देश का हर नेता राजनीतिक के रास्ते पर चलते हुए आम नागरिकों को बहुत कुछ देता है, जब कभी ‘असदुद्दीन ओवैसी ने क्या दिया’ इस पर चर्चा होगी, तब इनके बारे में क्या कहा जाएगा?
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल अपनी कुछ हालिया कार्रवाइयों के बाद हुए बवाल के कारण अब अपनी छवि को 'सेक्युलरिज्म' से खिसका कर ’सॉफ्ट हिंदुत्व’ में कहीं फिट करने की जगह तलाश रहे हैं।
दिल्ली दंगों के आरोपित उमर खालिद के लिए केजरीवाल सरकार के यूएपीए के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी देने के बाद कॉन्ग्रेस ट्रोल और इस्लामवादियों ने दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एक साथ हल्ला बोल दिए हैं।
मस्जिद के भीतर सजावटी मेहराब, इस्लामी शैली की फिजरी और अरबी लिपि में उकेरे गए शब्दों को भी मिटा दिया गया है। चीन में इस तरह की गतिविधियाँ एक अभियान के तहत की जा रही हैं।
भाकपा (माले) नेता ने कहा कि भाजपा देश में लोकतंत्र ख़त्म कर रही है और वो नहीं जीते तो बिहार में भी यही होगा। उन्होंने कहा कि बिहार में उनकी सरकार नहीं बनी तो वहाँ लोकतंत्र की हत्या हो जाएगी।
वामपंथीऔर उदारवादियों को यदि किसी मजहब में ज्ञान देना ही है तो उन्हें उन मजहब से शुरुआत करनी चाहिए, जहाँ समाज को शिक्षित करने की सजा गला रेतने के रूप में मिलती है।