हाल में तीन तलाक का एक मामला यूपी के सीतापुर से सामने आया था। इस मामले में शराब पीने से मना करने पर नाराज होकर पति ने पत्नी को तीन तलाक दे दिया। इसके बाद पत्नी की बेरहमी से पिटाई की और उसे घर से निकाल दिया।
महिला ने जब अपने पति को शराब पीने से रोका, तो उसे बदले में तीन तलाक कह दिया गया और साथ ही उसकी लात घूसों व लाठी-डंडों से पिटाई भी हुई। इसके बाद उसे बेघर कर दिया गया।
शाहीन की 5 साल की एक बेटी है और वह जब भी अपनी बच्ची को लेकर ससुराल जाती है तो वहाँ उसके पति के घरवाले उसके साथ मारपीट करते हैं और तीन तलाक का हवाला देकर घर से निकाल देते हैं।
जैनब को शौहर साबिर से सब्जी के लिए ₹30 माँगना महंगा पड़ गया। बीबी द्वारा सब्जी के लिए पैसे माँगना शौहर को इतना नागवार गुजरा कि उसने इसके लिए बीबी के साथ मारपीट की और फिर तीन बार तलाक बोलकर घर से निकाल दिया।
एक अन्य मामले में नौशाद ने पहले तो अपनी बीवी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया, मारपीट की और जब वो प्रताड़ना से तंग आकर मायके चली गई तो वहाँ पहुँच कर नौशाद ने बीवी को डराया-धमकाया और उसे तीन तलाक दे दिया। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी।
बार-बार बेटी को जन्म देने के कारण ससुराल वाले आसिया को शारीरिक व मानसिक रूप से यातनाएँ देकर प्रताड़ित करने लगे। जब महिला ने 5वीं बार भी बेटी को जन्म दिया तो 19 जून को आसिया के पति ने उसे तीन बार तलाक बोला और धक्के देकर घर से बाहर निकाल दिया।
तरन्नुम का निकाह मदरसा के डायरेक्टर जीकरू रहमान से 5 साल पहले हुआ था। उसके तीन बच्चे हैं। शादी के बाद से ही रहमान उनके साथ बदसलूकी करता था। पिछले हफ्ते अपने ही मदरसे में पढ़ने वाली एक लड़की से निकाह करने के बाद रहमान ने तरन्नूम को तलाक दे दिया था और घर से निकाल दिया था।
मैनाज़ बेगम ने अपने बच्चे का नाम PM मोदी के नाम पर रखने की वजह तमाम विकास कार्यों को बताया। मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक़ पर बनाए गए क़ानून से वो काफ़ी प्रभावित थीं।
हालाँकि, इन दो महिलाओं के उलट मुस्लिम समुदाय की कई अन्य महिलाएँ ऐसी भी हैं, जिन्हें ट्रिपल तलाक या तलाक-ए-बिद्दत की प्रथा तक की भी जानकारी नहीं है। जब उन्होंने इन महिलाओं से इससे जुड़े सवालों पर जब बात की तो वो नजरें फेर लेती हैं या फिर बहस का टॉपिक बदल देती हैं।