Home Blog Page 380

‘घर में घुस पिता-पुत्र को काट डाला, अब विधवाओं को धमका रही बंगाल पुलिस और TMC के गुंडे’: मुर्शिदाबाद के हिन्दू परिवार ने राज्यपाल से लगाई सुरक्षा की गुहार

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के गुंडे और पुलिस हिंसा में मारे गए हिन्दू पिता-पुत्र की पत्नियों को धमकी दे रहे हैं। चंदन दास और उनके पिता हरगोबिन्द दास को इस्लामी कट्टरपंथियों ने मुर्शिदाबाद में घर से खींच कर मार दिया था। पीड़ित महिलाओं ने अब सुरक्षा के लिए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल CV आनंद बोस को पत्र लिखा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता पिंकी दास और पारुल दास ने 4 पन्ने का पत्र अपनी समस्याएँ बताते हुए राज्यपाल बोस को लिखा है। उन्होंने बताया है कि पुलिस ने उन्हें किडनैप करने का प्रयास किया। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि यह पत्र एक छुपी हुई जगह से लिखा है।

उन्होंने पत्र में लिखा, “हम, हरगोबिंद दास और चंदन दास की दो विधवाएँ, टूटे हुए दिल और काँपते हाथों से आपको न्याय और सुरक्षा की माँग करते हुए पत्र लिख रही हैं। हम यह पत्र एक गुप्त स्थान से लिख रही हैं, ना केवल सत्ताधारी पार्टी बल्कि पुलिस भी हमें लगातार धमका रही है।”

दोनों महिलाओं ने पत्र में बताया कि उन्हें राज्यपाल बोस सुरक्षा उपलब्ध करवाएँ। दोनों महिलाएँ वर्तमान में मुर्शिदाबाद स्थित अपने घर में भी नहीं रह रहीं। उन्होंने दूसरी जगह शरण ले रखी है। दोनों महिलाएँ रविवार (4 मई, 2025) को कोलकाता पहुँची।

यहाँ उन्होंने अपने साथ हुई प्रताड़ना को बताया। उनके साथ इस दौरान कई भाजपा नेता भी मौजूद थे। पीड़ित महिलाओं ने सारी समस्याएँ बताते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीशों और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को भी पत्र लिखा है।

वहीं पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मामले पीड़ित हिन्दू महिलाओं के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने दावा किया है कि वह शनिवार (3 मई, 2025) को महिलाओं के घर के एक शिकायत के बाद पहुँची थी और वह दोनों वहाँ नहीं मिलीं। पुलिस बताया कि दोनों महिलाएँ इस दौरान एक घर में ठहरी हुई थीं।

गौरलतब है कि 11 अप्रैल, 2025 को मुर्शिदाबाद के धुलियान और शमशेरगंज इलाकों में वक्फ कानून के विरोध के नाम पर इस्लामी भीड़ ने भारी हिंसा की थी। इस हिंसा के दौरान हिन्दुओं के घरों-दुकानों को निशाना बनाया गया था। 3 हिन्दू मार भी दिए गए थे।

चंदन दास और हरगोबिंद दास को उनके घर से खींच कर मारा गया था। वह दोनों मूर्तियाँ बनाने का काम करते थे। इसके बाद उनका परिवार भागने पर विवश हो गया था। पीड़ित परिवार को अपने परिजनों के संस्कार के लिए नाई और पंडित भी नहीं मिले थे।

’10 रुपए की चाउमीन और मोबाइल रिचार्ज के झाँसे में न आएँ बेटियाँ’: ‘लव जिहाद’ पर कथावाचक प्रदीप मिश्रा की दो टूक, बोले – माता और पिता को दें कन्यादान का मौका

कथावाचक प्रदीप मिश्रा अपने बयानों के लिए अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। अब जयपुर के विद्याधर नगर में चल रही शिवमहापुराण कथा के चौथे दिन पर उन्होंने लव जिहाद पर एक बयान दिया है। अपने बयान से उन्होंने लड़कियों को आगाह करने की कोशिश की है।

प्रदीप मिश्रा ने कहा कि लड़कियों को ऐसे लड़कों से बचना चाहिए जो 10 रुपए की चाउमीन खिलाकर, 50 रुपए का पेट्रोल और 60 रुपए का मोबाइल बैलेंस डलवाकर आपको फंसा लें। उनसे बच कर रहें और अपने माता-पिता पर भरोसा रखें। उन्हें कन्यादान का अधिकार दें।

प्रदीप ने आगे कहा कि कभी-कभी थोड़े से स्टाइल, मोबाइल रिचार्ज और झूठे प्यार के दिखावे में आकर युवतियाँ उन लड़कों से प्रभावित हो जाती हैं और ये उनकी सबसे बड़ी भूल बन जाती है।

लव जिहाद पर लड़कियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “बड़े आश्चर्य की बात है कि जिन मां-बाप ने पूरी जिंदगी निकाल दी,पढ़ाया-लिखाया, खर्च किया, जमीन और जेवर गिरवी रख दिए और जिस मां-बाप के लिए तुम चाँद का टुकड़ा थी, आज तुम्हें वो दूसरा चाँद पसंद आ रहा है। इसलिए थोड़ा समझो, दोस्ती किसी से भी करो, कहीं पर भी पढ़ो, पर कह दो कि मेरे माता-पिता अगर चाहेंगे और कन्यादान करेंगे, तो ही मैं शादी करूँगी, वरना मेरे लिए सब धूल है।”

