"...कमल के निशान पर जो वोट दबाओगे ना, वो नरेंद्र मोदी को मिलने वाला है... ये समझकर दबाना... मुझे 'हाँ हाँ' कर रहे हो, ये 20-25 हजार लोगों से जीत जाएँगे क्या? जीतेंगे क्या?... अरे भाई, क्या 'हाँ' कह रहे हो? मैं भी बनिया हूँ... मुझे मालूम है नहीं जीतेंगे यार..."
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी गठबंधन पर हमला किया और कहा कि कॉन्ग्रेस, झामुमो और राजद भाजपा के ख़िलाफ़ एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, "महागठबंधन सिर्फ़ सत्ता हथियाने के लिए बनाया गया था। अगर विपक्ष जीत गया, तो राज्य की स्थिति फिर से अस्थिर हो जाएगी।"
वह सरकार कितनी अनैतिक थी इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि जो डिप्टी सीएम बना था, उसने सीएम की पार्टी से बगावत कर ही चुनाव जीता था। वे सीएम के बेटे को ही हराकर विधानसभा पहुॅंचे थे।
30 नवंबर को होने वाले पहले चरण के मतदान से पूर्व यह हमला हुआ है। जिस जगह हमला किया गया वहॉं से 30 किमी दूर गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह ने रैली की थी। घटनास्थल से 80 किमी दूर पलामू ज़िले में सोमवार को पीएम मोदी की रैली होनी है।
अमित शाह ने अपनी जनसभा में झारखण्ड के आदिवासियों के लिए सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं का भी ज़िक्र किया। शाह बोले कि उनकी सरकार ने इन 5 सालों में आदिवासियों का गौरव बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी।
अभियुक्त के रूप में शोएब अंसारी, तनवीर अंसारी, शमिमुल्ला, सराफत अंसारी और बुधन अंसारी को पुलिस अपने साथ ले गई है। कसियोटोल के 11 युवकों के विरुद्ध धार्मिक झंडा फाड़ने, गन्दा करने और धर्म विशेष को नीचा दिखाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी...
धनबाद जिले में विधानसभा की 6 सीटें हैं। इन सीटों के लिए अब तक कुल 40 लोग दावेदारी पेश कर चुके हैं। इसके लिए ब्रजेंद्र प्रसाद सिंह ने सभी से पाँच-पाँच हजार रुपए लिए। कुल मिलाकर उन्होंने 2 लाख रुपए की वसूली की।
झाविमो सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। कॉन्ग्रेस महागठबंधन में झाविमो को बनाए रखने के पक्ष में है। राजद 14 सीटों की मॉंग कर रहा है, जबकि झामुमो उसे चार-पॉंच से ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं है।
मोहम्मद इस्माइल ने हड़िया के नशे में एक लड़की के साथ छेड़खानी की। इस तरह की हरकत वह पहले भी कर चुका था। इससे नाराज लड़की के भाई ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर लाठी-डंडों से उसकी पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई।
झारखंड के 19 जिले नक्सल प्रभावित हैं। इनमें से 13 अति संवेदनशील हैं। इन जिलों में विधानसभा की 67 सीटें हैं। यही कारण है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम को ध्यान में रखते हुए चुनाव पॉंच चरणों में कराने का फैसला लिया गया है।