चश्मदीद शमीम ने दावा किया कि "उनका जबड़ा बाहर निकल गया था।" वहीं, रंग डालने वाले घर की महिलाओं राजकुमारी और मंजू ने कहा कि बच्चों ने रंग डाला, लेकिन कोई हत्या नहीं हुई।
गौतम का कहना है, “2020 में जो हुआ, वो हम भूल नहीं सकते। अगर मस्जिद दो गुनी बड़ी हो गई तो सोचो, कितने लोग यहाँ जमा होंगे। ये हमारे लिए खतरे की घंटी है।”