2019 में बिहार के मुख्यमंत्री को जदयू का अध्यक्ष चुना गया था और उनका कार्यकाल 3 साल का था। उन्होंने इस्तीफ़ा देते हुए इस पद को आरसीपी सिंह के हवाले कर दिया जो कि राज्यसभा में जदयू का प्रतिनिधित्व करते हैं।
डॉ. मेवालाल चौधरी ने आज ही 1 बजे शिक्षामंत्री का पदभार संभालते हुए शपथ ली थी लेकिन कुछ ही देर बाद ही यह खबर आई कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
बिहार विधानसभा में एनडीए में मुस्लिम विधायकों के न होने को लेकर गुमराह किया जा रहा है। क्योंकि ऐसा उम्मीदवारों की कमी की वजह से नहीं बल्कि उनके न जीतने की वजह से हैं।
बुजुर्ग का कहना है कि उन्होंने जेडीयू के चुनाव चिन्ह 'तीर' पर वोट डालने की बात कही तो लालटेन वाली राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) समर्थकों ने उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी।
कामदेव सिंह का परिवार को जब पता चला कि सूरजभान ने उनके किसी रिश्तेदार को जान से मारने की धमकी दी है तो सूरजभान को उसी के अंदाज में संदेश भिजवाया गया- “हमने हथियार चलाना बंद किया है, हथियार रखना नहीं। हमारी बंदूकों से अब भी लोहा ही निकलेगा।”
पार्टी बदली, इलाका बदला, जेल भी गया लेकिन फिर भी इस बाहुबली का दबदबा कायम रहा। 1987 से सालों तक मोस्ट वांटेड रहे मनोरंजन सिंह को लोग उनके इलाके में ‘धूमल सिंह’ के नाम से बुलाते हैं।