कथा के दौरान प्रदीप मिश्रा ने लड़कियों ,लव जिहाद, बेटियों की सुरक्षा, संस्कार, शिक्षा और पाकिस्तान समेत कई मुद्दों पर अपनी बातें रखी।

प्रदीप मिश्रा ने शिक्षा की महत्ता पर कहा कि बेटों से दोगुणा अधिक बेटियों को पढ़ाओ। यदि बेटियों को अच्छे संस्कार दिए जाएँ तो वे झांसी की रानी, जीजाबाई और अहिल्याबाई जैसी बन सकती हैं।

प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी परिवार के साथ पहुँचे। सीएम के साथ केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य और सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा भी शामिल हुए।

कथा के दौरान पाकिस्तान पर कार्रवाई के विषय पर कथावाचक बोले कि लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं कि आठ दिन निकल गए, दस दिन निकल गए, लेकिन बदला जल्दबाजी में नहीं लिया जाएगा। एक युद्ध बम और गोले से लड़ा जाता है, लेकिन दूसरा युद्ध बुद्धि से। उन्होंने युवाओं को संयम और समझदारी बनाए रखने की बात कही।

श्रीनगर और जम्मू की जेलों पर आतंकी हमले का ख़तरा, बंद हैं कई खतरनाक आतंकी: जारी हुआ हाई अलर्ट, पहलगाम नरसंहार के दौरान मौजूद थी आतंकियों की एक और टीम

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर की जेलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। खुफिया सूत्रों ने चेतावनी दी है कि आतंकी जेलों पर हमला कर सकते हैं, खासकर श्रीनगर की सेंट्रल जेल और जम्मू की कोट बलवाल जेल पर खतरा मंडरा रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जम्मू और कश्मीर जोन की इन जेलों में कई बड़े आतंकी और स्लीपर सेल के सदस्य बंद हैं, जो आतंकियों को लॉजिस्टिक मदद, ठिकाना और उनकी आवाजाही में सहायता देते हैं। बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए हिंदुओं के नरसंहार के मामले की जाँच जारी है, जिसमें इस आतंकी हमले का अंदेशा जताया गया है और अलर्ट जारी कर दिया गया है।

खुफिया जानकारी के आधार पर जम्मू और कश्मीर की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। रविवार (4 मई 2025) को सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के डायरेक्टर जनरल ने श्रीनगर में वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की। CISF ने अक्टूबर 2023 में CRPF से जम्मू-कश्मीर की जेलों की सुरक्षा का जिम्मा लिया था। बैठक में जेलों की सुरक्षा का जायजा लिया गया और किसी भी तरह की चूक रोकने के लिए कदम उठाए गए।

पहलगाम हमले की जाँच में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने आतंकी सहयोगियों निसार और मुश्ताक से पूछताछ की, जो पहले एक सेना की गाड़ी पर हुए हमले से भी जुड़े थे। सूत्रों का कहना है कि दक्षिण कश्मीर के जंगलों में अभी भी आतंकी छिपे हो सकते हैं। खुफिया जानकारी के मुताबिक, पहलगाम हमले के दौरान कुछ आतंकी दूर से कवर फायर देने के लिए तैनात थे, ताकि सुरक्षाबलों को जवाबी कार्रवाई से रोका जा सके। इसका मतलब है कि पहलगाम में हमले के दौरान हमला करने वाले आतंकियों के अलावा बैकअप में भी आतंकियों का ग्रुप मौजूद था।

सूत्रों ने बताया कि इन आतंकियों के पास खाने-पीने का सामान और अन्य जरूरी चीजें हैं, जिससे वे जंगलों में लंबे समय तक टिक सकते हैं। इस खतरे को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित हमले को रोका जा सके।

‘नाम और मजहब पूछकर पीटा’: गाड़ियों की टक्कर में भी फर्जी ख़बर फ़ैलाने वालों ने ढूँढा ‘पीड़ित मुस्लिम’, उत्तराखंड पुलिस ने चेताया

सोशल मीडिया पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने एक बार फिर एक मुस्लिम को पीड़ित दिखाने का प्रयास किया है। गाड़ियों की टक्कर को लेकर हुए विवाद को उन्होंने हिन्दू-मुस्लिम विवाद की तरह दिखाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल की। इस वीडियो में एक मुस्लिम शख्स घायल अवस्था में दिखाई दे रहा है। यह मामला उत्तराखंड के देहरादून का है।

इस वीडियो को शेयर करने वाले यूजर ने दावा किया कि मुस्लिम शख्स से उसका नाम पूछा गया और फिर मजहब भी पूछा गया और उसकी पिटाई कर दी गई, इसके बाद बेरहमी से पीटा। दावा किया गया कि यह वीडियो उत्तराखंड के देहरादून का है।

एक एक्स यूजर Mr Haque ने ट्वीट कर लिखा, “देहरादून, उत्तराखंड। एक मुस्लिम परिवार डोईवाला से देहरादून (चंचक बंजारावाला) शादी समारोह में जा रहे थे। 5 से 6 लोगों ने बंजारावाला में उनसे नाम और मजहब पूछकर लोहे की रॉड और चाकूओं से उन पर हमला कर दिया।”

