कृष्णामूर्ति का कहना है कि वह उधार लेकर मंदिर नहीं बनाना चाहते थे, क्योंकि आने वाली पीढ़ी को उधार वापस करना पड़ता। दान से जुटाए पैसे। दीवाली में प्राण-प्रतिष्ठा।
यह नक्शा ऐसे समय में जारी किया गया जब भारत 9 और 10 सितंबर को आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन की तैयारी में जुटा हुआ है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भी जी-20 सम्मेलन में शामिल होने दिल्ली आ रहे हैं।