खोज की जा रही थी वहाँ IAF Mi-17 हेलीकॉप्टर द्वारा अनुमानित An32 के मलबे को आज 16 किलोमीटर उत्तर में लगभग 12000 फीट की ऊँचाई पर देखा गया।
एंकर पूछता है कि कहीं इस विमान का गायब होना किसी पड़ोसी ग्रह की साजिश तो नहीं। "क्या एलियन इंसानों के साथ लुका-छिपी खेल रहे हैं? अगर विमान (AN-32) इसी दुनिया में है तो उसका कोई अता-पता क्यों नहीं?"