एक्स पोस्ट का स्क्रीनशॉट

ट्वीट में एक वीडियो भी अटैच किया गया है, जिसमें एक घायल व्यक्ति खून से लथपथ दिखाई दे रहा है। इस फर्जी खबर का प्रचार-प्रसार जफरुल इस्लाम खान ने भी किया है, वो पहले भी हिंदुओं को धमकी दे चुका है। ये फर्जी खबर एक्स पर भी वायरल हो गई।

वीडियो का सच सामने आने पुलिस ने दी चेतावनी

अब आपको वीडियो के पीछे का सच बताते हैं। देहरादून पुलिस ने ‘Mr Haque’ द्वारा किए गए इस दावे को झूठा बताया है। असलियत में यह मामला सड़क पर हुई आम कहासुनी का है। जिसको कुछ इस्लामी कट्टरपंथी बता रहे हैं कि मुस्लिम शख्स पर मजहब पूछ कर किया गया हमला बता रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 1 मई 2025 की है। वीडियो में दिख रहा खून से लथपथ शख्स की पहचान अनिश अली के रूप में हुई है। अनिश और उसका परिवार एक शादी समारोह में जा रहा था। इस दौरान सड़क के बीचीबोच उनकी कार लड़ गई, जिसके चलते ट्रैफिक बाधित हो गया।

इसी कारण अली और अन्य व्यक्ति संजय रावत के बीच झड़प हो गई। दोनों ने एक दूसरे पर हाथ छोड़ दिया, इसके चलते दोनों को चोटें आईं। घटना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुँची। पुलिस ही घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले गई।

इसके बाद पुलिस की टीम को इलाके में तैनात किया गया था। पुलिस ने इस मामले में CCTV भी खँगाला। इसी के आधार पर कुछ लोगों पर FIR भी दर्ज की गई थी।

देहरादून पुलिस ने चेतावनी देते हुए कहा, “यह घटना एक कार के खराब होने और ट्रैफिक जाम लगने के कारण हुए विवाद के कारण हुई। हालाँकि, सोशल मीडिया के जरिए कुछ लोग इस घटना को मजहबी रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस लगातार सोशल मीडिया पर नजर रख रही है और ऐसे लोगों की पहचान कर रही है, ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

ऐसा पहली बार नहीं है…

ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब हिंदुओं का बदनाम करने की कोशिश की गई हो। हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही सोशल मीडिया पर ‘मुस्लिम पीड़ित’ होने की झूठी कहानियों का जमावड़ा लग गया। जहाँ इस्लामी आतंकवादियों ने हिंदुओं का कत्लेआम किया था।

ये मनगढ़ंत कहानियाँ इस तरह से गढ़ी गई हैं कि हिंदुओं को शैतान की तरह पेश किया जाए। अब इस ‘मुस्लिम पीड़ित’ कार्ड का इस्तेमाल आतंकी हमले की धार्मिक घृणा से प्रेरित होकर प्रकृति से सार्वजनिक बहस को हटाने के लिए किया जाता है।

J&K के पुंछ में सेना को मिला आतंकी ठिकाना, IED-वायरलेस बरामद: पहलगाम हमले के बाद चल रहा सर्च ऑपरेशन, रक्षा मंत्री बोले- आप जो चाहते हैं वो होगा

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में सुरक्षा बलों ने एक आतंकी ठिकाना खोजा है। सोमवार (5 मई 2025) को पुंछ के सूरनकोट इलाके के मारहोट गाँव में सुरक्षा बलों ने इस ठिकाने से 5 IED बम, 2 वायरलेस सेट और कुछ कपड़े बरामद किए हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह ठिकाना आतंकी छुपने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे।

यह आतंकी ठिकाना मिलने के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन चालू कर दिया है। इस इलाके में बीते कुछ महीनों में आतंकियों की गतिविधियाँ तेजी से बढ़ी हैं। आतंकी कश्मीर से निकल कर अब जम्मू इलाके में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कई बार सुरक्षाबलों के वाहनों को निशाना बनाया है।

इस बरामदगी होने के बाद जम्मू और श्रीनगर जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक बढ़ा दिया गया है। इन जेलों में कई आतंकी बंद हैं। वहीं, NIA ने अपनी जाँच में 2023 में डांगरी में हुए आतंकी हमलों में गिरफ्तार हुए लश्कर से जुड़े निसार अहमद और मुश्ताक हुसैन से पूछताछ की है। इनके भी पहलगाम हमले के से जुड़े होने की आशंका है।

वहीं पहलगाम आतंकी हमले के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि जैसा देश चाहता है पाक को वैसा ही जवाब मिलेगा।रविवार (4 मई 2025) को दिल्ली के भारत मंडपम में हुए एक कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने आतंकी हमले की निंदा की।

उन्होंने कहा, “भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आप सभी जानते हैं। उनके पास जोखिम उठाने की क्षमता है। वे जानते हैं कब और कैसे निर्णय लेना है। अब जैसा देश चाहता है, वैसा ही जवाब पाकिस्तान को दिया जाएगा।”

