फरीदाबाद सड़क खोलने की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे सरिता विहार जसोला आदि इलाके के लोगों का कहना है कि जब तक फरीदाबाद की सड़क नहीं खुलती, वो शाहीन बाग़ मेट्रो स्टेशन को जाने वाली सड़क बंद रखेंगे।
वामपंथियों के पास मूर्खों को छोड़ कर और कोई होता भी नहीं। या और गहरे उतरें तो यह कहना भी शास्त्रोचित है कि वामपंथी मूर्ख ही होते हैं। ये बात और है कि उन्हें अंत काल तक अपने मूढ़मति होने का पता नहीं चल पाता।
रविवार की सुबह बड़ी संख्या में मौके पर पहुँची महिलाओं ने सड़क को जाम कर दिया। इसी बीच स्थित तब तनावपूर्ण हो गई कि जब मौजपुर में सीएए के समर्थन में सड़कों पर पहुँचकर लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी और कुछ ही देर में दोनों और से पत्थरबाजी शुरू हो गई।
कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून जैसे विषयों से विपक्षी राजनीतिक दलों को इन विरोध प्रदर्शनों से एक हाथ की दूरी बनाए रखनी चाहिए और जन आंदोलनों को जबरन अपना बनाने की कोशिश कोशिश नहीं करनी चाहिए।
अक्ल वितरण के कुछ दिन बाद अचानक 'इंटरनेट लिबरल्स' बिरियानी बाग़ में धरना देते देखे गए। जब पत्रकार उन तक पहुँचे तो लेफ्ट-लिबरल्स गिरोह ने कहा- "हमारा मकसद नागरिकता कानून नहीं, बल्कि कॉमन सेन्स और अक्ल वितरण में किया गया पक्षपात का विरोध है।"
बाजार संघ के एक वरिष्ठ सदस्य ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थों से मिल कर, उन्हें व्यापरियों को हो रहे वित्तीय नुकसान और इसके कारण दुकानदारों और उसके स्टॉफ को होने वाली परेशनियों से अवगत कराने की इच्छा जताई।
बेंगलुरु में गुरुवार को ओवैसी ने CAA विरोधी रैली की। इसी दौरान एक लड़की मंच पर चढ़ गई और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने लगी। इससे पहले एक विडियो सामने आया था जिसमें AIMIM का पूर्व विधायक वारिस पठान हिंदुओं को धमका रहा था।
"जो गैर-मुस्लिम अपनी भारतीय नागरिकता को साबित नहीं कर पाएँगे, उनको भारत की नागरिकता के लिए CAA के माध्यम से आवेदन करना होगा। फिर इसके बाद उनको यह भी स्वीकार करना होगा कि वे भारतीय नहीं हैं और पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान से आए हैं।"
स्वामी ने दावा किया कि राहुल गाँधी ने इंग्लैंड में व्यवसाय शुरू करने के लिए ब्रिटिश नागरिकता का विकल्प चुना था। हालाँकि, राहुल गाँधी नागरिकता के लिए नए सिरे से आवेदन कर सकते हैं, क्योंकि उनके पिता राजीव गाँधी एक भारतीय थे।
दिल्ली पुलिस ने चार आतंकियों को दिल्ली पर हमले की योजना बनाने और गोलपारा रास महोत्सव में विस्फोट करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि इन चारों ने धोखाधड़ी कर एनआरसी में अपना नाम जुड़वा लिया है।