मुंबई के रहने वाले पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपित पादरी ने उनकी बेटी के कैंसर के इलाज के बहाने उन्हें 80 हजार रुपए का चूना लगा दिया। परिवार का आरोप है कि इलाज के बहाने पादरी ने हिंदू परिवार का ईसाई धर्मान्तरण कराने की कोशिश की थी।
ईसाई संस्था के CEO डेविड रीव्स का कहना है कि हर चर्च को 10 गाँवों में प्रार्थना आयोजित करने को कहा गया। जैसे-जैसे पाबंदियाँ हटीं, मिशनरी उन क्षेत्रों में सक्रिय होते चले गए।
पाकिस्तान में हिंदू लड़की को अगवा कर धर्मपरिवर्तन कराया गया। फिर अपहरणकर्ता से ही शादी करा दी गई। कोर्ट ने भी पीड़ित माँ-बाप को बेटी से मिलने की इजाजत नहीं दी।
जिस लड़के के साथ बच्ची का निकाह करवाया जा रहा था, उसके परिवार वालों को भी पुलिस अपने साथ लेकर गई है। दोनों परिवार जहाँगीर पुरी के एच ब्लॉक के पास की झुग्गियों में रहते थे।