वसीम बारी और उनके भाई तथा पिता की हत्या करने वाले की पहचान आबिद हक्कानी के रूप में हुई है। वह बांदीपोरा पुलिस स्टेशन पर लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था।
इंडिया टुडे के पत्रकार अशरफ वानी ने केवल ऐसी मौत का दावा ही नहीं किया जो असल में हुई नहीं है बल्कि भारतीय सेना के खिलाफ एक फेक नैरेटिव स्थापित करने का प्रयास भी किया है।
"इस बोट पर मुझे झाँसे में लेकर एक रात रोका गया। इसके बाद मुझे बोट पर बंधक बना लिया गया और रफीक अहमद डुंडू द्वारा मेरे साथ हाउसबोट पर बार-बार दो महीने तक बलात्कार किया गया।"
जवाबी कार्रवाई में दो सीआरपीएफ कर्मी घायल हो गए। वहीं जवानों ने भी 1 आतंकी को मार गिराया। और उसके शव को कब्जे में लेते हुए उसके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी बरामद किया।