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मरकज से निकल तबलीगी जमातियों ने किए 12 अनूठे कारनामे, 10वाँ तो… खुदा खैर करे

थूकने और नंगई से ऊबने के बाद अस्पताल में 25-25 रोटियों और स्वादिष्ट बिरयानी की डिमांड भी जमातियों ने की। मामला चाहे मस्जिद, मदरसों में इनकी बिरादरी की खोजबीन का हो, या फिर इन्हें आइसोलेशन में रखने का, जमात के सदस्यों ने व्यवस्था में बाधा डालने की हर मुमकिन कोशिश की है।

निजामुद्दीन स्थित मरकज से निकले तबलीगी जमात के सदस्य देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मुख्य स्रोत बनकर ही नहीं उभरे। अपने कारनामों से ये लगातार चर्चा में भी बने हुए हैं। चाहे वह क़्वारंटाइन किए जाने के बाद डॉक्टरों पर थूकना हो या फिर अश्लील वीडियो देखते हुए नर्सों के सामने नंगा होना।

इनमें जमात के देसी सदस्यों के साथ-साथ पर्यटक वीजा पर आकर मजहबी गतिविधियों में शामिल होने वाले ‘धर्म प्रचारक’ भी हैं। थूकने और नंगई से ऊबने के बाद अस्पताल में 25-25 रोटियों और स्वादिष्ट बिरयानी की डिमांड भी इन्होंने की। मामला चाहे मस्जिद, मदरसों में इनकी बिरादरी की खोजबीन का हो, या फिर इन्हें आइसोलेशन में रखने का, जमात के सदस्यों ने व्यवस्था में बाधा डालने की हर मुमकिन कोशिश की है।

अस्पताल में शौच करने से लेकर संक्रमण फैलाने के उद्देश्य से डॉक्टर्स पर थूकने और हमला करने तक, भारत से लेकर पाकिस्तान तक तबलीगी जमातियों में विचित्र एकरूपता देखी जा रही है। परिस्थितियाँ ऐसी बन गई हैं कि स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मियों के बड़े हिस्से का कीमती वक़्त इनकी बदसलूकी से निपटने में जाया हो रहा है।

क्वारंटाइन से लेकर पुलिस की खोज में तबलीगी जमातियों और समर्थकों का हंगामा

एक ओर जहाँ क्वारंटाइन किए गए जमातियों का हंगामा जारी था, उसी समय देश के विभिन्न हिस्सों में इनकी तलाश में जुटी पुलिस पर मजहबी लोगों का हमला भी चालू हो गया। इन हमलों के पीछे उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ निजामुद्दीन मरकज के आयोजन में शामिल जमातियों को पुलिस से दूर रखना था। हालाँकि, पुलिस सिर्फ इनकी तलाश सिर्फ इसलिए कर रही है ताकि ये अन्य लोगों को भी संक्रमित ना कर दें।

ऐसे ही कुछ मामलों पर एक नजर –

1. असम-महाराष्ट्र-बिहार-गुजरात में पुलिस पर पत्थरबाजी और फायरिंग

गुजरात के अहमदाबाद स्थित गोमतीपुर में भीड़ द्वारा पुलिस पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई जबकि बिहार के मधुबनी जिले में मुस्लिमों की भीड़ ने पुलिस पर हमला किया था। मधुबनी में समुदाय विशेष की भीड़ ने पुलिस को करीब एक किलोमीटर तक खदेड़ा। उन पर पत्थरबाजी और फायरिंग की। यहाँ तक कि पुलिस की जीप तालाब में पलट दी। जमातियों को तलाश रही पुलिस पर महाराष्ट्र के सोलापुर में पत्थरबाजी की गई। 28 मार्च को असम के बोंगाईगाँव में पुलिस पर पत्थरबाजी की गई।

