5 अगस्त की घटना को सीमित, संकुचित राजनीतिक और धार्मिक नजरिए से देखने वाले फिर एक मूलभूत गलती कर रहे हैं। वे इस समाज और उसमें व्याप्त चेतना को समझ ही नहीं पा रहे।
“इससे पहले अन्य लोग सरकार में थे, उन्होंने अयोध्या पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। यहाँ किसी तरह का विकास कार्य नहीं हुआ करता था। अब पूरे अयोध्या और यहाँ तक कि भारत को भी उम्मीद है कि यह एक सुंदर शहर बनकर उभरेगा।”
राम मंदिर का निर्माण कुछ इस तरह होगा कि इस पर किसी प्रकार के कोई प्राकृतिक आपदाओं का असर नहीं होगा। हजारों सालों तक इस पर भूकंप जैसे प्राकृतिक आपदाओं का भी कोई असर नहीं होगा।
अयोध्या में भूमिपूजन करवाने वाले आचार्य पंडित गंगाधर पाठक ने पीएम मोदी से दक्षिणा में काशी-मथुरा की मुक्ति और गोहत्या पर पाबंदी के लिए कानून की मॉंग की है।
यह तो पहली झाँकी है, मथुरा-काशी बाकी है। ये नारा तो बहुत बाद में बुलंद हुआ। उससे बरसों पहले तीन दोस्तों ने अयोध्या के साथ-साथ इन दो हिंदू पवित्र स्थलों को वापस पाने का एक विस्तृत खाका तैयार कर लिया था।