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18+ वालों को लगेगी कोरोना वैक्सीन: इसके लिए रजिस्ट्रेशन की 2 प्रक्रिया… कब से और कैसे, जानें सब कुछ

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग को और धारदार बनाते हुए केन्द्र सरकार ने 1 मई से 18 साल से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने का फैसला किया है। मोदी सरकार ने देश में कोरोना के बढ़ते हुए संकट को देखते हुए सोमवार (19 अप्रैल) को यह फैसला लिया।

18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 28 अप्रैल से कोविन (CoWin) प्लेटफॉर्म पर शुरू होगी।

सरकार ने कहा है कि इस टीकाकरण अभियान में स्वदेशी वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के अलावा जल्द ही रूस की वैक्सीन स्पूतनिक का प्रयोग भी किया जाएगा।

आइए जानते हैं कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए 1 मई से शुरू होने वाले कोरोना वैक्सीनेशन का हिस्सा बनने के लिए क्या प्रक्रिया है।

18+ उम्र के लोग कैसे करें कोरोना वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन

cowin.gov.in पर लॉग इन करें और अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें।

आपके मोबाइल नम्बर पर एसएमएस द्वारा एक OTP आएगा।

OTP के वैलिडेट होने के बाद ”रजिस्ट्रेशन ऑफ वैक्सीनेशन” पेज खुलेगा

”रजिस्ट्रेशन ऑफ वैक्सीनेशन” पेज पर आवश्यक जानकारियां भरें, जैसे कि आपका फोटो आईडी प्रूफ।

आपसे पूछा जाएगा कि क्या आपको कोई बीमारी है, इसका जवाब हाँ या नहीं में दिया जा सकता है।

रजिस्ट्रेशन के लिए जानकारियाँ भरने के बाद पेज के दाईं ओर नीचे की तरफ ”रजिस्टर” बटन पर क्लिक करें।

सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक पुष्टिकरण का मैसेज आएगा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपका ”अकाउंट डिटेल्स” दिखाई देगा। ”अकाउंट डिटेल्स” पेज से ही आप अपॉइंटमेंट शेड्यूल कर सकते हैं।

नागरिकों को इस मोबाइल नम्बर से तीन और लोगों को जोड़ने की अनुमति होती है, ऐसा करने के लिए पेज के दाईं ओर नीचे ”ऐड मोर” पर क्लिक करें। इसमें शामिल किए जाने वाले सभी व्यक्तियों की डिटेल्स भरें और फिर ऐड बटन पर क्लिक करें।

अपनी अपॉइंटमेंट बुक करने या वैक्सीनेशन के लिए आप आरोग्य सेतु ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए इसमें एक अलग टैब बनाया गया है, जिसमें आप नाम, उम्र और लिंग समेत अपनी आवश्यक जानकारियाँ भर कर खुद को वैक्सीनेशन के लिए रजिस्टर कर सकते हैं।

आरोग्य सेतु ऐप के माध्यम से कैसे करें रजिस्ट्रेशन

आरोग्य सेतु ऐप पर जाएँ> होम स्क्रीन पर CoWIN टैब पर क्लिक करें

वैक्सीन रजिस्ट्रेशन को सेलेक्ट करें, उसमें अपना फोन नंबर डालें, फिर जो ओटीपी आए, उसे डाल कर वेरीफाई पर क्लिक करें।

अब आपको वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन पेज पर रिडायरेक्ट कर दिया जाएगा।

‘CoWIN पोर्टल के जरिए वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया (इसी लेख में ऊपर दिया गया है) का पालन करें।

प्रत्येक नागरिक को कोरोना वायरस वैक्सीन की दो खुराक दी जानी है। CoWIN पोर्टल के मुताबिक, कोवाक्सिन की दूसरी खुराक पहली खुराक के बाद 28 दिनों से 42 दिनों के बीच लेनी चाहिए। कोविशिल्ड की दूसरी खुराक पहली खुराक के बाद 28 दिनों से 56 दिनों के बीच लेनी चाहिए।

बुधवार को, सीरम इंस्टीट्यूट ने कहा कि वह वैक्सीन को राज्यों को 400 रुपए और निजी अस्पतालों को 600 रुपए में बेचेगा, जबकि केन्द्र सरकार के लिए कीमत वही (150 रुपए) रहेगी।

