सिख सम्राट रणजीत सिंह जब तक जीवित थे, तब तक उनके साम्राज्य में गोहत्या पर प्रतिबंध रहा। लेकिन, हिन्दुओं और सिखों के लिए दुर्भाग्य ये रहा कि महाराजा का 1839 में निधन हो गया।
ASI भी योजना बना रहा है कि 9वीं सदी के इस मंदिर के प्रांगण में अभिलेख में वर्णित किए गए आयुर्वेदिक पेड़-पौधे लगाए जाएँ। इसमें बुखार, फेफड़ा रोग और जलशोथ सहित कई बीमारियों के इलाज की विधि बताई गई है।
ईसाई धर्म की पवित्र पुस्तक बाइबिल में लिखा है कि किस तरह राजा सोलोमन 'ओफिर' नामक स्थान से समुद्र के रास्ते सोने-चाँदी का व्यापार करता था। इस जगह को भारत में ही चिह्नित किया गया है।