अपने बयान में राजनाथ सिंह ने आगे कहा, “रक्षा मंत्री के तौर पर यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं अपने सैनिकों के साथ मिलकर काम करूं और देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करूं। यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं सेना के साथ मिलकर देश की ओर आँख उठाने वालों को मुंहतोड़ जवाब दूं।”

पहलगाम आतंकी हमले में कुल 28 लोगों को मार दिया गया था और कई लोग घायल हुए थे। मरने वालों में 24 हिंदुओं समेत दो विदेशी नागरिक भी शामिल थे। इस हमले के बाद पाकिस्तान के लिए देश में काफी गुस्सा भरा हुआ है। लोगों का कहना है कि इस हमले के लिए कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और पाकिस्तान को उसके किए का बदला मिलना चाहिए।

पहलगाम हमले के बाद पीएम मोदी ने भी कड़ी कार्रवाई और बदला लेने की बात कही थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का ये बयान भी इसी ओर इशारा कर रहा है कि जल्द ही भारत की ओर से कोई बड़ा कदम उठाया जाएगा।

UNSC में होगी भारत-पाक के लिए बैठक

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सोमवार (5 मई 2025) को भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर अहम बैठक भी की जाएगी। इसमें दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी-अपनी बात रखेंगे। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपना बयान जारी कर एक बार फिर भारत की ‘शिकायत’ करने की बात कही है।

पाक के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान UNSC को भारत की कथित आक्रामक कार्रवाइयों, उकसावे और भड़काऊ बयानों के बारे में बताएगा। पाकिस्तान सिंधु जल संधि को निलंबित करने और चिनाब के पानी को रोकने की जानकारी भी देगा।

NIA की जाँच जारी

पहलगाम आतंकी हमलों को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) अपनी जाँच शुरू कर चुका है। हमलों से जुड़े कई पहलुओं पर लगातार पूछताछ की जा रही है। NIA को जाँच में पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा, ISI और पाकिस्तानी सेना से जुड़े कुछ अहम सुराग भी हाथ लगे हैं।

पहलगाम हमले के बाद सरकार ने जम्मू-कश्मीर में 14 स्थानीय आतंकियों की लिस्ट जारी की थी। इनमें लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM), हिजबुल मुजाहिदीन (HM) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के आतंकी शामिल हैं।

तनवीर ने 8 साल तक किया हिन्दू लड़की से बलात्कार, नाजिम के साथ मिलकर भी किया गैंगरेप, इस्लाम कबूलने का बनाया दबाव: उत्तराखंड के हरिद्वार का मामला

उत्तराखंड में एक हिन्दू लड़की से रेप और धर्मांतरण के मामले में तनवीर और नाजिम नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

दरअसल हिन्दू लड़की को प्रेम जाल में फँसाकर पिछले 8 सालों से उसका रेप किया जा रहा था और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था। इतना ही नहीं तनवीर और नाजिम लड़की को नेपाल ले जाने के फिराक में थे।

घटना जून 2017 की है जब नाबालिग लड़की से पहली बार तनवीर ने रेप किया। अगले दिन लड़की को वकील नाजिम के पास ले गया और निकाह की बात कहने लगा। तनवीर और नाजिम ने मिलकर लड़की पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। लड़की का कहना है कि 2017 से उसकी तनवीर के साथ दोस्ती है।

हरिद्वार के बहादराबाद की ये घटना का पता तब चला जब 1 मई को परिजनों ने बेटी की गुमशुदगी की शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने लड़की को हरिद्वार बस स्टैंड से बरामद किया। लड़की के बयान पर पुलिस ने वकील नाजिम को बहादराबाद से गिरफ्तार किया। लड़की के परिजनों का कहना है कि जब 1 मई को सुबह कॉलेज जाने के बाद शाम को बेटी घर वापस नहीं आई तो उन्हें चिंता होने लगी और उन्होने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। लड़की के मुताबिक 2 मई को उसके साथ तनवीर और नाजिम ने गैंगरेप किया। वो लोग उसे नेपाल ले जाना चाहते थे।

पुलिस ने शिकायत के बाद 48 घंटे के भीतर लड़की को ढूँढ निकाला। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले इसमें लड़की की जानकारी मिली। इसके लिए पुलिस ने अलग अलग टीमें गठित की और संभावित ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान सभी जगहों के सीसीटीवी के फुटेज चेक किए गए। वहीं से पुलिस को युवती के बारे में सुराग मिला।

लड़की जब दो मई को हरिद्वार बस स्टैंड गई थी तो तनवीर अनवर भी उसके साथ था। पुलिस ने वहाँ से तनवीर को गिरफ्तार किया। पीड़िता ने घटना की जानकारी देते हुए कहा है कि 2017 में तनवीर से उसकी दोस्ती है और उसने उस वक्त ‘संबंध’ बनाए थे। 2017 में लड़की नाबालिग थी।

चाकू दिखाया, मुँह पर कपड़ा बाँधा, कार में रेप… जानिए कौन है वो उस्मान जिससे डरकर गुमसुम रहने लगी थी बच्ची, माँ ने प्यार से पूछा तो खुला राज; 10 दिन घिसट कर चलती रही मासूम

नैनीताल शहर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। 12 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का आरोप शहर के मशहूर और करोड़पति ठेकेदार उस्मान पर लगा है। 72 साल के उस्मान की रईसी और रसूख की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं। वह कई लग्जरी कारों का मालिक है, उसके बच्चे अच्छी-अच्छी सरकारी नौकरियों में सेट हैं, और वह खुद करोड़ों के ठेके लेता है।

