पार्टी द्वारा जारी की गई प्रेस रिलीज के अनुसार, दलसागर खेल मैदान में आयोजित मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली में तैयारियों की घोर कमी रही, साथ ही समन्वय का भी अभाव रहा।
कॉन्ग्रेस ने AJL को 90 करोड़ रुपए का ऋण दे रखा था, जिसे मात्र 50 लाख रुपए में सेटल करते हुए YIL ने संस्था के 2000 करोड़ रुपए की संपत्तियों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया।