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सुप्रीम कोर्ट

निर्भया केस: फाँसी पर लटकने का इंतजार कर रहे अक्षय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की पुनर्विचार याचिका

रिव्यू पिटिशन से पहले 29 अक्टूबर 2019 को जेल प्रशासन ने सभी कानूनी रास्ते बंद हो जाने पर दोषियों को राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजने के लिए सात दिन का वक़्त दिया था। इनमें से केवल विनय शर्मा ने ही इसके लिए अर्जी दाखिल की थी।

बलात्कारी कहकर गोली मारने Vs न्यायिक प्रक्रिया के त्वरित होने Vs ‘बनाना रिपब्लिक’ में फर्क होता है

अगर सिर्फ आरोप के आधार पर किसी को बलात्कारी कहकर गोली मारने का जोश थोड़ा कम हो गया हो तो सोचिएगा। न्यायिक प्रक्रिया के त्वरित होने, और ‘बनाना रिपब्लिक’ होने में फर्क तो होता है ना?

‘क़यामत तक बाबरी मस्जिद वहीं रहेगी, वो मस्जिद थी, मस्जिद है… मस्जिद ही रहेगी’ – ओवैसी की SC को धमकी!

"रिव्यू पिटिशन पर जो भी फ़ैसला होगा, वो चाहे हमारे हक़ में आए या न आए, हमको वो फ़ैसला भी क़बूल है। लेकिन, यह भी एक हक़ीक़त है कि क़यामत तक बाबरी मस्जिद जहाँ थी, वहीं रहेगी। चाहे वहाँ पर कुछ भी बन जाए। वो मस्जिद थी, मस्जिद है... मस्जिद ही रहेगी।"

महिलाओं की पुकार सुने जुडिशरी: RS प्रसाद की सलाह के बाद बोले CJI बोबडे- न्याय तुरंत नहीं हो सकता

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि न्याय त्वरित रूप से किया जा सकता है या फिर ऐसा होना चाहिए। जस्टिस बोबडे ने कहा कि न्यायिक सुधार की प्रक्रिया जुडिशरी ख़ुद करेगी और इसे सार्वजनिक रूप से करना है या नहीं, इसपर बहस हो सकती है।

पीस पार्टी, जमीयत, मिस्बाहुद्दीन समेत अयोध्या मामले में कई याचिकाएँ दायर कर रहा मुस्लिम पक्ष

मुस्लिम पक्षकारों में सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड ने आगे क़ानूनी लड़ाई लड़ने से कदम पीछे खींच लिए हैं। इक़बाल अंसारी ने भी कोई क़ानूनी कदम उठाने से इंकार कर दिया है।

अयोध्या में मस्जिद के लिए 5 एकड़ क्यों: SC में याचिका दाखिल करेगी हिन्दू महासभा

अखिल भारत हिन्दू महासभा ने बाबरी मस्जिद ध्वंस के एवज में मुआवजे के रूप में मुस्लिम पक्ष को मिल रही 5 एकड़ ज़मीन के खिलाफ याचिका दायर करने जा रही है। इस आदेश पर आपत्ति जताते हुए महासभा अदालत से इस आदेश पर पुनर्विचार करने के लिए कहेगी।

राहुल गाँधी के ‘तमगे’: सुप्रीम कोर्ट की फटकार, नेशनल हेराल्ड घोटाला और झूठा प्रलाप

चाहे झूठ बोलना हो या फिर गबन का मामला। ये न केवल कानूनी रूप से गलत हैं, बल्कि नैतिक और सामाजिक तौर पर भी ये गुनाह ही माने जाते हैं। इन तमगों के लिए राहुल गॉंधी को सार्वजनिक तौर पर वैसे ही माफी मॉंगना चाहिए जैसे सुप्रीम कोर्ट से मॉंगी थी।

चिदंबरम का बेल होगा कैंसल? कोर्ट ने मना किया था फिर भी कर रहे प्रेस कॉन्फ्रेंस

शर्त जो कोर्ट ने चिदंबरम के बेल के लिए रखी थी, वो है - (i) इस संबंध (केस) में प्रेस को ब्रीफ नहीं करेंगे। (ii) मामले से जुड़े गवाहों से संपर्क करने की कोशिश नहीं करेंगे। (iii) कोर्ट की इजाजत के बगैर विदेश नहीं जा सकते (iv) 2 लाख रुपए का निजी मुचलका भरना होगा।

INX मीडिया केस: तिहाड़ से बाहर आएँगे चिदंबरम, 21 अगस्त को हुई थी गिरफ्तारी

अदालत ने कहा है कि बाहर निकलने के बाद चिदंबरम गवाहों से संपर्क करने की कोशिश नहीं करेंगे। कोर्ट की इजाजत के बगैर विदेश नहीं जाएँगे। इस मामले को लेकर मीडिया से बात करने पर भी पाबंदी लगाई गई है।

‘नफ़रत के बीज बोने के लिए उठाया है राम मंदिर फैसले को चुनौती देने का कदम’

इसके अलावा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी सोमवार को पुनर्विचार याचिका दायर कर सकता है। बोर्ड के सचिव जीलानी ने इस आशय से जानकारी मीडिया को दी थी।

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