पुलिस के मुताबिक, 12 अप्रैल 2025 की शाम को बच्ची बाजार में थी। उस्मान ने उसे 200 रुपये का लालच देकर अपने घर बुलाया। वहाँ उसने अपने गैराज में खड़ी एक कार में बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची ने जब विरोध किया, तो उस्मान ने चाकू दिखाकर उसे डराया और मुँह पर कपड़ा बाँध दिया। उसने धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया, तो पूरे परिवार को जान से मार देगा। डर की वजह से बच्ची कई दिन चुप रही और गुमसुम रहने लगी।

बच्ची की बड़ी बहन को उसकी चुप्पी खटकी। उसने पहले नानी को बुलाया, फिर माँ को फोन किया। माँ ने प्यार से पूछा तो बच्ची ने सारी बात उगल दी। 30 अप्रैल 2025 की रात मल्लीताल कोतवाली में उस्मान के खिलाफ केस दर्ज हुआ। पुलिस ने उसे फौरन गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली प्रभारी हेमचंद्र पंत ने बताया कि उस्मान के गैराज में कई गाड़ियाँ हैं। इनमें से किसी एक में दुष्कर्म हुआ होगा, इसलिए सभी गाड़ियों को फोरेंसिक जाँच के लिए भेजा जा रहा है।

आरोपित उस्मान की जिंदगी किसी राजा से कम नहीं थी। चार दशक पहले वह एक मामूली राजमिस्त्री था। मेहनत और चालाकी से उसने छोटे-मोटे ठेके लेने शुरू किए। फिर लोक निर्माण विभाग में सी क्लास ठेकेदार बना। आज वह नगर पालिका और कई सरकारी विभागों में बड़े-बड़े ठेके लेता है। हाल ही में उसे ढाई करोड़ का एक मोटा ठेका मिला था। उसकी दो शादियाँ हुई हैं। तीन बच्चों में से एक सरकारी डॉक्टर है, दूसरा लोक निर्माण विभाग में अभियंता। तीसरा बच्चा भी अच्छी जिंदगी जी रहा है। कई लग्जरी कारों और आलीशान घर का मालिक उस्मान अब जेल की सलाखों के पीछे है।

नैनीताल कांड की पीड़ित से डॉक्टरों की बेरुखी, 10 दिन घुटनों पर रेंगी

नैनीताल में 12 साल की मासूम की चीखें गूँज रही हैं। डॉक्टरों की बेरुखी ने उसे तड़पने को छोड़ दिया। 72 साल के ठेकेदार उस्मान ने बच्ची को 200 रुपये का लालच देकर अपने घर बुलाया और दुष्कर्म जैसी घिनौनी हरकत की। डर और दर्द से टूटी बच्ची 10 दिन तक घुटनों के बल रेंगती रही। उसका नन्हा शरीर असहनीय पीड़ा से कराहता रहा, मगर वह ठीक से बैठ भी नहीं पाई।

उस्मान की धमकी ने उसे चुप करा दिया था। बड़ी बहन ने उसकी हालत देख माँ को संभल से बुलाया। 23 अप्रैल को माँ आई, मगर बच्ची दो दिन तक कुछ न बोली। 25 अप्रैल को माँ उसे हल्द्वानी के महिला अस्पताल ले गई। वहाँ डॉक्टरों ने ओपीडी पर्चा तो बनाया, मगर इलाज से पहले पुलिस में शिकायत की शर्त रख दी।

बेबस माँ अपनी तड़पती बेटी को बिना इलाज घर लौट आई। मोहल्ले में अनहोनी की बातें होने लगीं। एक महिला की सलाह पर माँ समाजसेवी के पास पहुँची। बच्ची ने माँ से लिपटकर सारी दास्ताँ रो-रोकर सुनाई। 30 अप्रैल को मल्लीताल कोतवाली में केस दर्ज हुआ। डीएम वंदना ने बच्ची को हर मदद का भरोसा दिया है। डॉक्टरों की लापरवाही की जाँच होगी।

हाई कोर्ट ने लगा दी घर गिराने पर रोक

उत्तराखंड हाई कोर्ट ने भी मामले को गंभीरता से लिया और सरकार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। प्रशासन ने उस्मान के घर पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा किया, लेकिन हाई कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। शहर के लोग उस्मान को सख्त सजा देने की माँग कर रहे हैं। इस मामले ने नैनीताल की शांति को तोड़ दिया है। अब सबकी नजरें जाँच और इंसाफ पर टिकी हैं।

इस घटना ने नैनीताल में तनाव पैदा कर दिया। गुस्साए लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया, दुकानों में तोड़फोड़ की और मस्जिद पर पथराव हुआ। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। भारी पुलिस बल तैनात है। डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि हालात काबू में हैं और चार धाम यात्रा के लिए आए तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है।

कश्मीर में PM मोदी थे निशाना, कार्यक्रम टलने से बौखलाए थे पहलगाम के आतंकी: 15 दिन पहले दुकान खोलने वाले से पूछताछ, जानिए क्या थे ख़ुफ़िया इनपुट्स

