अंकित उनसे हाथ-पाँव जोड़ कर विनती कर रहे थे कि वो पत्थरबाजी न करें। तभी दंगाई भीड़ अचानक से आगे बढ़ी और उन्होंने मिल कर अंकित की पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद क्या हुआ, ये चश्मदीद प्रदीप वर्मा ने ऑपइंडिया से बातचीत करते हुए सब कुछ बताया है। देखें वीडियो।
जितने बड़े स्तर की तैयारी इस्लामी कट्टरवादियों ने की थी, वो 1 दिन में हो ही नहीं सकती। अब देखिए 23 फ़रवरी का वो लाइव वीडियो, जो बताता है कि कपिल मिश्रा के बयान से पहले ही दंगाई भीड़ ने दंगे शुरू कर दिए थे। ये वीडियो है इसका सबसे बड़ा सबूत।
वीडियो में आप देख सकते हैं कि बड़े-बड़े कंटेनर्स हैं, जिसमें तेजाब, सल्फ्यूरिक एसिड, सल्फर वगैरह भरे हुए हैं। और 5000-5000 लीटर वाले तमाम कंटेनर के ऊपर लिखा गया है ‘गंगाजल’। इसी 'गंगाजल' को मुस्तफाबाद, चाँदबाग, करावल नगर और यमुना विहार जैसे हिंसाग्रस्त इलाके में भर-भर कर सप्लाई किया गया।
लाश बरामद होने के बाद से ही इलाके में सनसनी फैली गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस पड़ोस के लोगों से भी इस मामले के संबंध में पूछताछ कर रही है। फिलहाल शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है।
धर्मेंद्र की माँ और छोटे भाई का रो-रोकर बुरा हाल है। देखकर ऐसा लगा कि जैसे वह किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। धर्मेंद्र के पिता वीरसहाय हर रोज सुबह बिना कुछ खाए-पिए अपने बेटे को खोजने निकलते हैं, लेकिन देर रात हताश होकर खाली हाथ घर लौट आते हैं।
जब दुकान मालिक अनिल पाल पुलिस के साथ अपनी दुकान का हाल जानने वहाँ पहुँचे तो उन्हें मृतक नेगी का शरीर दूसरी मंजिल पर सीढ़ी के पास मिला, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वो दंगाइयों को देखकर बिल्डिंग से कूदने की कोशिश कर रहे थे।
“मेरी बेटी गार्गी कॉलेज में पढ़ती है। वह 5 दिन से घर लौटकर नहीं आई है। अपनी दोस्त के साथ पीजी में रूकी हुई है। अगर यही माहौल रहा तो हम यहाँ नहीं रहेंगे, गाँव से जमीन बेचकर यहाँ आए थे, अब यहाँ से बेचकर कहीं और चले जाएँगे।”
मोबाइल गुलेल, जी हाँ मोबाइल गुलेल! रिक्शे पर लोहे के एंगल को वेल्डिंग कर के बनाई गई। इसे मोबाइल गुलेल कहा जाता है। जहाँ चाहे, वहाँ ले जाओ और हिंसा को अंजाम दो। हिंदू घरों को टारगेट कर इस मोबाइल गुलेल से पेट्रोल बम की बोतलें, बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए।
"उनके नंबर से मेरे पास फोन आया। उधर से कोई और बोला और पूछा कि यह किसका नंबर है? मैंने कहा मेरे पति का... मैं कुछ लोगों को लेकर घटनास्थल की ओर दौड़ी तो देखा कि एक दुकान के सामने वह घायल पड़े हुए हैं मैं देखते ही बेहोश हो गई।"
"हम 20,000 हिन्दू इसी नाले के पास आकर रोज पानी भर रहे हैं। मुस्लिमों के लिए टंकी लगवाई गई है, हिन्दुओं को छोड़ दिया गया है।" AAP विधायक हाजी यूनुस के इलाके की जमीनी हकीकत, जिस पर दंगा में शामिल होने के भी स्थानीय लोग लगा रहे आरोप।