2. मस्जिद में छुपे हुए तबलीगी जमात के विदेशी सदस्य

पुलिस की जाँच में तबलीगी मरकज के लोगों के नए ठिकाने भी सामने आते रहे। 31 मार्च को ही पटना, राँची, दिल्ली और महाराष्ट्र के मस्जिद से मौलवियों के मिलने की खबर के बाद UP की राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद इलाके में डीएम के छापे के बाद इस खबर का खुलासा हुआ कि वहाँ के मरकजी मस्जिद में 6 विदेशी लोग रह रहे थे। ये किर्गिस्तान और कजाकिस्तान के नागरिक थे और वो भी निजामुद्दीन के जलसे में भाग लेने आए थे।

3. जान-बूझकर इधर-उधर थूक रहे तबलीग़ी जमात के लोग

घटना का पता चलने के बाद दिल्ली के निजामुद्दीन से ले जाए जा रहे सभी जमाती लोग बदतमीजी पर उतर आए। उनके द्वारा वो सारी हरकतें की जा रही हैं, जिनसे संक्रमण फैलने का ख़तरा हो सकता था। एक डॉक्टर ने बताया कि बस से ले जाए जा रहे ये सभी लोग इधर-उधर थूक रहे थे और अधिकारियों की बात नहीं मान रहे हैं। ये सभी बस की खिड़कियों की तरफ़ से थूक रहे थे, जिससे अन्य लोगों में संक्रमण फैलने का ख़तरा हो सकता था।

4. पाकिस्तान में पुलिस अधिकारी पर जमातियों का चाकू से हमला

31 March, 2020 को ही पाकिस्तान से एक खबर सामने आई जिसमें इस्लामिक प्रचारक तबलीगी जमात के 27 सदस्यों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई। जब क्वारंटाइन सेंटर में सभी तबलीगी जमातियों का टेस्ट किया जा रहा था तो उनमें से एक प्रचारक ने क्वारंटाइन से बचने के लिए पुलिस ऑफिसर SHO अशरफ मलिक माखी पर चाकू से हमला कर दिया और भागने की कोशिश की। इसमें जो एक विशेष प्रकार का पैटर्न देखा गया, वह यह था कि संक्रमित जमातियों द्वारा पुलिस और डॉक्टर्स पर हमला सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि भारत में भी किया जा रहा था।

5. डॉक्टर्स पर थूकने वाले जमाती

1 अप्रैल को आइसोलेशन में रखे तबलीगी जमातियों के डॉक्टर्स पर थूकने का अजीबोगरीब मामला सामने आया। वो अस्पताल ले जाते हुए खाने की चीजों की अनुचित माँग करते रहे। जमाती, क्वारंटाइन सेंटर में कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार के साथ ही वहाँ पर मौजूद डॉक्टरों समेत अन्य काम करने वाले सभी लोगों पर थूकने लगे।

6. नर्सों पर अश्लील टिप्पणी, क्वारंटाइन में अश्लील विडियो, डॉक्टर्स से बदसलूकी

2 अप्रैल को गाजियाबाद के आइसोलेशन वार्ड में रखे गए संभावित कोरोनावायरस तबलीगी जमाती मरीजों के खिलाफ सीएमओ गाजियाबाद ने बताया कि आइसोलेशन में रखे गए तबलीगी जमाती बिना कपड़ों, पैंट के नंगे घूम रहे थे। यही नहीं, आइसोलेशन में रखे गए ये जमाती अश्लील वीडियो चलाने के साथ ही नर्सों को गंदे-गंदे इशारे भी कर रहे थे। स्टाफ के साथ हर प्रकार की बदसलूकी के साथ ही बीड़ी-सिगरेट की माँग भी की।

