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झटका या हलाल

हलाल पर सवाल उठाने पर ऑपइंडिया के खिलाफ दुष्प्रचार: रेवेन्यू का गम नहीं, पाठकों का समर्थन जरूरी

हलाल पर लेख के कारण 'स्टॉप फंडिंग हेट' नामक ट्विटर हैंडल ने हमारे खिलाफ़ दुष्प्रचार का ठेका ले लिया है। ऑपइंडिया के आर्थिक बहिष्कार करने का अभियान चला रखा है, लेकिन हम अपने लेख पर शत-प्रतिशत कायम हैं।

‘केवल हलाल मांस’ बेचने को लेकर कड़ा विरोध झेलने के बाद Big Basket ने झटका मांस बेचने का लिया फैसला

सोशल मीडिया यूजर्स और ग्राहकों के कड़े विरोध के बाद ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर- बिग बास्केट ने अब अपने मेनू में ‘झटका मांस’ को शामिल करने का फैसला किया है।

चूँकि हलाल कानूनी है, इसलिए दूसरे धर्मों द्वारा ‘हम समुदाय विशेष को काम नहीं देते’ लिखना भी जायज है

दुर्भाग्यवश खास समुदाय ने पीड़ितों की तरह रोने की आदत बना ली है, जबकि वो हर तरफ हावी हैं। भारतीय कानून एजेंसियों को इस तरह की आपत्तियों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए, क्योंकि.....

हलाल नहीं… झटका मीट ऑनलाइन ऑर्डर कर मँगवा सकते हैं अब आप: वराह फाउंडेशन की नई शुरुआत

झटैक.कॉम (jhattack.com) पर झटका मीट और झटका मीट से बने प्रोडक्ट ही बेचे जाएँगे। इस वेबसाइट के माध्यम से हिंदू और सिख समुदाय के लोग...

‘केवल हलाल मांस ही बेचेंगे’ – मीट कम्पनी Licious ने झटका के डिमांड को ठुकराया

Licious बेंगलुरु बेस्ड मीट कम्पनी है। कम्पनी ने स्पष्ट किया है कि वो केवल हलाल मीट ही बेचेगी। यानी, सिर्फ़ मजहब की भावनाओं का सम्मान...

मटन खरीदने वाले सावधान: बेचा जा रहा बीफ मिलाकर, विजयवाड़ा में 3 बूचड़खानों पर लगाया गया ताला

उन 3 बूचड़खानों की पहचान की गई, वहाँ से 200 किलोग्राम मिलावटी मांस (मटन+बीफ) जब्त किया गया। इससे पहले लगभग 10 टन संदिग्ध गोमांस जब्त किया गया था। वेटरिनरी विंग के प्रमुख ने मीट खरीदते समय लोगोंं को सतर्क रहने की सलाह दी और साथ ही कहा कि...

पहला हलाल चश्मा: इंडोनेशिया में किया गया लॉन्च, सिद्धार्थ की कंपनी ने किया यह काम

हलाल चश्मा बनाने वाली अटल्ला इंडोनेशिया कंपनी के निदेशक सिद्धार्थ ने बताया कि उनके प्रोडक्ट को 2 अक्टूबर को ही हलाल सर्टिफिकेट मिल गया था। उनका उद्देश्य इंडोनेशिया की बहुसंख्यक आबादी यानी मुस्लिम लोगों में अपने वस्तु की कीमत और ब्रांडिंग को बढ़ाना है।

‘Halal only’ बना McDonald’s के गले की हड्डी, दूसरा क़ानूनी नोटिस जारी

McDonald’s तो एक निजी प्रतिष्ठान है। हलाल को विशेष तरजीह और झटका मांस के साथ भेदभाव तो खुद सरकार भी करती है- भारतीय रेल के IRCTC से लेकर राष्ट्रपति भवन, भारतीय संसद तक सभी जगह केवल हलाल मांस ही परोसा जाता है।

हलाल मांस का एक हिस्सा जाता है जिहाद में, यह खाना मतलब अपनी सुपारी खुद देना: ‘डॉ. झटका’

"बड़े-बड़े रेस्तरां या होटलों में आने वाले ग्राहक बहुसंख्या में हिन्दू या गैर-मुस्लिम ही होते हैं लेकिन वे किसी ख़ास प्रकार (झटका या हलाल) पर जोर नहीं देते, जबकि मुस्लिम ग्राहक केवल हलाल पर ही जोर देते हैं। अतः इसे आर्थिक रूप से लाभकारी बनाने के लिए हिन्दुओं को ही जोर लगाना होगा।"

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