महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा कि पॉंच साल के काम से विपक्षी भी हैरान और परेशान हैं। विरोधी भी मान रहे हैं कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन का नेतृत्व कर्मशील है। राज्य में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं।
मेरा लक्ष्य ग़रीबी मिटाना है। राज्य में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों की संख्या कम हो रही है। सखी मंडलों से महिलाएँ सशक्त हो रही हैं। हमने पलायन रोका है। योजनाओं का ज़्यादा से ज़्यादा प्रसार करना है।
मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने सिंधिया को कॉन्ग्रेस छोड़ने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि कॉन्ग्रेस ने सत्ता में आने के 10 दिन के भीतर कर्ज माफी का वादा किया था। इस मसले पर हाल ही में ज्योतिरादित्य ने राज्य सरकार को घेरा था।
अगले साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। अंदेशा जताई जा रही है कि हिंसा की यह आग और भड़क सकती है। फिर भी लिबरल मौन हैं। ममता बनर्जी सब कुछ ठीक होने का दावा कर रही। और भाजपा नेता ट्वीट कर आँकड़े गिना रहे।
ज्योतिरादित्य की गिनती भी उन नेताओं में होती है जो राहुल के करीबी रहे हैं। तो क्या अगली बारी उनकी ही है? जिस दौर में नेताओं को निष्ठा बदलने में पल भर की देरी नहीं लगती है, उस वक़्त में ज्योतिरादित्य के लिए तो यह दादी के घर वापसी जैसा ही होगा।
जेपी ने अव्यवहारिक राजनीति की, वे ऐसी मसीहाई भूमिका में आ गए थे, जो अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई और अपने ही लोगों के खिलाफ लड़ाई को एक ही तराजू में तौल रहे थे। उन्हें उम्र के उस अंतिम पड़ाव में जरा भी भान नहीं हुआ कि जो लोग उनकी पालकी उठा रहे हैं, उनकी मंशा क्या है?
आदित्य चुनाव मैदान में उतरने वाले पहले ठाकरे हैं। उनके चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद से ही कई तरह के कयास लग रहे हैं। पिछले दिनों महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा था कि आदित्य को डिप्टी सीएम बनाने में उन्हें खुशी होगी।
"ऐसे कुछ लोग जो कि बजरंग दल और बीजेपी के पदाधिकारी थे और आज भी हैं। आईएसआई के लिए जासूसी करते हुए पकड़े गए थे। भाजपा के राज में उनकी जमानत हो गई। ये जमानत कैंसिल होना चाहिए। उन पर मुकदमा चलना चाहिए। देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए।"
राम माधव ने अनुच्छेद 370 को 70 सालों का कैंसर करार देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने इसे महज 70 घंटे में हटा दिया। उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र महीनों तक कानून- व्यवस्था की समस्या में उलझा रहता था, वह अब शांत है।
अदिति सिंह रायबरेली के बाहुबली नेता अखिलेश सिंह की बेटी हैं। विशेष सत्र में भाग लेने के बाद उन्होंने कहा, "मुझे जो सही लगा, मैंने आज वही कहा। लोगों ने विकास के लिए मुझे वोट दिया। पार्टी मेरे बारे में जो फ़ैसला लेगी, मुझे मंज़ूर है, लेकिन मुझे लगता है कि मैंने जो किया, सही किया।"