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Movie Review

रजनी-अक्षय के बाद अब एक ‘किड’ ने सलमान खान की फिल्म को पछाड़ा: बॉक्स ऑफिस पर फुस्स हुई ‘अंतिम’, देखें कलेक्शंस

'तड़प' ने पहले दिन 4 करोड़ रुपए से अधिक कमा कर सलमान खान की फिल्म 'अंतिम' को पछाड़ दिया। रजनीकांत और अक्षय कुमार की फिल्म ने भी की बड़ी कमाई।

‘बेटे को लॉन्च करने के लिए रणवीर सिंह के बाप ने YRF को दिए थे ₹20 करोड़’: KRK ने कहा- सिद्धांत की एक्टिंग झुग्गी-झोपड़ी...

केआरके ने अपनी वीडियो में कहा कि आदित्य चोपड़ा के वाईआरएफ (YRF) ने जिस भी अभिनेता को लॉन्च किया है, वो फ्लॉप ही रहा है।

फिल्म नहीं ‘भाई पोर्न’ है: 10 मिनट का मसाला है सलमान खान की ‘राधे’, बेकार कर दिए 2 घंटे

अगर सारे फालतू दृश्यों को हटा दें तो ये फिल्म मात्र 10 मिनट में निपटाई जा सकती है। ये समझ से परे है कि जो चीज 10 मिनट में दिखाई जा सकती थी, उसे 2 घंटे में क्यों दिखाया गया?

0.1 पॉइंट से सलमान की RADHE आगे: Race 3 अब भी सबसे कम रेटिंग वाली फिल्म, ‘राधे’ दूसरे नंबर पर

सलमान खान की इस साल की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'राधे: योर मोस्ट वांटेड भाई' हाल ही में ईद के मौके पर रिलीज हुई। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर...

2020 में टीवी पर सबसे ज्यादा देखे गए PM मोदी, छोटे पर्दे के ‘युधिष्ठिर’ बनेंगे बड़े पर्दे पर ‘नरेन’

फिल्म 'एक और नरेन' की कहानी में दो किस्से होंगे। एक में नरेंद्रनाथ दत्त के रूप में स्वामी विवेकानंद के कार्य और जीवन को दर्शाया जाएगा जबकि दूसरे में नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को दिखाया जाएगा।

शिकारा रिव्यू: 90 में इस्लाम ने रौंदा, 2020 में बॉलीवुड कश्मीरी हिंदुओं पर रगड़ रहा नमक

चोपड़ा ही बताएँगे कि कश्मीर के गुनाहों और गुनहगारों से ऐसा परदा क्यों किया? न तो कश्मीरी हिन्दुओं की पीड़ा कहीं भी है, न ही नरसंहार का ख़ौफ़नाक मंजर... लगता है ‘कश्मीर की कली’ पार्ट 2 बनाना चाह रहे थे।

शिकारा: कश्मीरी पंडितों की कहानी के वो हिस्से जो अब तक छुपाए गए हैं!

जम्मू के जगती कैंप जाइए, दिल्ली के मजनू का टीला जाइए। देखिए वहाँ के कश्मीरी पंडितों के कुछ परिवारों की हालत। देखिए उनकी महिलाएँ क्या काम करने को मजबूर हैं! इनके लिए संविधान क्या कहता था 1990 में? इनके लिए संविधान अब क्या कहता है? इसके लिए न्यायपालिका क्या कह रही थी 1990 में? इनके लिए न्यायपालिका अब क्या कह रही है?

शवयात्रा में भी नहीं थी राम नाम लेने की इजाजत, Tanhaji ने बताया औरंगज़ेब कितना ‘महान’

आप राम नाम बोलते हुए शवयात्रा तक नहीं निकाल सकते। हिन्दुओं की बहू-बेटियाँ घरों से नहीं निकल सकतीं। उस काल की कल्पना कीजिए और उसे 'तानाजी' में देखिए। गद्दार तब भी थे और अब भी हैं- ये आपको पता चलेगा। भगवा का क्या महत्व है, यह भी जान पाएँगे।

ऑपइंडिया टॉप 10: अतिथि लेखकों के दस आलेख जो साल भर सबसे ज्यादा चर्चा में रहे

ऑपइंडिया ने एक साल पूरे किए और लगभग 10,000 लेख हमने खबरों, विचार और विश्लेषण के रूप में आप तक पहुँचाया। लेकिन इसमें सिर्फ ऑपइंडिया की सम्पादकीय टीम का ही योगदान नहीं रहा, बल्कि पाठकों में से भी कई लोगों ने अपने लेखों और विश्लेषणों से हमारे प्लेटफ़ॉर्म को बेहतर बनाया। उन सभी का शुक्रिया, बार-बार धन्यवाद!

‘कबीर सिंह’ में जिनको मर्दवाद दिख रहा है: नकली समीक्षकों की समीक्षा

"यार तुझे पता है जब पीरियड्स होते हैं तब उसे कितना दर्द होता है। गर्म पानी का बैग रखना होता है उसकी थाई पर वगैरह वगैरह, समझ रहा है तू मेरी बात?" बॉलीवुड में संभवतः पहली मेनस्ट्रीम फिल्म, जिसके सीन में प्रेमिका के पीरियड्स की तकलीफ और दर्द पर बात की गई लेकिन फिल्म हो गई स्त्री-विरोधी! वाह!!

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