जम्मू कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में 22 अप्रैल, 2025 को आतंकियों ने धर्म पूछ-पूछकर 28 पर्यटकों को मार डाला। उनके पैंट उतरवा-उतरवा कर चेक किया गया कि उनका खतना हुआ है या नहीं। अब सामने आया है कि इन आतंकियों के निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे, लेकिन उनका कार्यक्रम टलने के कारण ये आतंकी बौखलाए हुए थे। बता दें कि कटरा से श्रीनगर वाली ‘वन्दे भारत’ एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन करने के लिए पीएम मोदी कश्मीर दौरे पर जाने वाले थे।

PM मोदी थे निशाना, ‘वन्दे भारत’ वाला कार्यक्रम टलने से बौखलाए

इस घटना के लिए चीनी कंपनी हुवावे के फोन का इस्तेमाल किया गया, वहीं हथियार पाकिस्तान से तस्करी करके लाए गए। बता दें कि Huawei-ZTE को 5G नेटवर्क के लिए भारत में उपकरण बेचने की अनुमति नहीं है। यहाँ तक कि अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक ने सुरक्षा कारणों से इसे बैन कर रखा है। 19 अप्रैल को ही पीएम मोदी का दौरा रद्द होने की सूचना आ गई थी। पहलगाम में 2 आतंकी पहले से ही यात्रियों में घुले-मिले हुए थे और वो उन्हें फ़ूड कोर्ट में वहाँ ले गए जहाँ बाकी के दो आतंकी थे।

कश्मीर में 20 OGW (ओवर ग्राउंड वर्कर्स) की पहचान ख़ुफ़िया एजेंसियों ने की है। इस हमले में पाकिस्तानी फ़ौज, वहाँ की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा के मिले होने की बात पता चली है। हाशमी मूसा उर्फ सुलेमान और अली भाई उर्फ तल्हा – ये दोनों आतंकी पाकिस्तानी नागरिक हैं। आतंकियों ने अरु घाटी और बेताब घाटी के मनोरंजन स्थलों की भी रेकी की थी लेकिन सुरक्षा व्यवस्था कम होने के कारण उन्होंने बैसरन घाटी को निशाना बनाया।

इस मामले की जाँच की गहनता का आप इसी से अंदाज़ा लगा सकते हैं कि 2800 लोगों से अबतक NIA की पूछताछ कर चुकी है। 180 से अधिक लोग अब भी हिरासत में हैं। इनमें से अधिकतर जमात-ए-इस्लामी व हुर्रियत के विभिन्न समूहों से जुड़े हुए हैं। पहलगाम आने-जाने वाले मार्गों की CCTV फुटेज की भी जाँच की जा रही है। उधर पाकिस्तान भी भारत द्वारा जवाबी कार्रवाई की संभावना के कारण खौफ में है। सर्जिकल और एयर स्ट्राइक की यादें आज भी वहाँ ताज़ा हैं।

श्रीनगर में आतंकी हमले की आशंका: मिले थे ख़ुफ़िया इनपुट्स

ये भी सामने आया है कि संभावित आतंकी हमले को लेकर 12 अप्रैल को ही ख़ुफ़िया एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी। इसमें आशंका जताई गई थी कि श्रीनगर और इसके आसपास के इलाक़ों में आतंकी होटलों में ठहरे पर्यटकों को निशाना बना सकते हैं। इन्हीं गुप्त सूचनाओं के बाद पूरे ज़बरवान घाटी के अलावा डल झील और श्रीनगर स्थित मुग़ल गार्डन की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। आतंकी हमले से पहले DGP समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इलाक़े में कैम्प करके ख़ुद वहाँ की निगरानी की थी।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की ख़बर के अनुसार, जम्मू कश्मीर पुलिस समेत सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट्स मिले थे। उन्हें आशंका थी कि हमला होने वाला है। उन्हें लगा था कि श्रीनगर के बाहर किसी होटल को निशाना बनाया जा सकता है। नागरिकों की हत्याओं की अधिकतर वारदातें दक्षिणी कश्मीर में ही हुई हैं। दाचीगाम, निशात व अन्य इलाक़ों में पहलगाम हमले से 10-15 दिन पहले तलाशी अभियान भी चलाया गया था। हालाँकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि ये इंटेलिजेंस इनपुट्स उतने पुख्ता नहीं थे।

एक स्थानीय दुकानदार भी शक के घेरे में

पहलगाम में हुए आतंकी हमले से 15 दिन पहले एक शख्स ने वहाँ एक दुकान खोली थी। हालाँकि, हैरानी की बात ये रही कि हमले वाले दिन उसने अपनी दुकान बंद रखी थी। NIA भी उससे पूछताछ कर रही है। NIA अबतक इस मामले में 100 संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। अब उक्त दुकानदार के फोन कॉल के डिटेल्स भी खँगाले जा रहे हैं। फोटोग्राफरों से लेकर घोड़े वालों और दुकानदारों जैसे कई स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई है। इससे पहले वीडियो में हमले के समय ‘अल्लाह-हू-अकबर’ चिल्लाते हुए दिखे एक जिपलाइन ऑपरेटर को क्लीन-चिट दी जा चुकी है।

पूछताछ के दौरान पता चला कि वो उस समय काफी डर गया था और घर जाकर उसने एक दोस्त को फोन कॉल किया था। अगस्त 2023 में कुलगाम में 3 जवानों की हत्या कर दी गई थी, जाँच एजेंसियों को शक है कि उसी समूह ने पहलगाम में भी ख़ून बहाया है। मई 2024 में जम्मू के पुँछ जिले में हुए आतंकी हमले में भी इन्हीं के शामिल होने का शक है। उसमें वायुसेना के एक जवान की हत्या कर दी गई थी। पहले हुए आतंकी हमलों की डिटेल्स फिर से जाँची जा रही है।

12 साल की बच्ची, दरिंदा 65 साल का उस्मान… लेकिन न्यूजलॉन्ड्री के लिए नैनीताल रेप ‘लव अफेयर’ और ‘छोटी घटना’, भद्द पिटी तो माफी माँग Video हटाया

न्यूज़लॉन्ड्री ने शनिवार (3 मई, 2025) को अपने पॉडकास्ट ‘हफ्ता’ का 535वाँ एपिसोड जारी किया, जिसमें विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस और पहलगाम हमले पर चर्चा की गई। इस एपिसोड के दौरान पैनलिस्ट रमन किरपाल ने उत्तराखंड के नैनीताल में 65 वर्षीय साल के व्यक्ति मुहम्मद उस्मान द्वारा 12 वर्षीय लड़की के साथ हुए बलात्कार की घटना पर अपमानजनक टिप्पणी की।

उन्होंने इस गंभीर अपराध को ‘एक मुस्लिम लड़के और हिंदू लड़की के बीच प्रेम संबंध’ के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की। उन्होंने दर्शकों के समक्ष इस घटना को कमतर आँकने का प्रयास किया। किरपाल ने यह भी कहा कि इस घटना के चलते मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है और दावा किया कि स्थानीय हिंदुओं ने केवल इसलिए हमला किया क्योंकि मामला एक मुस्लिम पुरुष और हिंदू लड़की के कथित संबंध से जुड़ा था। इस बयान ने कार्यक्रम की चर्चा को विवादास्पद बना दिया।

किरपाल ने इस घटना को ‘छोटी घटना’ बताते हुए कहा कि नैनीताल में एक लड़के और लड़की के बीच प्रेम प्रसंग या कोई अन्य समस्या थी, जिसके चलते हिंसा भड़क उठी – इसके बाद मुस्लिमों को निशाना बनाकर पीटा गया और शहर की कई प्रमुख दुकानों को जबरन बंद करवाया गया।

फिलहाल पूरा इलाका बंद है और माहौल तनावपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह हिंसा सीधे तौर पर मुस्लिमों के खिलाफ की गई है। किरपाल के इस बयान से अभिनंदन सेखरी और मनीषा पांडे ने सहमति जताई। उन्होंने आगे कहा, “इसीलिए, वे अलग-थलग पड़ गए हैं। और ये सभी घटनाएँ हो रही हैं, और मोदी ने कभी इसके बारे में बात नहीं की।”

हालाँकि, बाद में जब इस बयान ने विवाद का रूप ले लिया तब अपने बयान पर माफी माँगते हुए रमन किरपाल ने ‘X’ पर ट्वीट किया कि वो नैनीताल में नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न की घटना का वर्णन करते समय अनजाने में हुई गलती के लिए ईमानदारी से माफ़ी माँगना चाहते हैं। उन्होंने लिखा, “मुझे अपने शब्दों पर बहुत खेद है। एक संपादक और पत्रकार के रूप में, कोई भी बयान देने से पहले पूरी जानकारी लेना मेरी ज़िम्मेदारी थी।”

उन्होंने आगे लिखा, “हमने गलत वाक्य को हटाने के बाद वीडियो को फिर से अपलोड किया है। मैं फिर से ईमानदारी से माफ़ी माँगता हूँ।”

नैनीताल में 65 वर्षीय मुस्लिम व्यक्ति ने 12 वर्षीय नाबालिग हिंदू के साथ किया बलात्कार

यह घटना 12 अप्रैल, 2025 की है, जब पीड़िता कुछ सामान ख़रीदने के लिए स्थानीय बाजार गई थी। उसी दौरान आरोपित ने उसे 200 रुपए का लालच देकर अपने घर बुलाया और गैराज में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया। घटना के बाद आरोपित ने उसे धमकाया कि वह इस बारे में किसी को कुछ न बताए। धमकी से डरकर पीड़िता ने यह बात अपने परिवार से भी छुपा ली।

पीड़ित लड़की ने अचानक से स्कूल जाना बंद कर दिया वही परिवार ने उसके व्यवहार में हो रहे बदलाव को भी देखा। उसने लोगों से बात करना बंद कर दिया, परिवार में किसी को उस घटना के बारे में भी नहीं बताया। इसके कुछ दिनों बाद दोनों बहनों ने स्कूल जाना बंद कर दिया और नानी ने उनका नाम स्कूल से कटवा दिया।

इसके बाद पीड़िता ने पूरी बात अपनी माँ को बताई, और उस्मान के खिलाफ मल्लीताल थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ।

