ओवैसी के ये सारे आरोप महज राजनीति से ही प्रेरित नजर आते हैं क्योंकि प्रधामंत्री कार्यालय की तरफ से इस संदर्भ में जो प्रेस रिलीज जारी की गई है, उसमें यह स्पष्ट तौर पर रेखांकित है कि प्रधामंत्री इस विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली मीटिंग में सिर्फ उन्हीं राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स से बात करेंगे, जिनके सदस्यों की संख्या दोनों सदनों में मिलाकर कम से कम 5 है।
"भारत में लॉकडाउन को उस समय पूरी तरह से लागू कर दिया गया था, जब भारत में बहुत कम कोरोना के मामले सामने आए थे। इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि निश्चित तौर पर यह भारत सरकार का दूरगामी फैसला था। यही कारण है कि इतनी बड़ी आबादी वाले देश में यह महामारी तेजी से नहीं फैल सकी। सरकार का यह एक साहसिक फैसला है।"
तीन दिन से भूखी इन बच्चियों ने काेविड-19 के लिए जारी केंद्र सरकार की हेल्प डेस्क 1800118797 पर फोन कर अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दी। और जैसे चमत्कार ही हो गया। एक घंटे भीतर ही इन बच्चियों के पास अधिकारी भोजन लिए दौड़े-दौड़े आए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने यह भी बताया कि बीते दो दिनों में ही अब तक तबलीगी जमात के सदस्यों की वजह से 647 कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं जो देश के 14 राज्यों में फैले हुए हैं। इसके अलावा पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के कारण हुई 12 मौतों में से भी कई तबलीगी जमात से जुड़े हुए हैं।
बीजेपी के एक सीनियर नेता ने PM CARES पर कॉन्ग्रेस के विरोध को खुद के स्वार्थों से प्रेरित बताते हुए कहा कि वे सिर्फ इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकी PM CARES में PMNRF की भाँति कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को जगह नहीं दी गई है। बीजेपी नेता ने आगे कहा, " इस फंड में बीजेपी से भी कोई नहीं है- ट्रस्ट में जो भी लोग हैं वो सरकार में अपनी पोजीशन की वजह से हैं।"
"सभी राज्यों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अलग से अस्पताल की व्यवस्था हो। इलाज करने वाले डॉक्टरों की सुरक्षा के उपाय किए जाएँ। COVID-19 के उपचार के संबंध में डॉक्टरों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग की सुविधा भी प्रदान की जाए।"
राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 15 मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करना इस समिति की जिम्मेदारी होगी। देश के सभी जनपदों को कवर करते हुए प्रत्येक कैबिनेट मंत्री को न्यूनतम 15 जनपदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पूरी दुनिया में जानलेवा कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या अब बढ़कर पाँच लाख से अधिक हो गई है जिसमें से 22,000 के ज्यादा लोग इस महामारी के कारण जान गँवा चुके हैं।
राहत पैकेज की तुलना से पहले यह ध्यान रखना जरूरी है कि अन्य देशों ने व्यापक स्तर पर नुकसान देख ऐसी घोषणा की है। वहीं भारत ने स्थिति हाथ से निकलने से पहले एक कल्याणकारी पैकेज की घोषणा की है। आगे मुमकिन है कि सरकार अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसी पैकेज की घोषणा करे।
"भारत में घर में रहना सबसे अच्छा है लेकिन घर में रहने के लिए लोगों को पैसे और खाने की जरूरत होगी। हमें न सिर्फ 21 दिनों के लिए सोचना और प्लान करना चाहिए बल्कि उसके अगले कुछ हफ्तों की भी योजना होनी चाहिए।"