पीएम मोदी ने लोगों से 5 अप्रैल की रात नौ बजे नौ मिनट के लिए घर की सभी लाइटें बंद कर दीया, मोमबत्ती या टॉर्च जलाने की अपील कर रखी है। टीएमसी से जुड़े प्रसून भौमिक ने अपने फेसबुक पोस्ट में दावा किया है कि जो ऐसा करेंगे उनके घरों के दरवाजे पर निशान लगा कर चिह्नित किया जाएगा।
भारत 'कोरोना कर्व' को 'फ्लैट' करने की तरफ़ बढ़ रहा है। अगर यह सिलसिला जारी रहा तो यह जल्द ही कुछ राहत लेकर आएगा। इसकी वजह केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उठाए गए कदम हैं। सरकारों ने 12 मार्च के बाद ही जगह-जगह एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए थे।
मौलवी अब्दुल्ला ने पूरे हमले की साजिश रची थी। वह पाकिस्तानी नागरिक है और पहले आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था। इसके बाद वो तहरीक-ए-तालिबान में सक्रिय रहा। फिर आईएसकेपी का प्रमुख बना। हमले में 27 लोगों की मौत हो गई थी।
"अपनी पीठ मजबूत करके रखो। चिंता मत करो, तुम्हारी सारी राजनीति मैं निकाल दूँगा। और जितनी %ट तुम्हारी होगी, उतना उखाड़ लेना मेरा। जब बात से समझ न आए तो लात का यूज कर लेना चाहिए। क्योंकि तुम ऐसे नहीं मानोगे।"
आरफा की मानें तो नर्सें झूठ बोल रही हैं और प्रोपेगेंडा में शामिल हैं। तबलीगी जमात वाले नीच हरकत कर ही नहीं सकते, क्योंकि वे नि:स्वार्थ भाव से मजहब की सेवा कर रहे हैं। इसके लिए दुनियादारी, यहॉं तक कि अपने परिवार से भी दूर रहते हैं।
प्रार्थना पुरुषार्थ का स्थगन नहीं है और यही वजह है कि प्रार्थना में कुछ भी अवैज्ञानिक नहीं है। Covid-19 को रोकने के सभी प्रयास हमारी शुभकामनाओं से बल पाएँगे और हमें निर्धारित निर्देशों का पालन करने की प्रेरणा देंगे। दवा हमारे शरीर की और दुआ हमारे मन की इम्यूनिटी को बढ़ाती है।
“दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात में शामिल 22 लोग हमारे यहाँ आए थे। डॉक्टरों की टीम के साथ वार्ड बॉय, नर्स, टेक्निशियन सभी पूरे सुरक्षा किट के साथ मरीजों की सेवा कर रहे थे। लेकिन जमात के लोग डॉक्टरों से बदसलूकी कर रहे हैं। इतना ही नहीं उनके साथ बात-बात पर बहस कर माहौल खराब करने का काम कर रहे। क्वारंटाइन वार्ड में थूक-थूक कर गंदगी फैला रहे हैं।”
एक अधिकारी ने कहा है कि दिल्ली की मस्जिदों में अभी और भी विदेशी जमातियों के छिपे होने की आशंका है। वहीं मस्जिदों से निकाले गए 800 से ज्यादा विदेशियों को राजधानी के अलग-अलग अस्पतालों में क्वारंटाइन किया गया है।
इलाज के दौरान ये जमाती कभी इन्हें हाथ लगाने की कोशिश करते हैं तो कभी इनको देखकर सीटी बजाते हैं, जन्नत दिखाने की बात कहते हैं। इसके अलावा भी कई अन्य तरीके से ये जमाती इनके साथ अभद्रता कर रहे हैं।
आप गिनते जाएँगे, लेकिन जमात सदस्यों के कारनामें खत्म नहीं होंगे। बावजूद इनकी करतूतों पर पर्दा डालने की कोशिश शुरू हो गई। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री की मानें तो इसकी वजह 'भाषा' है। अस्पताल कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार इसलिए हो रहा, क्योंकि जमात के सदस्य हिंदी-अंग्रेजी नहीं जानते हैं।