इस डॉक्यूमेंट के 11वें पेज पर जम्मू कश्मीर में ‘लोगों पर भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा अत्याचार’ की बात कही गई है, जो पाकिस्तान का वर्षों पुराना प्रोपेगेंडा रहा है। इसमें ऐसे महिलाओं को ढूँढ कर लाने और उनका अनुभव प्रकाशित करने को कहा गया है, जिन्हें यौन शोषण का सामना करना पड़ा। इसी तरह प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए अन्य विभिन्न तरीकों की बात की गई है।
पाक अधिकृत कश्मीर में लोगों ने पाकिस्तान की सेना व पुलिस के द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में कई लोग शामिल हुए और उन्होंने 'पाकिस्तान से आज़ादी' की माँग की।
ये घटना कुपवाड़ा के केरन सेक्टर की है, जहाँ एलओसी के पास पाकिस्तान की इस हरकत को नाकाम किया गया। भारतीय सेना द्वारा जारी की गई वीडियो में 5 बैट आतंकियों की लाशें और उनके हथियार दिख रहे हैं।
"हमारी फ़ौज बलूचिस्तान में अपने ही लोगों पर बम बरसा रही है। हम अपने ही लोगों को कैसे मार सकते हैं? जरा सोचिए अपने ही लोगों पर बम बरसाना और उन्हें मारना कितना अनुचित है। ट्राइबल क्षेत्रों में 60 लाख लोगों पर बम बरसाए जा रहे हैं।"
रबी पीरज़ादा पहले भी अजीबोगरीब व्यवहार के कारण सुर्ख़ियों में रही हैं। इससे पहले जब पाक पीएम ने महिलाओं को मुर्गीपालन कर रुपए कमाने की सलाह दी थी, तब पीरज़ादा ने कई मुर्गियाँ ख़रीद कर अपने घर में रखा था और वीडियो भी पोस्ट किया था।
लोगों ने थरूर से पूछा कि अब तो राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष भी नहीं रहे, तो फिर वे 'मालिक' कैसे हुए? लोगों ने कहा कि जो डैमेज होना था वह हो चुका, अब इन बयानों का कोई फ़ायदा नहीं।
पाकिस्तान ने राहुल गाँधी का हवाला देते हुए उनके उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि 'जम्मू कश्मीर में लोग मर रहे हैं'। पाकिस्तान ने लिखा कि कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने जम्मू कश्मीर में चीजें ग़लत दिशा में जाने की बात कही थी।
दोनों मृतक मुस्लिम गुज्जर समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। आतंकियों ने इन दोनों को मारने से पहले उनके साथ काफ़ी दरिंदगी की। उनकी लाशें क्षत-विक्षत अवस्था में मिलीं। उनके दोनों हाथ बँधे हुए थे। आतंकियों ने मंज़ूर और क़ादिर को 20 अगस्त को अपहृत कर लिया था।