हाल ही में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल, असम, बिहार ने 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए मुफ्त वैक्सीनेशन की घोषणा की है।

केन्द्र ने 16 जनवरी से स्वस्थ्य सेवा और फ्रंटलाइन श्रमिकों के लिए राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू किया था और 1 अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को इसमें शामिल करते हुए इसका विस्तार किया था।

‘दिल्ली के दो गुंडों को नहीं सौंप सकते बंगाल’: दिनाजपुर की रैली में बोलीं ममता बनर्जी- मैं खिलाड़ी नहीं, लेकिन खेलना जानती हूँ

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज (22 अप्रैल, 2021) को दक्षिण दिनाजपुर में एक चुनावी रैली की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘दिल्ली के दो गुंडे’ के रूप में संबोधित किया।  

ममता बनर्जी ने कहा, “मैं खिलाड़ी नहीं हूँ, लेकिन खेलना जानती हूँ। लोकसभा में मैं सबसे बेहतरीन खिलाड़ी थी। हम दिल्ली के दो गुंडों के हाथों में बंगाल को नहीं सौंप सकते।” कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच यह रैली करने के लिए ममता की आलोचना भी हो रही है।

आलोचकों ने महुआ मोइत्रा के उस ट्वीट को ममता बनर्जी की इस चुनावी रैली से जोड़कर दिखाया जिसमें उन्होंने चुनावी रैलियों के लिए भाजपा नेतृत्व की आलोचना की थी। महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया था, “भारतीय मोदी के द्वारा निर्मित इस आपदा को असहाय होकर देख रहे हैं।“

तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने 18 अप्रैल को यह दावा किया था कि ममता बनर्जी अब कोलकाता में चुनाव प्रचार नहीं करेंगी और चुनावी रैलियों का टाइम भी घटा दिया है। हालाँकि उन्होंने यह साफ-साफ नहीं बताया कि ममता बनर्जी बड़ी रैलियाँ करेंगी अथवा नहीं।

आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में छठवें चरण के लिए वोट डाले जा रहे हैं। इसके बाद बंगाल में दो चरणों का मतदान शेष रह जाएगा। 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान के बाद चुनाव परिणाम 2 मई को घोषित किए जाएँगे।

छठे चरण के मतदान के बीच कई जगहों से हिंसा की भी खबरें आईं हैं। उत्तर दिनाजपुर के चोपरा क्षेत्र में फायरिंग हुई। नैहाटी के हालीशहर में एक स्थानीय भाजपा नेता के घर पर बमबारी हुई। भाजपा नेता की माँ और छोटे भाई इस हमले में जख्मी हो गए।

इस चरण में जिन 43 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव हो रहे हैं, वे उत्तर और दक्षिण बंगाल में फैले हुए हैं। उत्तर दिनाजपुर और नदिया की 9ए नॉर्थ 24 परगना की 17 और पूर्वी बर्धमान की 8 सीटों पर मतदान चालू है। इस चरण में अर्धसैनिक बलों की 779 कंपनियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें से अधिकतर सेटों पर मतुआ समुदाय का प्रभाव है और कई की सीमाएँ बांग्लादेश और बिहार से लगती हैं।

बहादुरी के बाद अब दुनिया ने देखी मयूर शेलके की दरियादिली: जिस बच्चे की जान बचाई अब उसे देंगे आधा इनाम

इन दिनों सोशल मीडिया में मयूर शेलके  (Mayur Shelke) की खूब चर्चा हो रही है। वे सेंट्रल रेलवे के मुंबई डिवीजन में बतौर प्वाइंट्समैन कार्यरत हैं। मुंबई के करीब वन्गनी रेलवे स्टेशन पर उन्होंने एक बच्चे को बचाने के लिए जो हौसला दिखाया, उसका हर कोई कायल है। अब उन्होंने अपनी दरियादिली का एक और परिचय दिया है।

शेलके ने इनाम में मिली आधी राशि उसी बच्चे और उसकी माँ को देने का फैसला किया है, जिसकी जान उन्होंने बचाई थी। सेंट्रल रेलवे ने उनकी बहादुरी को देखते हुए 50 हजार रुपया देने का ऐलान किया था।

असल में वन्गनी स्टेशन पर एक बच्चा अपनी नेत्रहीन माँ के साथ जा रहा था। तभी वह प्लेटफॉर्म से नीचे पटरी पर गिर गया। बच्चा ऊपर चढ़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन चढ़ने में असफल रहा। उसकी माँ चिल्ला रही थी तभी शेलके ने सूझबूझ का परिचय दिया और दौड़कर बच्चे को ट्रेन की चपेट में आने से बचा लिया। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। इसे रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी शेयर किया। इसके बाद से ही शेलके की पूरे देश में चर्चा हो रही है।

शेलके के इस बहादुरी भरे कारनामे के बाद जावा मोटरसाइकल्स ने उन्हें पुरस्कार स्वरूप जावा बाइक देने की भी घोषणा की थी। महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने शेलके की तारीफ करते हुए ट्वीट किया, “मयूर शेलके के पास पोशाक या टोपी नहीं थी। लेकिन उन्होंने सुपरहीरो की तुलना में अधिक साहस दिखाया। Jawa परिवार की तरफ से हम सभी उन्हें सलाम करते हैं। मुश्किल समय में, मयूर ने हमें दिखाया है कि हमें बस अपने आसपास के लोगों को देखना होगा, जो हमें एक बेहतर दुनिया की राह दिखाते हैं।”

शेलके ने इनाम की राशि का आधा हिस्सा बच्चे और उसकी माँ को देने का फैसला करते हुए कहा है कि कोविड-19 महामारी का यह समय अत्यंत कठिन है। ऐसे में जो भी उन्हें नकद राशि अथवा चेक देना चाहते हैं, उसे उस बच्चे तथा उसकी माँ को दें अथवा किसी भी अन्य जरुरतमन्द को दें।

जींद से कोरोना टीका साफः अस्पताल से 1710 डोज चोरी, पास में रखे ₹50000 को हाथ तक नहीं लगाया

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच हरियाणा के जींद जिले के एक अस्पताल से कोरोना वैक्सीन की चोरी का मामला सामने आया है। चोरों ने पीपी सेंटर जनरल अस्पताल के स्टोर रूम से कोरोना वैक्सीन की 1710 खुराक चोरी कर ली है। इसमें 1270 कोविशील्ड और 440 डोज कोवैक्सिन के थे। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार अब जिले में कोरोना का टीका बचा ही नहीं है।

सेंटर के इन्चार्ज ने कहा है, “मैं अपने मेन सेंटर को भी चेक करूँगा, जहाँ से पूरे जिले को सप्लाई जाती है। अधिकारियों को भी सूचित करूँगा।” दैनिक जागरण ने जींद के स्‍वास्‍थ्‍य निरीक्षक राममेहर वर्मा के हवाले से बताया है कि रात के वक्त ताला तोड़कर वैक्‍सीन चोरी को अंजाम दिया गया। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। बताया जा रहा है कि सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध देखे गए हैं।

स्टोर रूम की आलमारी में रखीं कुछ फाइलें भी चोरी हुई हैं। लेकिन वहीं रखी अन्य दवाइयों और 50 हजार रुपए को हाथ तक नहीं लगाया गया। आशंका जताई जा रही है कि कालाबाजारी के मकसद से वैक्सीन की चोरी की गई है।

इससे पहले राजस्थान की राजधानी जयपुर के एक अस्पताल से वैक्सीन चोरी का मामला सामने आया था। वहॉं वैक्सीन की 320 डोज चोरी हुई थी। गौरतलब है कि 1 मई से 18 साल से अधिक की उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उससे पहले देश के कई हिस्सों से Ramdesivir की ब्लैकमार्केटिंग की खबरें आई हैं।

खूनी व्यवसाय, दुष्ट, बेहूदगी… महाराष्ट्र की उद्धव सरकार की गैर जिम्मेदारी पर बॉम्बे हाई कोर्ट के शब्द

कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में नागपुर समेत पूरे महाराष्ट्र में रेमडेसिविर की खासी किल्लत है। लेकिन, अस्पतालों में एंटी वायरल ड्रग रमडेसिविर पहुँचाने के अपने आदेश के उल्लंघन पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।

हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने सुनवाई के दौरान न्यायधीश एमबी शुकरे और एसएम मोदक की खंडपीठ ने कहा, “हम इस दुष्ट और बुरे समाज का हिस्सा होने पर शर्मिंदा हैं। अगर आपको शर्म नहीं आ रही है तो हम इस बुरे समाज का हिस्सा होने पर लज्जित हैं। आप हमारे मरीजों के प्रति लापरवाह हैं। ऐसे ही हम अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं कर पा रहे हैं। हम आपको एक समाधान देते हैं, लेकिन आप उसका पालन नहीं कर रहे हैं। आप हमें कोई समाधान दे नहीं रहे हैं। क्या बेहूदगी चल रही है।”

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने जीवन रक्षक रेमडेसिविर की कमी पर सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए इसे लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन बताया है। अदालत ने कहा कि अब साफ है कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से पीछा छुड़ाने की कोशिश कर रहा है।

लोगों को हो रही दिक्कतों और कोविड-19 से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नागपुर खंडपीठ ने कहा कि वो किसी के खिलाफ एक्शन नहीं लेना चाहता है, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जनता को समस्याओं से दो-चार नहीं होना पड़े।

महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एमजी भांगड़े ने ज्वाइंट कमिश्नर (एफडीए) और नागपुर के अतिरिक्त कलेक्टर द्वारा दायर दो हलफनामों को कोर्ट को सौंपा। दोनों में अलग-अलग बयान थे। इस पर बेंच ने टिप्पणी की कि दोनों विरोधाभाषी बयान हैं। आखिर उसके आदेश का पालन क्यों नहीं किया जा सकता है।

जस्टिस शुकरे ने कहा, “अगर वह (आयुक्त) वैक्सीन के लिए खरीद एजेंसी नहीं हैं, तो यह “खूनी व्यवसाय” किसका है? उन्होंने कलेक्टर या उनके विभाग के किसी अधिकारी को उनके सवालों का जवाब पाने के लिए मौजूद रहने को कहा है।

जस्टिस शुकरे ने कहा, “आप कह रहे हैं कि आप आदेश का पालन करने की स्थिति में नहीं हैं। फिर आपके अनुसार समाधान क्या है? आप कह रहे हैं कि स्टॉक था, लेकिन नागपुर के लिए उपलब्ध नहीं है। ठाणे में अधिक और नागपुर में कैसे कम हो जाता है, यह समझाया नहीं जा सकता है।”

क्या था पूरा मामला

तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के कारण हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। अस्पतालों में जीवन रक्षक रेमडेसिविर की किल्लत हो रही है। इसी को देखते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को नागपुर में सोमवार रात 8 बजे तक रेमडेसिविर के 10,000 इंजेक्शन पहुँचाने का आदेश दिया था। लेकिन, उसका पालन नहीं किया गया।

बंगाल: मतदान के बीच BJP नेता के घर पर बमबारी, उत्तर दिनाजपुर में फायरिंग; TMC उम्मीदवार को जनता ने घेरा

पश्चिम बंगाल में आज गुरुवार (अप्रैल 22, 2021) को छठे चरण का चुनाव हो रहा है। दिन के 1:30 बजे तक राज्य में 57.30% वोटर टर्नआउट रहा। मतदान के बीच हिंसा की भी खबरें आ रहीं है। उत्तर दिनाजपुर के चोपरा क्षेत्र में फायरिंग हुई। वहाँ एक पोलिंग बूथ पर TMC और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष हुआ।

दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे के पोलिंग एजेंट्स पर मारपीट का आरोप लगाया, जिसके बाद ये संघर्ष शुरू हुआ। भाजपा और TMC, दोनों ने ही बंदूकों का इस्तेमाल करने से इनकार करते हुए एक-दूसरे पर आरोप मढ़ा। चुनाव आयोग ने स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट माँगी है। रायगंज में भी तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप है, जहाँ उनकी ही पार्टी का एक कार्यकर्ता घायल हो गया। पार्टी ने इसका दोष भी भाजपा पर डाला।

नॉर्थ 24 परगना के बीजपुर विधानसभा क्षेत्र से भी हिंसा की खबर है। वहाँ पोलिंग बूथ पर दोनों दलों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। भाजपा ने आरोप लगाया है कि तृणमूल के नेता वहाँ फर्जी वोट गिरवा रहे थे। तनाव वाले क्षेत्रों में अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियाँ भेजी गई हैं। नैहाटी के हालीशहर में एक स्थानीय भाजपा नेता के घर पर बमबारी हुई। भाजपा नेता की माँ और छोटे भाई इस हमले में जख्मी हो गए।

बैरकपुर से TMC उम्मीदवार और फिल्म निर्देशक से नेता बने राज चक्रवर्ती पर वोटरों को बरगलाने का आरोप लगा। बाद में आक्रोशित जनता ने उनका घेराव भी किया। अमडंगा में देशी कच्चे बम बरामद किए गए। नदिया के नक्शीपारा में एक चुनावी अधिकारी ने भाजपा के पोलिंग एजेंट को एंट्री देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसे हटाया गया। अमडंगा में ड्रोन से निगरानी की जा रही है।

इस चरण में जिन 43 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव हो रहे हैं, वो उत्तर और दक्षिण बंगाल में फैला हुआ है। उत्तर दिनाजपुर और नदिया की 9, नॉर्थ 24 परगना की 17 और पूर्वी बर्धमान की 8 सीटों पर मतदान चालू है। इस चरण में अर्धसैनिक बलों की 779 कंपनियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें से अधिकतर सेटों पर मतुआ समुदाय का प्रभाव है और कई की सीमाएँ बांग्लादेश और बिहार से लगती हैं।

1.75 करोड़ लोगों को वैक्सीन का दोनों डोज, इनमें सिर्फ 5700 लोग संक्रमित, मरीज के गंभीर होने की संभावना कम: ICMR

देशभर में कोरोना वायरस के कहर के बीच इससे बचाव के लिए वैक्सीनेशन का तीसरा फेज भी शुरू हो गया है। इस बीच कई सारे ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं, जिसमें टीका लगवाने के बाद भी लोग संक्रमित हो रहे हैं। इसी संक्रमण की स्थिति को सरकार ने स्पष्ट किया है।

इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने बुधवार को कहा कि टीकाकरण के बाद 10,000 में से केवल 2-4 लोग ही कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं।

आईसीएमआर के डायरेक्टर बलराम भार्गव ने वैक्सीनेशन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि टीकाकरण के बाद संक्रमित होने वालों की संख्या बहुत कम परसेंटेज में है। उन्होंने जानकारी दी कि कोवैक्सीन का दूसरा डोज लेने के बाद करीब 0.04 फीसदी लोग संक्रमित पाए गए। जबकि, कोविशील्ड की दूसरी खुराक के बाद 0.03 प्रतिशत लोग इन्फेक्टेड मिले हैं।

साभार (टाइम्स ऑफ इंडिया)

वैक्सीनेशन के बाद अगर हम संक्रमित होते हैं तो इसे “ब्रेक थ्रू इन्फेक्शन” कहते हैं। आईसीएमआर के डेटा के मुताबिक 1.1 करोड़ कोवैक्सीन के डोज का उपयोग किया गया है, जिसमें 93,56,436 लोगों ने टीके का पहला डोज लिया।

पहले डोज के बाद 4,208 (0.04%) लोग संक्रमित हुए थे। इसी क्रम में 17,37,178 लोगों ने कोवैक्सीन का दूसरा डोज लिया था, जिसमें से 695 (0.04%) संक्रमित हुए।

कोवैक्सीन से अलावा कोविशील्ड के 11.6 करोड़ डोज दिए गए थे। इसमें से 10,03,02,745 लोगों को इसका पहला डोज लगा था, जिसमें 17145 (0.03%) संक्रमित हुए। फिर 1,57,32,754 लोगों ने इसका दूसरा डोज लिया था, जिसमें से 5,014 (0.03%) संक्रमित हुए।

जी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, नीति आयोग के हेल्थ मेंबर वीके पॉल ने कहा है कि टीका लगने के बाद भी अगर लोग संक्रमित हुए हैं तो यह उन्हें गंभीर हालात में नहीं ले जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि कोविशील्ड कोरोना में 70 फीसदी तक असरदार रही है, जबकि कोवीशील्ड टेस्टिंग के थर्ड फेज की शुरुआत में 81 फीसदी तक इफेक्टिव रही है।

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, वैक्सीन का सेकेंड डोज लेने के 10 से 15 दिन के भीतर ही व्यक्ति में पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉटी बन जाती है।

30 साल से कम उम्र के लोगों पर दूसरी लहर का कम है असर

सरकार ने ये भी जानकारी दी है कि कोरोना की दूसरी लहर में 30 साल से कम उम्र के लोगों पर इसका असर कम हो रहा है। सरकार के मुताबिक, कोविड की पहली लहर के दौरान 10 से 20 वर्ष की आयुवर्ग में 8.07 प्रतिशत केस सामने आए थे। जबकि, सेकेंड वेव में 8.50 फीसदी केस ही सामने आए थे। वहीं 20-30 साल आयुवर्ग में कोरोना के पहले फेज में 20.41 प्रतिशत केस सामने आए, जबकि दूसरी लहर के दौरान 19.35 फीसदी केस ही थे।

सीताराम येचुरी के बेटे का कोरोना से निधन, प्रियंका ने सीताराम केसरी के लिए जता दिया दुःख… 3 बार में दी श्रद्धांजलि

‘कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट)’ के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी के बेटे आशीष की कोरोना की वजह से गुरुवार (अप्रैल 22, 2021) की सुबह मृत्यु हो गई। कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी ने इस घटना पर श्रद्धांजलि जताने के लिए ट्वीट किया। उस ट्वीट को डिलीट कर के फिर ट्वीट किया। उस दूसरे ट्वीट को भी डिलीट किया और तीसरी बार में ठीक से श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें संवेदनहीन करार दिया।

प्रियंका गाँधी का पहला ट्वीट

दरअसल, प्रियंका गाँधी ने पहली बार श्रद्धांजलि देने और दुःख जताने के लिए जो ट्वीट किया, उसमें CPI(M) नेता सीताराम येचुरी की जगह कॉन्ग्रेस के दिवंगत नेता सीताराम केसरी का नाम लिख दिया। बता दें कि 1996-98 में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष रहे सीताराम केसरी का निधन अक्टूबर 2000 में हो चुका है। उन्हें भरी सभा में बेइज्जत कर के अध्यक्ष पद से हटा कर सोनिया गाँधी की ताजपोशी की गई थी।

दूसरी बार में भी प्रियंका गाँधी ने अपनी ट्वीट में गड़बड़ कर दी। इस बार उन्होंने श्रद्धांजलि तो दी लेकिन साथ ही उस ट्वीट से पहले ‘प्लीज ट्वीट’ लिखा हुआ था, जिससे लोगों ने अंदेशा जताया कि उन्हें किसी ने ट्वीट करने के लिए ये टेक्स्ट दिया था और प्रियंका ने ‘प्लीज ट्वीट’ वाला हिस्सा भी साथ में ट्वीट कर दिया, जबकि वो उनके लिए था। हालाँकि, तीसरी बारी में उन्होंने ‘प्लीज ट्वीट’ हटा कर ठीक से श्रद्धांजलि दी।

प्रियंका गाँधी ने लिखा, “श्री सीताराम येचुरी और उनके परिवार के लिए मैं गहरी संवेदनाएँ जताती हूँ। ऐसे कठिन समय में इस्तेमाल करने के लिए कोई शब्द ही नहीं है, बस केवल प्रार्थनाएँ। आपको इससे उबरने के लिए साहस मिले।” जहाँ पहला ट्वीट सुबह के 10:34 बजे आया, दूसरा ट्वीट इसके 2 मिनट बाद किया गया। फिर पहले ट्ववीट के 4 मिनट बाद 10:38 में तीसरा ट्वीट आया। वो ट्वीट अब तक मौजूद है।

कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद से आशीष का गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था। इंफेक्शन होने के बाद उनका इलाज दो सप्ताह पहले तक होली फैमिली अस्पताल में चल रहा था, लेकिन हालत बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुग्राम रेफर कर दिया गया था। 34 वर्षीय आशीष दिल्ली के एक समाचार पत्र में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत थे। सीताराम येचुरी ने सभी डॉक्टरों, नर्सों और अन्य लोगों को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने उनके बेटे का इलाज किया।

जान पर खेल कर बच्चे को बचाया… रेलवे से ₹50 हजार का इनाम, Jawa ने दी बाइक: जानिए कौन हैं मयूर शेलके

आपने उस वीडियो फुटेज को ज़रूर देखा होगा, जिसमें एक रेलवे कर्मचारी जान पर खेल कर एक बच्चे को बचाता है। उक्त रेलवे कर्मचारी का नाम है, मयूर शेलके, जो सेंट्रल रेलवे में बतौर पॉइंट्समैन कार्यरत हैं। उन्होंने ये बड़ा कारनामा महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के पास स्थित वन्गनी रेलवे स्टेशन पर किया। बच्चे की उम्र मात्र 6 साल है। वो प्लेटफॉर्म से फिसल पर रेलवे की पटरी पर गिर गया था।

सामने से ट्रेन भी आ रही थी, ऐसे में मयूर शेलके ने गजब की सूझबूझ और चपलता का परिचय देते हुए चलती हुई ट्रेन के सामने कूद कर न सिर्फ बच्चे को बचाया, बल्कि खुद भी प्लेटफॉर्म पर वापस आए। CCTV फुटेज खुद केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शेयर किया, जिसके बाद ये वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी तारीफ़ की। जब वो बच्चे को बचा कर वापस प्लेटफॉर्म पर कूदे थे, तब उनके और ट्रेन के बीच मात्र 2 सेकेंड की दूरी थी।

अब सेन्ट्रल रेलवे ने उन्हें सम्मान के रूप में 50,000 रुपए देने के फैसला लिया है। साथ ही ‘Jawa मोटरसाइकल्स’ ने उन्हें एक बाइक देकर सम्मानित करने का निर्णय लिया। Jawa के डायरेक्टर अनुपम थरेजा ने कहा कि पॉइंट्समैन मयूर शेलके के इस साहस भरे कारनामे से संपूर्ण जावा परिवार स्तब्ध है और इस अनुकरणीय बहादुरी के लिए वो उन्हें ‘जावा हीरोज’ अभियान के तहत एक बाइक देकर सम्मानित करेंगे।

30 वर्षीय मयूर शेलके के बारे में बता दें कि मूल रूप से वो पुणे के पास स्थित तलवड़े के रहने वाले हैं और उन्होंने 5 वर्ष पहले मार्च 2016 में भारतीय रेलवे की नौकरी जॉइन की थी। 1 साल पहले ही उनकी शादी हुई है। आर्ट्स से स्नातक मयूर शेलके पहले पहले रायगढ़ कर्जत स्टेशन पर पदस्थापित थे। पिछले 8 महीने से वो वन्गनी में कार्यरत हैं। बच्चे की जान बचाने वाली घटना शनिवार (अप्रैल 17, 2021) की है।

बच्चा उस वक़्त अपनी माँ के साथ जा रहा था। उसकी माँ नेत्रहीन हैं, जिन्होंने अपने बच्चे के गिरते ही मदद के लिए आवाज़ लगाई थी। बच्चा प्लेटफॉर्म पर ऊपर आने की कोशिश कर रहा था, फिर भी माँ रोए जा रही थी – तभी मयूर शेलके ने अंदाज़ा लगा लिया कि वो नेत्रहीन हैं। एक पॉइंट्समैन का कार्य होता है कि वो ट्रेन के सिग्नल और उनकी कार्यप्रणाली पर नजर रखे। ‘एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट’ भी उन्हें 50,000 रुपए का सम्मान देगा।

‘अंजनाद्रि की पहाड़ियों में ही हुआ था हनुमान जी का जन्म’: TTD ने 4 महीने की रिसर्च के बाद रिपोर्ट में किया दावा

आंध्र प्रदेश की ‘तिरुपति तिरुमला देवस्थानम (TTD)’ बोर्ड ने घोषणा की है कि भगवान हनुमान का जन्म आकाशगंगा जलप्रपात के नजदीक जपाली तीर्थम में हुआ था। नेशनल संस्कृत यूनिवर्सिटी के कुलपति वी मुरलीधर शर्मा, जिन्हें TTD ने उस विशेषज्ञ समिति का हिस्सा बनाया था, जिसे साबित करना था कि तिरुमला सप्त पहाड़ियों में स्थित अंजनाद्रि पहाड़ी ही हनुमान जी का जन्मस्थल है। उन्होंने बुधवार (अप्रैल 21, 2021) को एक कार्यक्रम में ये घोषणा की।

TTD ने कहा कि 4 महीनों के गहन रिसर्च के बाद पता चला है कि तिरुमला की पहाड़ियों में ही हनुमान जी का जन्म हुआ था। शर्मा ने कहा कि पौराणिक संकलन, साहित्यिक और एपिग्रफिक सबूतों के अलावा भौगोलिक साक्ष्य भी कहते हैं कि भगवान हनुमान का जन्म आंध्र प्रदेश में हुआ था। उन्होंने कहा कि वेंकटाचलम को अंजनाद्रि सहित 19 नामों से जाना जाता है और त्रेता युग में अंजनाद्रि में हनुमान का जन्म हुआ था।

बता दें कि वेंकटाचल माहात्म्य और स्कन्द पुराण में बताया गया है कि अंजना देवी ने महंत ऋषि के पास जाकर पुत्र प्राप्ति का रास्ता बताने के लिए आग्रह किया था। फिर उन्हें वेंकटाचलम पर तपस्या करने को कहा गया। कई वर्षों के तप के बाद उन्हें जिस पुत्ररत्न की प्राप्ति हुई, वो हनुमान हुए। प्रोफेसर शर्मा ने भी इसी कहानी को दोहराते हुए सबूत दिखाया। उन्होंने कहा कि वराह पुराण और ब्रह्माण्ड पुराण में भी बाल हनुमान द्वारा सूर्य को निगलने की कथा आती है।

प्रोफेसर शर्मा ने कहा, “वेंकटगिरी से ही हनुमान ने सूर्य की तरफ छलाँग लगाई थी। जब ब्रह्मा और इंद्र ने उन पर वज्र से प्रहार किया, वो नीचे गिर पड़े और अंजना देवी अपने पुत्र के लिए रोने लगीं। तत्पश्चात देवताओं ने वहाँ आकर हनुमान को कई वरदान दिए और कहा कि ये पर्वत अब से अंजनाद्रि नाम से जाना जाएगा। 12 पुराणों से हमनें सबूत इकट्ठा किए हैं। कम्ब रामायण और अन्नमाचार्य संकीर्तन भी यही बताते हैं।”

बकौल TTD, तिरुमला मंदिर में 12वीं और 13वीं शताब्दी के अभिलेख भी मिले हैं, जो इसी ओर इशारा करते हैं। बोर्ड ने बताया कि कांचीपुरम के वरदराज स्वामी मंदिर, जहाँ ‘सवाल-ए-जवाब’ दस्तावेजों की शक्ल में 1801-02 में पहले कलक्टर जी स्ट्रटों के समय से ही चीजें मेंटेन की जा रही हैं, जिसका वीएन श्रीनिवास राव ने 1950 में अनुवाद किया था, वो भी इसकी पुष्टि करते हैं। साथ ही भौगोलिक विवरण भी दिए है।

इसके अनुसार, जब मातंग ऋषि से अंजना देवी ने पूछा कि वेंकटाचलम कहाँ है, तो उन्होंने बताया कि ये स्वर्णमुखी नदी से उत्तर की तरफ अहोबिलम से 12 योजन की दूरी पर स्थित है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक का हम्पी तो किष्किंधा है और वहाँ हनुमान का जन्म नहीं हुआ था। झारखंड के गुमला का अंजन गाँव, हरियाणा का कैथल या फिर गुजरात का नवसारी और नासिक के त्रयम्बकेश्वर के अंजनेरी के हनुमान का जन्मस्थल होने की बात भी उन्होंने नकार दी।

तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित भी इस कार्यक्रम में शामिल थे और उन्होंने खुद को बड़ा हनुमान भक्त बताते हुए TTD के रिसर्च की सराहना की। TTD के एग्जीक्यूटिव अधिकारी केएस जवाहर ने कहा कि 22 पेज की रिपोर्ट इस सम्बन्ध में तैयार की गई है। इसे बोर्ड की वेबसाइट पर भी डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड के दावों में दम नहीं है क्योंकि वो स्थानीय किस्सों पर आधारित हैं, सबूतों पर नहीं।

वहीं VHP की कर्नाटक शाखा ने कहा है कि TTD को समय लेकर इस सम्बन्ध में और रिसर्च करनी चाहिए। कुछ पुरातात्विक और इतिहास विशेषज्ञों ने भी TTD के दावे को नकारा है। अब तक कर्नाटक के बल्लारी के पास स्थित हम्पी को ही प्राचीन वानर साम्राज्य माना जाता रहा है। TTD का कहना है कि उसके पास अपने दावे के वैज्ञानिक सबूत भी हैं और खगोलीय गणना कर के ही चीजें सार्वजनिक की गई हैं।