Thursday, July 25, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय12 साल के लिए जेल जा सकता है पाकिस्तान का पूर्व क्रिकेटर खालिद लतीफ,...

12 साल के लिए जेल जा सकता है पाकिस्तान का पूर्व क्रिकेटर खालिद लतीफ, नूपुर शर्मा समर्थक डच सांसद की हत्या पर ₹19 लाख देने का किया था ऐलान

गीर्ट वाइल्डर्स ने फितना (Fitna) नाम की एक शॉर्ट फिल्म भी बनाई है। 17 मिनट की इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे कुरान अपने सभी अनुयायियों को घृणा करना सिखाता है। आतंकवाद, मूर्ति पूजा-विरोधी, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, काफिरों के खिलाफ हिंसा, समलैंगिकों से नफरत आदि को इस फिल्म में मीडिया क्लिपिंग्स के जरिए दिखाया गया है।

डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स (Geert Wilders) की हत्या करने के लिए उकसाने वाले पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर खालिद लतीफ (Khalid Latif) को 12 साल की सजा देने की माँग हो रही है। वाइल्डर्स ने पैगंबर मुहम्मद पर कार्टून प्रतियोगिता आयोजित करने का ऐलान किया था। इसके बाद लतीफ ने वाइल्डर्स की हत्या करने वालों को पैसों का ऑफर दिया था। इस मामले में दो सप्ताह बाद सजा सुनाई जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गीर्ट वाइल्डर्स के वकीलों ने कोर्ट में खालिद का नाम लिए बिना कहा है कि साल 2018 में एक वीडियो सामने आया था। वीडियो में पाकिस्तान के मशहूर क्रिकेटर को वाइल्डर्स की हत्या के लिए पैसे देने का वादा करते हुए देखा गया था। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में खालिद लतीफ ने कहा था कि कार्टून प्रतियोगिता आयोजित करने वाले व्यक्ति की हत्या करने वाले को वह 30 लाख पाकिस्तानी रुपए (€21,000 या लगभग 19 लाख भारतीय रुपया) देगा।

सरकारी वकीलों ने अपने लिखित बयान में कहा है कि वह वीडियो बेहद घातक था, क्योंकि इसे उस समय जारी किया था जब नीदरलैंड के सांसद गीर्ट वाइल्डर्स के खिलाफ लोगों में गुस्सा और नफरत थी। वहीं, वाइल्डर्स ने कहा है कि इस्लामवादियों द्वारा दी जा रही धमकियों के चलते आम लोगों की तरह सामान्य जीवन नहीं जी पा रहे हैं।

उन्होंने कहा है कि जो चीजें हर इंसान हर दिन करता है, उसके बारे में वह सोच भी नहीं सकते। न तो वह खुली हवा में आजादी से घूम सकते हैं और न ही अकेले कहीं जा सकते। हालाँकि उन्हें जो सुरक्षा प्रदान की जा रही है, उसके लिए वह आभारी हैं। बता दें कि इस्लाम की आलोचना करने के बाद इस्लामवादियों द्वारा मिल रहीं धमकियों के चलते डच सरकार द्वारा वाइल्डर्स को कड़ी सुरक्षा दी गई है। वह बीते कई वर्षों से 24 घण्टे सुरक्षा घेरे में ही रहते हैं।

कोर्ट में जारी सुनवाई के बीच वाइल्डर्स ने यह भी कहा है कि यदि आरोपित के खिलाफ दोष सिद्ध हो जाता है तो इससे धमकी देने वाले अन्य सभी लोगों को एक शक्तिशाली मैसेज जाएगा। यही नहीं वाइल्डर्स ने खालिद लतीफ पर टिप्पणी करते हुए कहा, “जब तक मैं जीवित हूँ और साँस ले रहा हूँ तुम मुझे नहीं रोक पाओगे। मुझे मारने के लिए पैसे ऑफर करने से मैं चुप नहीं हो सकता।”

गीर्ट वाइल्डर्स ने साल 2018 में इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद पर कार्टून प्रतियोगिता आयोजित करने का ऐलान किया था। इसको लेकर उन्होंने कोर्ट में कहा, “मैंने उस कार्टून प्रतियोगिता के आयोजन का ऐलान इसलिए किया था, क्योंकि साल 2015 में मैं अमेरिका में टेक्सास के गारलैंड शहर गया था। वहाँ मुझे एक कार्टून प्रतियोगिता के विजेता को पुरस्कार देना था, लेकिन उस कार्यक्रम के दौरान आतंकी हमला हो गया। अमेरिकी पुलिस ने दोनों आतंकियों को मौके पर ही मार गिराया था। लेकिन, यह सब मेरे साथ पहली बार हुआ था।”


उन्होंने आगे कहा है, “यही कारण है कि मैं बताना चाहता था कि चित्र बनाने की अनुमति किसी को भी है और हमें कभी भी ऐसे लोगों के सामने झुकना नहीं चाहिए जो हिंसा, धमकी, हत्या और आतंक का रास्ता अपना लेते हैं।” वाइल्डर्स का कहना है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं। वह लंबे समय से तालिबान, अल-कायदा और आईएसआईएस की ‘लिस्ट’ में हैं।

