दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्तुत आँकड़ों के अनुसार, कई निजी अस्पतालों के अलावा, 8451 सरकारी अस्पतालों में 1,451 कोविड-19 रोगियों का इलाज किया जा रहा है। इनमें से 49 रोगियों की गहन देखभाल की जा रही है, जबकि 5 वेंटिलेटर पर हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन अस्पतालों की निगरानी की कुल क्षमता 2,406 है।
आदेश में कहा गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लॉकडाउन के कारण असाधारण परिस्थितियाँ पैदा हुई हैं। लिहाजा शैक्षिक सत्र को नियमित करने के लिए विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया जाए।
जाँच कर रही टीम को तबलीगी जमात के कई सदस्यों ने बताया कि उन्हें मार्च के मध्य में अलमी मरकज बंगलेवाली मस्जिद के मजहबी कार्यक्रम में भाग लेने से पहले उन्हें ठहरने, भोजन और अन्य खर्चों के लिए भुगतान किया गया था।
महिला एक कोरोना पॉजिटिव शख्स के संपर्क में आई थी, जिसके बाद उसे अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। लेकिन अचानक यह महिला वार्ड में अस्पताल कर्मचारियों को छूने लगी, उनके गले पड़ने लगी। महिला की इस हरकत से वहाँ अफरा-तफरी की स्थिति हो गई।
राज्य के सभी सरकारी, गैर सरकारी कार्यालय एवं परिसर, सभी स्वास्थ्य संस्थान, सभी शैक्षणिक संस्थान, थाना परिसर आदि में किसी भी प्रकार का तंबाकू पदार्थ, सिगरेट, खैनी, गुटखा, पान मसाला, जर्दा आदि के उपयोग को पूर्णत: प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया गया है।
महाराष्ट्र के मुंबई में कस्तूरबा हॉस्पिटल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उनके खिलाफ यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने अस्पताल के अंदर PPE (Personal Protection Equipment) की कमी को उजागर किया।
गली में कई दरवाजों के बाहर 10 रुपए के नोट और कागज के कुछ टुकड़े बिखरे पड़े मिले। जिन पर लिखा था, “मैं कोरोना हूँ, पूरे मोहल्ले में फैलाऊँगा।” ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी नोटों और कागज के टुकड़ों को सुरक्षित तरीके से जब्त कर लिया।
वो ऐसा कर के न सिर्फ़ ज़रूरतमंदों का हक़ मार रहे हैं बल्कि संवेदनहीनता का परिचय भी दे रहे हैं। हम बात कर रहे हैं ऐसे लोगों की, जो अपने घर में पर्याप्त राशन होते हुए भी प्रशासन के सामने झूठ बोल कर फायदा उठाना चाहते हैं।
लॉकडाउन से गरीबों की रोजी-रोटी पर आए संकट को देखते हुए मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार अब अप्रैल से जून तक का राशन भी नि:शुल्क देगी। आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए सरकार कुछ उद्योगों को काम शुरू करने की शर्तों के साथ छूट दे सकती है। दवा, खाद्य प्रसंस्करण, बेकरी, ईंट-भट्टे और निर्माण उद्योग के लिए रोडमैप तैयार किया जा चुका है।