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प्रिय राजदीप, पप्पू का नाम सुना है, वो नेपाल भाग गया था, जानते हो उसके साथ क्या हुआ?

विकास दुबे पर कॉन्स्पिरेसी थ्योरी के सरताजों को पप्पू देव के बारे में जानना चाहिए, क्योंकि उनके सूत्र भी उनकी तरह का ही चश्मा पहनते हैं।

‘गुप्त सूत्रों’ से विकास दुबे का एनकाउंटर: राजदीप खोजी पत्रकारों के सरदार, गैंग की 2 चेली का भी कमाल

विकास दुबे जब फरार था, तभी 'खोजी बुद्धिजीवी' अपने काम में जुट गए। ऐसे पत्रकारों में प्रमुख नाम थे राजदीप सरदेसाई, स्वाति चतुर्वेदी और...

गोकुलपुरी वाली चार्ज शीट एक महीने पुरानी है, इसे ‘खुलासा’ कह कर वामपंथी अभी क्यों नाच रहे हैं?

ऐसे में गोकुलपुरी के कुछ नवयुवक क्या करते? आप इस स्थिति में क्या करेंगे जब आप शत-प्रतिशत जानते हों कि यह भीड़ आपके घरवालों को पहली नजर में हाथ काट कर, पैर काट कर दिलबर नेगी की तरह आग में जलने को फेंक देगी?

वामपंथी मीडिया गिरोह आतंकियों को क्लीन चिट देने के लिए 3 साल के बच्चे का इस्तेमाल कर रहा है

"CRPF ने एक नागरिक को वाहन से बाहर निकाला और गोली मार दी। यह पूरी तरह से असत्य है।" CRPF के एडीजी ने इस घटना के प्रोपेगेंडा को खारिज कर...

आरफा उकसाती रही कि कुछ हिन्दू-मुस्लिम हो जाए, मनोज वाजपेयी ने कहा, दिक्कत है तो चुनाव लड़ो

आरफा मनोज वाजपेयी का इंटरव्यू लेने गईं। इंटरव्यू में सिनेमा के अलावा सब कुछ है। और खत्म होते-होते तो यह मानो एक कॉमेडी फिल्म बन गई।

सैकड़ों करोड़ रुपए सरकार (जनता) से… और चलाते हैं चीनी प्रोपेगेंडा: PTI से प्रसार भारती तोड़ सकती है रिश्ते

प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया इन दिनों नई मुश्किल में। ऐसा इसलिए क्योंकि PTI ने चीनी राजदूत को अपना प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए मंच प्रदान किया और...

भीड़ को सड़कों पर उतारने के लिए CAA विरोधियों ने ही फैलाई थी अफवाह, कपिल मिश्रा ने किया इंडियन एक्सप्रेस की फर्जी रिपोर्ट का...

दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया है कि उपद्रवियों के बीच जानबूझकर ये अफवाह फैलाई गई कि कपिल मिश्रा के लोगों ने CAA विरोध प्रदर्शन के पंडाल में आग लगा दी है।

इस्लामी कट्टरपंथियों के बाद ऑल्टन्यूज ‘फैक्टचेक’ के बहाने चीनी प्रोपेगेंडा को क्यों दे रहा है बढ़ावा

ऑल्टन्यूज़ को चीनी सैनिकों के घायल होने या उनके मारे जाने की खबरें ज्यादा पसंद नहीं आईं और उन्होंने इसका भी फैक्ट चेक करते हुए भारतीय मीडिया को फर्जी साबित करने का प्रयास किया है।

मुस्लिम असलम का अपराध हिन्दुओं के नाम: आजतक समेत मेन्स्ट्रीम मीडिया ने नाम छुपाया, गलत शब्द लिखे

बहुत ही बारीकी से कभी प्रतीकात्मक तस्वीर के नाम पर तो कभी सीधे खुल्ले में खेलते हैं कि कौन सी जनता जा रही है तहकीकात करने? अगर बाद में पता भी चला तो क्या हो जाएगा? क्योंकि आजतक कभी इन्हें अपनी इन हरकतों पर कोई बड़ा आउटरेज नहीं झेलना पड़ा।

तबरेज हो या अखलाक, जैनब जैसों को दो पैसा फर्क नहीं पड़ता, सारा ज्ञान वामपंथी विचार के लिए है

ज़ैनब सिकंदर एक लाइन का कुछ लिखें या हजार शब्दों का कुछ लिखें, उसका एक ही मकसद है अपनी हिन्दूघृणा को साकार रूप देना और अपने 'मजहबी टार' को अपनी कल्पनाओं के साहित्य से सींचना।

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