7. छुपे हुए जमातियों की सूचना देने वाले की पिटाई

इंदौर-महाराष्ट्र में ऐसे मामले सामने आने लगे, जिनमें जाँच करने वाले या फिर जमातियों के छुपे होने की जानकारी देने वालों पर हमले किए गए। महाराष्ट्र में एक 56 वर्षीय व्यक्ति ने जब सूचना दी कि वहॉं के सात लोग दिल्ली निजामुद्दीन में जमात के कार्यक्रम में शामिल होकर गॉंव लौटे हैं तो नाराज जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। हालात ये थे कि अस्पताल में ही पुलिस तैनात करनी पड़ी और कुछ जमातियों को जेल में आइसोलेट करना पड़ा।

8. क्वारंटाइन वार्ड में जमातियों ने थूक-थूक कर गंदगी

4 अप्रैल 2020 की एक रिपोर्ट में कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के क्वारंटाइन वार्ड में जमातियों ने थूक-थूक कर गंदगी फैलाने का मामला सामने आया। यह सोशल डिस्टेंसिंग का एकदम भद्दा मजाक था। जमाती अस्पताल में एक ही बेड पर बैठे रहते और डॉक्टरों से जाँच कराने से भी इंकार कर रहे थे।

9. नर्स और स्वास्थयकर्मियों के साथ बदसलूकी

गाजियाबाद के सुंदरदीप आयुर्वेदिक कॉलेज की महिला कर्मियों के साथ अभद्रता की। जमाती नर्सों के साथ बदतमीजी करने के साथ ही अश्लील टिप्पणियाँ भी कर रहे थे। कोई उनसे कहता कि हैदराबाद चलो, वहाँ जन्नत की सैर कराएँगे, तो कोई अन्य अश्लील टिप्पणियाँ कर रहे थे।

10. अस्पताल में उपद्रव: बिरियानी-अंडा करी की डिमांड

बिजनौर में 8 इंडोनेशियाई जमातियों ने अंडा-करी और बिरयानी की माँग की। साथ ही उन्होंने सफाई कर्मचारियों के साथ भी अभद्रता की थी। बस्ती और आगरा में भी बिरयानी माँग कर हॉस्पिटल कर्मचारियों को परेशान किया।

मुरादाबाद में जमातियों ने दाल-रोटी खाने से इनकार कर दिया। जमातियों ने ऐसी ही माँग उत्तरखंड की राजधानी देहरादून स्थित दून अस्पताल में भी की, साथ ही यह भी पता चला कि जमाती एक बार में 25-25 रोटियाँ हजम कर जाते हैं और तब भी संतुष्ट नहीं होते।

11. जमातियों का हॉस्पिटल में हंगामा

अहमदाबाद के सोला अस्पताल में तबलीगी जमात के सदस्यों ने हंगामा खड़ा करते हुए दवाएँ और इंजेक्शंस लेने से मना कर दिया। इनका आरोप था कि सरकार इन्हें जान से मारने की कोशिश कर रही है।

जमातियों ने खुद की इच्छा के विरुद्ध अस्पताल में रखे जाने का आरोप लगाया और एक कोने में इकट्ठा हो गए। इसके बाद अस्पताल प्रशासन को एक मुस्लिम डॉक्टर को बुलाना पड़ा। 5 घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद मुस्लिम डॉक्टर की काउन्सिलिंग के बाद जाकर जमातियों ने हंगामा बंद किया।

12. कमरे के बाहर शौच, क्वारंटाइन सेंटर में सफाईकर्मी से बदसलूकी

उत्तर प्रदेश नरेला के क्वारंटाइन सेंटर में जहाँ कई जमातियों को कोरोना संदिग्ध होने पर रखा गया था, उनमें से 2 जमातियों ने अपने कमरे के बाहर ही शौच कर दी और जब सफाईकर्मी वहाँ पहुँचे तो ये लोग उनसे भी बदसलूकी करने लगे। इस हरकत की खबर फौरन नरेला इंडस्ट्रियल थाना पुलिस को दी गई और पुलिस ने बाराबंकी निवासी मो. फहद और अदनान जहीर के खिलाफ सरकारी आदेश का उल्लंघन समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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