पहले तो आप यह तय कीजिए कि आपको मतलब किस बात से है? पत्रकार/पीड़ित के फोन रिकॉर्ड होने से, या इस बात से कि वहाँ दंगा न फैले, पीड़ित परिवार को न्याय मिले?
हाथरस केस में हमने कुछ लीक ऑडियो पर रिपोर्ट की थी। इसमें से एक ऑडियो में इंडिया टुडे की पत्रकार तनुश्री पांडेय मृतका के भाई संदीप से ऐसा स्टेटमेंट देने के लिए बोल रही थीं, जिसमें मृतका के पिता आरोप लगाए कि उनके ऊपर प्रशासन की ओर से बहुत दबाव था।
हाथरस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर समेत अन्य अधिकारियों को प्राथमिक जाँच रिपोर्ट के आधार पर सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं।
राहुल गाँधी के नक्शेकदम पर चलते हुए TMC के डेरेक भी आज मृतक हाथरस पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए जा रहे थे। जिस दौरान पुलिस ने उन्हें जब आगे बढ़ने से रोका तो वह खुद ही गिरते नजर आए।