वकीलों का कहना है कि वे साल 2018 से पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर खालिद लतीफ से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। खालिद के खिलाफ कार्रवाई के लिए पाकिस्तान सरकार से भी मदद माँगी है, लेकिन वहाँ से कभी कोई जवाब नहीं मिला। उल्लेखनीय है कि डच कोर्ट द्वारा खालिद लतीफ को गिरफ्तार करने के लिए उसके खिलाफ इंटरनेशनल वारंट जारी किया जा चुका है। हालाँकि, अपने ऊपर लगे आरोपों पर खालिद लतीफ का कहना है कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

बता दें कि जून 2018 में वाइल्डर्स ने अपनी पार्टी के संसदीय कार्यालयों में आयोजित होने वाली ‘पैगंबर मुहम्मद कार्टून प्रतियोगिता’ की भी घोषणा की थी। बाद में, अगस्त में आतंकवादी हिंसा की धमकियों के बहुत फ़ैल जाने के बाद उन्हें इस कार्यक्रम को रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उनकी हत्या के लिए कई इस्लामी नेताओं ने फतवा जारी किया था।

कौन है खालिद लतीफ

पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर खालिद लतीफ को साल 2017 में दुबई में हुए पाकिस्तान सुपर लीग मैच में स्पॉट फिक्सिंग का दोषी पाया गया था। इसके बाद उस पर 5 साल का बैन लगाया गया था। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी खालिद लतीफ को दोषी पाते हुए उस पर दस लाख पाकिस्तानी रुपए का जुर्माना भी लगाया था। साल 2022 में खालिद लतीफ ने स्पॉट फिक्सिंग मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली थी। साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से लिखित माफी माँगी थी।

गीर्ट वाइल्डर्स और इस्लामी कट्टरवाद के खिलाफ उनका रुख

गीर्ट वाइल्डर्स लंबे समय से अपने देश में इस्लामी कट्टरवाद और कट्टरपंथियों के खिलाफ मुखर रहे हैं। एक सांसद के रूप में वह मास माइग्रेशन के भी विरोधी रहे हैं। संसद के अंदर कहा था कि बड़े पैमाने पर प्रवास (माइग्रेशन) के माध्यम से सरकार “इस्लाम नामक एक मॉन्स्टर को देश में निमंत्रण दे रही है”। उन्होंने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा का भी समर्थन किया था।

वहीं, एक साक्षात्कार में वाइल्डर्स ने कहा था, “मैं मुस्लिमों से नफरत नहीं करता, मैं इस्लाम से नफरत करता हूँ।” उन्होंने उसी साक्षात्कार में कहा था, “इस्लाम कोई धर्म नहीं है। यह एक विचारधारा है, एक मंद संस्कृति की विचारधारा है।”

वहीं 2019 में, जुनैद नाम के एक पाकिस्तानी मुस्लिम व्यक्ति को वाइल्डर्स के खिलाफ हत्या की साजिश के लिए 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। जुनैद ने एक फेसबुक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा था कि वह वाइल्डर्स को जहन्नुम में भेजना चाहता है।

बता दें कि 58 वर्षीय डच सांसद वाइल्डर्स नीदरलैंड की संसद में पार्टी फॉर फ्रीडम के अध्यक्ष हैं। वह एक दक्षिणपंथी नेता हैं, जो विशेष रूप से मुस्लिम देशों से डच सरकार की आव्रजन नीतियों का मुखर रूप से विरोध करते रहे हैं, और उन्होंने यहाँ तक ​​​​कहा है कि वह चाहते हैं कि उनका देश यूरोपीय संघ को छोड़ दे। उन्होंने यूरोपीय संघ की संसद में एक संसदीय समूह बनाने के लिए फ्रांस के मरीन ले पेन जैसे अन्य रूढ़िवादी यूरोपीय नेताओं के साथ काम किया है, जिसमें अब 9 यूरोपीय संघ के देशों की पार्टियाँ हैं।

गीर्ट वाइल्डर्स ने फितना (Fitna) नाम की एक शॉर्ट फिल्म भी बनाई है। 17 मिनट की इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे कुरान अपने सभी अनुयायियों को घृणा करना सिखाता है। आतंकवाद, मूर्ति पूजा-विरोधी, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, काफिरों के खिलाफ हिंसा, समलैंगिकों से नफरत आदि को इस फिल्म में मीडिया क्लिपिंग्स के जरिए दिखाया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘तुमलोग वापस भारत भागो’: कनाडा में अब सांसद को ही धमकी दे रहा खालिस्तानी पन्नू, हिन्दू मंदिर पर हमले का विरोध करने पर भड़का

आर्य ने कहा है कि हमारे कनाडाई चार्टर ऑफ राइट्स में दी गई स्वतंत्रता का गलत इस्तेमाल करते हुए खालिस्तानी कनाडा की धरती में जहर बोते हुए इसे गंदा कर रहे हैं।

मुजफ्फरनगर में नेम-प्लेट लगाने वाले आदेश के समर्थन में काँवड़िए, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बोले – ‘हमारा तो धर्म भ्रष्ट हो गया...

एक कावँड़िए ने कहा कि अगर नेम-प्लेट होता तो कम से कम ये तो साफ हो जाता कि जो भोजन वो कर रहे हैं, वो शाका हारी है या माँसाहारी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -