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‘लोकतंत्र की हत्या करने वाले कूड़ेदान में…’ – आपातकाल के बाद अटल बिहारी वाजपेयी का रामलीला मैदान वाला भाषण

"देश में जो कुछ हुआ, उसे केवल चुनाव नहीं कह सकते हैं। एक शांतिपूर्ण क्रांति हुई है, लोक शक्ति की लहर ने लोकतंत्र की हत्या करने वालों को..."

इंदिरा गाँधी बाबर की कब्र पर गईं, सिर झुकाया और बोलीं – ‘मैंने इतिहास को महसूस किया…’

वो बाबर के मकबरे की ओर चल दिए। वे मकबरे के सामने खड़ी हुईं और हल्का सा सिर झुकाया। बाद में वे बोलीं - "मैं इतिहास को महसूस कर रही थी।"

सर्जरी कराने गए CM, कुर्सी पर बैठ गया कॉन्ग्रेसी प्यादा: नेहरू से सोनिया तक सबने राज्यपाल को बनाया कठपुतली

पर्दे के पीछे से सत्ता हथियाने के लिए राज्यपाल का इस्तेमाल कॉन्ग्रेस ने पहले चुनावों के बाद ही शुरू कर दिया था। ऐसी 7 घटनाओं पर एक नजर।

फ्रांस के पिघलते ग्लेशियर से मिले 1966 के भारतीय अखबार, इंदिरा गाँधी की जीत का है जिक्र

पश्चिमी यूरोप में मोंट ब्लैंक पर्वत श्रृंखला पर पिघलते फ्रांसीसी बोसन्स ग्लेशियरों से 1966 में इंदिरा गाँधी की चुनावी विजय की सुर्खियों वाले भारतीय अखबार बरामद हुए हैं।

UP के देवेंद्र और भोला पांडे: इंदिरा गाँधी के लिए विमान अगवा किया तो कॉन्ग्रेस ने बना दिया MP-MLA

देवेंद्र और भोला पांडे ने जिस विमान को अगवा किया उसमें 132 लोग सवार थे। उसे दिल्ली की जगह वाराणसी ले गए और इंदिरा गॉंधी की रिहाई मॉंगी।

सूटकेसों में भरकर इंदिरा गाँधी को पैसा भेजा करते थे कम्युनिस्ट, राजीव के दौर में भी विदेश से आता था माल

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी, चीनी पैसा। कॉन्ग्रेस में यह संस्कृति नई नहीं है। इंदिरा गाँधी के जमाने से ही इसके चलन बनने के तथ्य सार्वजनिक हैं। राजीव से होते हुए यह सोनिया-राहुल-प्रियंका की कॉन्ग्रेस तक पहुँची है।

‘राष्ट्रपति जी ने आपातकाल की घोषणा की है, लोगों को डरने की जरूरत नहीं’ – यूँ शुरू हुआ था दमन का दौर

"गरीबी हटाने" वाली इंदिरा ने लोकतंत्र हटा दिया। आपातकाल इंदिरा गाँधी ने अपनी गद्दी बचाने को सत्ता मोह में लगाया l 'इंदिरा इज इंडिया' को...

‘अन्नपूर्णा योजना’ अब ‘इंदिरा रसोई’: अशोक गहलोत ने BJP सरकार की योजनाओं को किया इंदिरा-राजीव के नाम

अशोक गहलोत सरकार ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की 'अन्नपूर्णा रसोई' का नाम बदलकर ‘इंदिरा रसोई योजना’ कर दिया है। साथ ही, कुछ और पुरानी योजनाओं का भी नाम बदलकर उन्हें राजीव गाँधी के नाम से जारी कर दिया है।

इंदिरा गाँधी अपदस्थ: आज ही के दिन जस्टिस सिन्हा ने ‘फासीवादियों’ के दबाव के बावजूद सुनाया था ऐतिहासिक फैसला

इस कदम ने इंदिरा गाँधी को और भी अधिक निरंकुश बना दिया था। फिर पत्रकारों की गिरफ्तारी से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं के खून से लोकतंत्र के इतिहास का सबसे कलंकित अध्याय लिखा गया।

ऑपरेशन ब्लू स्टार: जब सेना को स्वर्ण मंदिर पर चढ़ाने पड़े टैंक, जिसके कारण मारी गईं इंदिरा गाँधी

लेफ्टिनेंट जनरल केएस बरार को जाना मनीला था, लेकिन कमान मिली ऑपरेशन ब्लू स्टार की जो 6 जून 1984 को खत्म हुआ।

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