जस्टिस सूर्यकांत ने चेतावनी देते हुए कहा, "ये लोग नहीं जानते कि सुप्रीम कोर्ट का क्षेत्राधिकार कहाँ तक है... सुधर जाओ वरना हम जानते हैं कि आपसे कैसे निपटना है।"
केंद्र सरकार की तरफ से इस मामले में मौजूद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट के रुख का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि कोई भी हाई कोर्ट या उसके जज कभी भी लोकपाल कानून, 2013 के दायरे में नहीं आ सकते।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि अब रणवीर इलाहाबादिया के अश्लील कमेन्ट के मामले में कोई नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी और साथ ही उन्हें गिरफ्तारी से राहत मिलेगी।
CJI संजीव खन्ना ने कह़ा है कि इस मामले में वही याचिकाएँ अब स्वीकार की जाएँगी जो इस मुकदमे के कोई नए पहलू से जुड़ी हों। इसके अलावा दायर हो चुकी याचिकाओं में से जिन पर कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है, उनको भी कोर्ट ने रद्द कर दिया।
उमर खालिद को बेल न मिल पाने की वजह सुप्रीम कोर्ट नहीं बल्कि वो खुद और उनके वकील कपिल सिब्बल का रवैया है जो 'फोरम शॉपिंग' के लिए मामले को एडजर्न कराते रहे।