संसद में अमित शाह ने बताया कि नागालैंड के मोन जिले के तिजीत क्षेत्र में तिरुगाँव के पास उग्रवादियों की आवाजाही की सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने घात लगाया।
1826 से 1865 तक के 40 वर्षों में अंग्रेज़ी सेनाओं ने नागाओं पर कई तरीकों से हमले किए, लेकिन हर बार उन्हें उन मुट्ठी भर योद्धाओं के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा।
एनएससीएन (आईएम) अलग संविधान की मॉंग को फिलहाल ठंडे बस्ते में रखने को राजी हो गया। नगा अपने कार्यक्रमों में खुद के झंडे का इस्तेमाल कर सकेंगे। लेकिन, सरकारी कार्यक्रमों और इमारतों में यह नहीं लगाया जाएगा।
संभावना शांति समझौते पर हस्ताक्षर बिना NSCN (IM) के ही होने की सूरत बनती दिख रही है। इसके चलते नागालैंड में कानून व्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है।
एक बार पूरा होने के बाद और कोई मूल निवासी प्रमाण पत्र जारी नहीं होंगे। केवल मूल निवासियों के बच्चों को उनके जन्म प्रमाण पत्र के साथ मूल निवासी प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाएँगे