"ऐसे कुछ लोग जो कि बजरंग दल और बीजेपी के पदाधिकारी थे और आज भी हैं। आईएसआई के लिए जासूसी करते हुए पकड़े गए थे। भाजपा के राज में उनकी जमानत हो गई। ये जमानत कैंसिल होना चाहिए। उन पर मुकदमा चलना चाहिए। देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए।"
इस पोस्टर में संदेश के रूप में दिग्विजय सिंह की तस्वीर पर क्रॉस का निशान लगाकर लिखा है, "हिंदू समाज की यही पुकार हिंन्दू विरोधी दिग्विजय सिंह के लिए मंदिर के दरवाजें बंद हों, बंद हों।"
"आज भगवा वस्त्र पहनकर लोग चूरन बेच रहे हैं, भगवा वस्त्र पहनकर बलात्कार हो रहे हैं, मंदिरों में बलात्कार हो रहे हैं। क्या यही हमारा धर्म है? हमारे सनातन धर्म को जिन लोगों ने बदनाम किया है, उन्हें ईश्वर माफ़ नहीं करेगा।"
एक यूजर ने तो उनकी इस गलती को उनके बुढ़ापे का असर बताया और कहा कि टोपी लगाकर रोजा खुलवाने जाने वालों को मुस्लिमों के त्यौहार का भी मालूम नहीं है। ये पावन नहीं मातम है।
सोनिया को लिखे कमलनाथ के मंत्री के खत ने खड़े किए कई सवाल। क्या मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस की सरकार चलेगी? ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रदेश अध्यक्ष बन पाएँगे? और सबसे महत्वपूर्ण क्या उमा भारती के 'मिस्टर बॅंटाधार' फिर से प्रदेश में पार्टी की कब्र खोद कर ही मानेंगे?
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने ट्विटर के जरिए कॉन्ग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा, "अब तो स्वयं साक्षात मंत्री जी कह रहे हैं तो सवाल अहम हो जाता है। क्या संवैधानिक व्यवस्था को ताक पर रख दिया। क्या शपथ लेने वाले मुख्यमंत्री से परे सत्ता के सूत्र किसी अन्य के पास हैं तो संवैधानिक संकट है? "
कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का बीजेपी और ISI पर दिए बयान से कॉन्ग्रेस ने पल्ला झाड़ लिया है। कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पीएल पुनिया ने यह साफ़ कर दिया है कि यह दिग्विजय सिंह के व्यक्तिगत विचार हो सकते हैं और अगर उन्हें ऐसा लगता है कि तो उन्हें इस सन्दर्भ में सबूत पेश करने चाहिए।
"अगर दिग्विजय सिंह को इसी तरह की बयानबाजी करनी है तो वह पाकिस्तान जाएँ और पाकिस्तानियों के साथ रहें। उनके बयानों को अब उनके घर वाले ही गंभीरता से नहीं लेते, उनके बयान अब उनके घर वाले ही नहीं सुनते।"