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Rahul Gandhi

बिहारियों की बात कर राहुल-तेजस्वी ने अपने पैर पर ‘8 बार’ मारी कुल्हाड़ी – 5वीं बहुत जोर की लगी

राहुल जी की रैली थी तो जैसा कि हमेशा होता है राफेल का जिक्र हुआ। उन्हें आज भी सही आंकड़ा याद नहीं था। 7 दिन पहले का 45,000 करोड़ आज 1 हजार लाख करोड़ हो गया (अंक में लिखना पड़ा क्योंकि मुझे 1 हजार लाख करोड़ लिखना नहीं आता)।

प्यारे बुद्धिजीवियो! नितिन गडकरी उड़ता तीर है, इसे लेकर बुरे फँसोगे

दिवास्वप्न देखना और कॉन्पिरेसी थ्योरी में यकीन करना कॉन्ग्रेस पार्टी का एक पार्ट टाइम पेशा बनता जा रहा है, और शायद इस तरह की संभावनाओं पर भविष्यवाणियाँ कर के कॉन्ग्रेस के नेता अपने लिए 2019 के आम चुनावों के बाद रोज़गार तलाश रहे हैं।

₹5 में भर पेट खिलाने वाली कॉन्ग्रेस बोल रही है कि ₹6 हजार से किसानों का क्या होगा!

किसान यह समझता है, भले ₹13 का ऋण माफ़ी देने वाले राहुल न समझें, कि ये पैसे उनकी बीड़ी के लिए नहीं है। वो जानते हैं कि इतने पैसों में बुआई के समय वो खेत में बीज रोप सकते हैं।

राहुल-चिदंबरम के आँकड़े में लोचा, ₹7 लाख करोड़ से भी ज्यादा का वित्तीय भार पड़ेगा सरकार पर

गरीबों को न्यूनतम आय देने वाली यह योजना अगर अस्तित्व में आती है तो सरकार पर वित्तीय भार बढ़ जाएगा। क्योंकि पहले से ही सरकार गरीबों को सब्सिडी दे रही है और कई राज्यों ने किसान कर्ज़माफ़ी भी शुरू कर दी है।

हम थोड़े बेवफ़ा क्या हुए, आप तो बदचलन हो गए: राहुल गाँधी अमेठी सभासदों से

सभी के सभी 13 सभासद 'अल्पसंख्यक' समाज से आते हैं। कॉन्ग्रेस के लिए यह घाव तब भगंदर बन गया, जब ख़बर में यह भी है कि ना सिर्फ 13 सभासदों ने बल्कि अल्पसंख्यक समाज की कई महिलाएँ और पुरुषों ने भी 'कमल' को ही अपना लिया।

कलिकाल के संजय हैं दिव्यदृष्टिधारी जनेऊधारी शिवभक्त रामभक्त दत्तात्रेय गोत्री राहुल गाँधी

राहुल गाँधी की दिव्यदृष्टि एक के बाद एक सपने देखने में अब तक लगातार कामयाब रही है। जैसे उनका एक सपना था कि राफेल डील की फ़ाइलें पर्रीकर के बेडरूम में थीं।

राहुल गाँधी भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक अस्थिरता के शिकार: विकीलीक्स की बात आज भी प्रासंगिक

हाल ही की बात है जब उन्होंने मनोहर पर्रीकर के घर अचानक पहुँच कर उनका हाल-चाल पूछा और मीडिया में आकर उन्हें राफ़ेल की चर्चा में खींच लिया।

बीमार पर्रीकर को निशाना बनाकर राजनैतिक हित साधना छिछोरापन है, राजनीति नहीं

पर्रीकर ने राहुल गाँधी के ताजा बयानों की निंदा करते हुए उन्हें अपनी अवसरवादी राजनीति के लिए किसी बीमार व्यक्ति के नाम का सहारा न लेने की सलाह दी।

मायावती ने राहुल गाँधी के वादों का उड़ाया मज़ाक

मायावती ने राहुल के इस वादे पर सवाल उठाया कि ग़रीब को न्यूनतम आय देने का वादा, कॉन्ग्रेस के ‘ग़रीबी हटाओ’ और बीजेपी के ‘अच्छेदिन’ जैसा ही मज़ाक तो नहीं है ।

‘राहुल को इस क़दर बेनक़ाब करूँगा कि वो लोगों को मुँह दिखाने के लायक नहीं रहेगा’

राहुल गाँधी ने अपने बयान में कहा कि नवीन पटनायक मोदी द्वारा रिमोट कंट्रोल किए जा रहे हैं। नवीन पटनायक से पत्रकारों ने सवाल किया तो उन्होंने राहुल के इस बयान पर सिर्फ़ दो शब्द ख़र्च करते हुए कहा - "बिल्कुल बकवास।"

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