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‘बंद करो, अंजाम बुरा होगा’: अंसार ने हनुमान चालीसा पर दी थी धमकी, घायल VHP कार्यकर्ता ने बताया जहाँगीरपुरी में क्या हुआ

"मैं खून से लथपथ हो गया था। पुलिसवालों ने मुझे अपनी तरफ खींचा और गाड़ी में बैठाया, लेकिन मैं गाड़ी से कार्यकर्ताओं को बचाने के लिए फिर उतरा।"

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव पर हुई हिंसा (Delhi Jahangirpuri Riot) में 8 पुलिसकर्मी सहित कई नागरिकों के घायल होने की खबर है। इस मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अब तक 23 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें पुलिस पर गोली चलाने वाला यूनुस सोनू, असलम और दंगा भड़काने का आरोपित अंसार भी शामिल है। इस बीच खबर आई है कि हनुमान जयंती पर शोभा यात्रा का नेतृत्व कर रहे उमाशंकर दुबे की गर्दन पर हिंसक भीड़ ने तलवार से वार किया था, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।

उनका दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। उमाशंकर दुबे ने उस दिन उनके साथ क्या-क्या हुआ था और कैसे अंसार ने हनुमान चालीसा के पाठ के दौरान अंजाम भुगतने की धमकी दी थी, उसके बारे में ‘आज तक’ को सिलसिलेवार ढंग से बताया।

उन्होंने बताया, “मैं 16 अप्रैल को हनुमान जयंती पर शोभा यात्रा का नेतृत्व कर रहा था। दंगा शाम को करीब साढ़े 5 बजे शुरू हुआ था। शुरुआत में 70 से 80 लोग इसका विरोध कर रहे थे। उसके बाद भीड़ बढ़ती गई। अचानक छत से पत्थर और बोतलें फेंकी जाने लगीं। अंसार उस वक्त 60-70 लोगों के साथ सी-ब्लॉक में मस्जिद के सामने मौजूद था। अंसार को उसी के ग्रुप के लोगों ने कहा कि इन लोगों को छोड़ना मत, जाने मत देना। मैंने अंसार से कहा कि ये लोग निहत्थे हैं, इन्हें मत मारना। इस पर अंसार ने कहा कि जो किया वो भुगतना पड़ेगा।”

दुबे के शब्दों में, “दो से तीन महीने पहले बजरंग दल की हनुमान चालीसा के पाठ के दौरान जहाँगीरपुरी में अंसार ने उनके कार्यकर्ताओं को धमकी दी थी। उसने कहा था कि ये सब करना बंद कर कर दो, नहीं तो अंजाम बुरा होगा।”

उमाशंकर ने बताया, “हिंसा के दौरान मुन्ना बंगाली, आरिफ, रफी और आलम के नाम भी लिए जा रहे थे। बाहर से भी लोगों को बुलाया गया था। विवाद के दौरान मेरी गर्दन पर तलवार से वार किया गया। मैं खून से लथपथ हो गया था। पुलिसवालों ने मुझे अपनी तरफ खींचा और गाड़ी में बैठाया, लेकिन मैं गाड़ी से कार्यकर्ताओं को बचाने के लिए फिर उतरा। मैं अपने कार्यकर्ताओं को पीछे की गली से लेकर वहाँ से निकला, लेकिन तभी छत से पत्थर फेंके जाने लगे। केमिकल्स से भरी बोतलें फेंकी जा रही थीं। इस दौरान कई राउंड फायरिंग भी की गई। मैं लोगों को बचाने में जुटा था। हमला करने वाले ज्यादातर बंगाली मुस्लिम थे। पुलिस के आने के बाद यह मामला शांत हुआ।”

बता दें कि जहाँगीरपुरी इलाके में हिंसा (Delhi Jahangirpuri Riot) के दौरान पुलिस पर फायरिंग करने वाले यूनुस सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो में मोहम्मद सोनू उर्फ यूनुस सोनू हिंसा के दौरान गोली चलाते हुए दिख रहा है। वह हिस्ट्रीशीटर सलीम चिकना का भाई है। वीडियो में वह नीले रंग का कुर्ता और जालीदार टोपी पहना हुआ है। स्पेशल कमिश्नर दीपेंद्र पाठक ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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