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जब-जब केजरीवाल पर ‘थप्‍पड़’ पड़ा, आम आदमी पार्टी का चंदा बढ़ा, कहीं ये पब्लिसिटी स्टंट तो नहीं?

कारण जो भी हो पर, लोकतंत्र में जनता अपने नेता से कितनी भी नाराज क्यों न हो, फिर भी इस तरह से शारीरिक हिंसा पर उतर आना घोर निंदनीय है। अगर कोई पार्टी वास्तव में इसे पब्लिसिटी या चंदे का साधन बना कर प्रयोग कर रही है तो ये भी लोकतान्त्रिक व्यस्था का मजाक बनाना ही है।

आख़िरकार केजरीवाल को मिला हाथ का साथ, आपियों में खुशी की लहर

सूत्रों का तो ये भी कहना है कि जब भी केजरीवाल को कहीं पर थप्पड़ या घूँसा पड़ता है, तब-तब आम आदमी पार्टी के चंदों में व्यापक उछाल आता है। भारत को अंग्रेजों से आजाद करवाने के लिए महात्मा गाँधी ने अनशन का मार्ग चुना था और संत केजरीवाल ने मोदी के चंगुल से देश को छुड़ाने के लिए अगर अपनी कुटाई करवाने का मार्ग चुना है तो इसमें बुराई है क्या?

अरविन्द केजरीवाल को फिर पड़ा रोड शो में जोर का लप्पड़, AAP कार्यकर्ताओं ने की युवक की पिटाई

पार्टी कार्यकर्ताओं का कानून अपने हाथ में लेकर आक्रोशित युवक की पिटाई करना भी उतना ही निंदनीय है। ये घटना केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेताओं के सामने हुई इसलिए और भी निंदनीय है।

‘इस्लाम कुबूल करता तो माँ मुझे मार ही डालती, झूठ बोल रहे हैं केजरीवाल’: हंसराज हंस

AAP के राजेंद्र पाल गौतम ने कहा था कि भाजपा प्रत्याशी हंसराज हंस 20 फरवरी 2014 को धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कबूल कर चुके हैं। गौतम के अनुसार इस संबंध में देश के कई प्रतिष्ठित अखबारों में खबर छपी थी और मीडिया चैनल पर इस संबंध में स्टोरी भी चलाई गई थीं।

केजरीवाल के दावे के 7 घंटे के भीतर AAP विधायक BJP में शामिल

केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता विजय गोयल ने केजरीवाल पर कटाक्ष करने का फैसला किया और उन्होंने यह दावा किया कि AAP के 14 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं जो भाजपा में शामिल होने के इच्छुक हैं।

14 AAP विधायक छोड़ सकते हैं पार्टी: BJP नेता विजय गोयल से केजरीवाल की नोकझोंक

केजरीवाल के आरोप का जवाब देते हुए विजय गोयल ने यह दावा किया है कि आप के 7 नहीं, बल्कि 14 विधायक उनके संपर्क में हैं। उनका कहना है कि आप पार्टी के भीतर घुटन का माहौल है, जिसकी वजह से पार्टी के नेता पार्टी से किनारा कर रहे हैं।

‘AAP’, वादे और धोखा: केजरीवाल के शिक्षा और स्वास्थ्य के दावों का कड़वा सच

केजरीवाल ने यदि अपने वादों का आधा हिस्सा भी पूरा किया जाता तो भले पूरी दिल्ली की सूरत नहीं बदलती कम से कम दिल्ली की जनता के जीवन स्तर में बहुत हद तक सुधार हो सकता था। लेकिन उनको मैनिफेस्टो में किए गए वादे पूरे करने ही नहीं थे, उन्हें तो केवल राजनीति चमकानी थी।

20 बड़े वादे जिन्हें पूरा करने में नाकाम रही केजरीवाल सरकार, क्या कहा और क्या किया

2015 के 20 बड़े वादे। 2019 में वास्तविकता की पड़ताल करने पर हमें मिली वादाख़िलाफ़ी की 20 दास्तान। क्या कहा, क्या किया और कैसे पलट गए केजरीवाल! PPRC की रिसर्च रिपोर्ट की प्रमुख बातें, अन्य मीडिया रिपोर्टों के सबूत के साथ। लोकपाल बिल से लेकर पानी, बिजली और शिक्षा तक, सब कुछ।

70 वादों में से 67 में फेल हुई दिल्ली सरकार, PPRC की रिसर्च रिपोर्ट ने दिखाया केजरीवाल को आईना

AAP ने 20 नए डिग्री कॉलेजों के निर्माण का वादा किया था लेकिन अब तक एक पर भी काम शुरू नहीं कराया जा सका है। जितने शिक्षकों की ज़रुरत थी, उससे आधे से भी कम पदों पर नियुक्तियाँ की गई हैं। फ्री वाई-फाई सर्विस से लेकर सीसीटीवी योजना सब की हालत पंक्चर है।

भाजपा को हराने के लिए डाल आओ महागठबंधन के गुंडे को भी वोट: आप नेता

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल राहुल गाँधी से गठबंधन के लिए मनुहार करने से लेकर लालू यादव के गले लगने तक सब कर चुके हैं।

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