Newslaundry ने भी माँगी माफ़ी

वहीं ‘न्यूजलॉन्ड्री’ ने भी इस बयान को लेकर माफीनामा जारी किया है। मीडिया संस्थान ने अपने एडिटर-इन-चीफ के बयान पर खेद जताते हुए कहा कि यौन शोषण की इस घटना को ‘छोटा’ बताकर उन्होंने गलत किया, ये एक तथ्यात्मक गलती थी। उसने लिखा कि संपादकों को किसी भी घटना पर बोलने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी लेनी चाहिए। न्यूजलॉन्ड्री ने इस प्रकरण की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि इस वीडियो के आपत्तिजनक हिस्से को हटाया जा रहा है।

न्यूजलॉन्ड्री ने अपनी भद्द पिटने के बाद कहा, “हम संवेदनशील और तथ्यपरक पत्रकारिता की आवश्यकता के पक्ष में हैं, विशेषकर उन स्थितियों में जहाँ गलत सूचना और सांप्रदायिक तनाव वास्तविक नुकसान पहुँचा सकते हैं।”

क्या भाँग खाकर सुप्रिया श्रीनेत ने पोस्ट किया था PM मोदी का ‘सर तन से जुदा’ वाला पोस्टर? कॉन्ग्रेस कवर करने वाली महिला पत्रकार के खुलासे से उठा सवाल

कॉन्ग्रेस पार्टी ने मंगलवार (29 अप्रैल, 2025) को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक ऐसी तस्वीर पोस्ट की, जिसमें उनका सिर कटा हुआ दिख रहा था। पीएम मोदी को हत्या की कई धमकियाँ मिल चुकी हैं, ऐसे में इस संवेदनहीन पोस्ट के लिए लोगों ने भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी को लताड़ लगाई। कॉन्ग्रेस पार्टी पर ‘सर तन से जुदा’ की इस्लामी कट्टरपंथी सोच को आगे बढ़ाने का आरोप लगा, वो भी ख़ासकर तब जब इसके एक सप्ताह पहले ही जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर 28 पर्यटकों की हत्या कर दी थी।

अब ‘लल्लनटॉप’ के एक शो में कॉन्ग्रेस की बीत कवर करने वाली ‘इंडिया टुडे’/आजतक की पत्रकार मौसमी सिंह ने सौरभ द्विवेदी से बातचीत करते हुए इस विषय पर ये तक कह डाला कि क्या भाँग खाकर कॉन्ग्रेस पार्टी के सोशल मीडिया हैंडलों पर पोस्ट की जाती है। मौसमी सिंह ने कहा कि किसी को भी हैरानी होगी कि ऐसी पोस्ट कॉन्ग्रेस पार्टी के हैंडल से कैसे आ सकती है। मौसमी सिंह ने बताया कि पार्टी का सोशल मीडिया डिपार्टमेंट सुप्रिया श्रीनेत हेड करती हैं।

उन्होंने आगे बताया, “मेरी सुप्रिया श्रीनेत से बहुत अच्छी बातचीत व तालमेल है, हम ख़बरों के लिए उन्हें फोन भी करते हैं। लेकिन, ये सच है कि डिलीट करने के लिए कहे जाने के बावजूद पूरे दिन इस पोस्ट को डिफेंड किया गया। जनरल सेक्रेटरी जयराम रमेश और मीडिया चेयरपर्सन पवन खेड़ा ने फोन करके पोस्ट डिलीट करने के लिए कई बार कहा। लेकिन, सुप्रिया श्रीनेत इसे जायज ठहराती रहीं और बतौर प्रवक्ता इसे डिफेंड किया। पार्टी की और भद्द पिटी, छीछालेदर हुई।”

मौसमी सिंह ने आगे बताया कि राहुल गाँधी की बातों के विपरीत कॉन्ग्रेस का एक पूरा डिपार्टमेंट चलता रहे, कॉन्ग्रेस नेताओं द्वारा वहाँ फोन कर कर के पूछा जाता रहा कि ये क्या हो रहा है। बकौल मौसमी, भाजपा के लिए ये खुला मौका था। इससे पहले छत्तीसगढ़ भाजपा यूनिट द्वारा पहलगाम हमले को लेकर किए गए पोस्ट ‘जाति नहीं, धर्म पूछा’ पर हंगामा हुआ था। मौसमी सिंह ने बताया कि पूरी कॉन्ग्रेस उस दौरान भाजपा के खिलाफ लामबंद हो गई थी और राजनीति करने का आरोप लगाया, लेकिन कुछ दिन बाद ख़ुद पार्टी ऐसा करने लगी।

मौसमी सिंह ने इस पोस्ट के बचाव में दिए गए तर्कों को भी हास्यास्पद बताते हुए कहा कि एक फिल्म के पोस्टर से इसे जोड़ा गया, जिसमें जींस-टाई पहने एक अभिनेता का पोस्टर था जबकि ये उससे मैच भी नहीं करता था। सुप्रिया श्रीनेत ने इसे डैमेजिंग पोस्ट बताते हुए कहा कि सच्ची में कुछ भाँग खाकर क्या सोशल मीडिया के लोग पोस्ट डालते हैं या उन्होंने पार्टी को ध्वस्त करने का ठेका ला रखा है। उस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि रायबरेली दौरे पर गए राहुल गाँधी ने फोन करके कहा तब जाकर रात को ये पोस्ट डिलीट हुआ। राहुल गाँधी उस दौरान पहलगाम हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के परिजनों से मिलने गए थे।