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इंदौर लव जिहाद: फरहान ने राहुल बन कर की नाबालिग से दोस्ती, शादी का झाँसा देकर किया दुष्कर्म

हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने लव/ग्रूमिंग जिहाद की घटनाओं के विरुद्ध क़ानून पारित किया था। जिसके बाद वहाँ के कई शहरों में इस तरह के तमाम मामले सामने आए थे, अब मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में ‘धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020’ के तहत पहला मामला दर्ज किया गया है। 

इंदौर में यह लव/ग्रूमिंग जिहाद का पहला मामला है। इस मामले में आरोपित युवक ने अपनी मज़हबी पहचान छुपा कर लड़की को अपने झाँसे में लिया और उसके साथ ज़्यादती की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता क़ानून की धारा 3/5 के तहत मामला दर्ज किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ आरोपित फरहान (21) ने राहुल बन कर 17 वर्षीय नाबालिग पीड़िता से दोस्ती की थी।

इसके बाद फरहान ने पीड़िता को शादी का झाँसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। कुछ समय बाद पीड़िता को पता चला कि युवक का नाम राहुल नहीं बल्कि फरहान है। सच सामने आने पर लड़की ने पुलिस से इस मामले की शिकायत की। जिसके आधार पर पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता क़ानून की धारा 3/5 और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 के तहत आरोपित पर केस दर्ज कर लिया है। 

फ़िलहाल पुलिस इस मामले की जाँच में जुट गई है। मध्य प्रदेश में लव/ग्रूमिंग जिहाद से जुड़ा क़ानून पारित किए जाने के बाद से औसतन प्रतिदिन एक मामला दर्ज हो रहा है। 31 जनवरी से लेकर अभी तक प्रदेश में कुल 23 मामले दर्ज किए गए हैं, इंदौर में लव जिहाद का पहला मामला है। मध्य प्रदेश में यह क़ानून 9 जनवरी 2021 को लागू हुआ था।

मध्य प्रदेश के भीतर सबसे ज़्यादा 7 मामले राजधानी भोपाल संभाग में दर्ज हुए हैं। दूसरे नंबर पर इंदौर संभाग है जहाँ 5 मामले दर्ज किए गए हैं, लेकिन इंदौर शहर का यह पहला मामला है। इसके अलावा रीवा, जबलपुर में 4-4 और ग्वालियर संभाग में 3 मामले दर्ज किए गए हैं।   

‘आप नंगे घूमें…’ – सपा नेता अबू आजमी ने महिला एंकर को TV पर कहा, कुरीतियों के लिए महिलाओं को बताया जिम्मेदार

महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के नेता और विधायक अबू आजमी ने एक बार फिर महिलाओं को लेकर विवादास्पद बयान दिया है। आजमी ने कहा कि देश में सामाजिक बुराइयों के बढ़ने का कारण महिलाओं का पर्दा न करना और लिव-इन-रिलेशनशिप का बढ़ता चलन है। सपा नेता के इस बयान की अब काफी आलोचना हो रही है।

‘लिव-इन में रहने के बाद बलात्कार जैसे आरोप लगाती हैं महिलाएँ’ 

अबू आजमी ने कहा, “लिव-इन रिलेशनशिप कानून गलत है और यह बहुत घातक है। लड़कियाँ और महिलाएँ लिव-इन रिलेशन के नाम पर एक दो साल साथ रहती हैं और फिर पुरुषों पर बलात्कार जैसे गंभीर आरोप लगाकर मामला दर्ज करवाती हैं।”

अबू आजमी ने आगे कहा, “महिलाओं के इन झूठे आरोपों की वजह से एक व्यक्ति की जिंदगी बर्बाद हो जाती है, इसलिए यह कानून ही गलत है।’’ उन्होंने कहा, “देश में पश्चिमी सभ्यता की हवा चल रही है, जिसमें सब बह रहे हैं। ऐसी चीजों पर तुरंत रोक लगाने की जरूरत है।’’

अबू आजमी के मुताबिक जब महिलाएँ घूँघट में होती थी और सिर पर गोबर ढ़ोती थी तब तक ठीक था। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों के लिए महिलाओं को जिम्मेदार ठहराया। एबीपी न्यूज पर बहस के दौरान उन्होंने एंकर को नंगे घूमने तक की बात कह दी। इसे आप वीडियो में 3:54 पर सुन सकते हैं। आजमी ने पुणे में आत्महत्या करने वाली पूजा चव्हाण और महाराष्ट्र के एक मंत्री के संबंधों के बारे में बात करते हुए ये सारी बातें कही। 

बता दें कि 22 साल की पूजा चव्हाण बीड जिले के परली की रहने वाली थी। वे हाल ही में पुणे इंग्लिश स्पीकिंग का कोर्स करने आईं थी। 7 फरवरी को पूजा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। कई लोगों का दावा है कि पूजा का विदर्भ से शिवसेना मंत्री संजय राठौड़ के साथ प्रेम संबंध था। इसी चक्कर में उन्होंने ये कदम उठाया। हालाँकि, अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है।

यह पहली बार नहीं है, जब अबू आजमी अपने विवादास्पद बयान को लेकर सुर्खियों में आए हैं। इससे पहले हाल ही में उन्होंने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को लेकर भी ऐसा ही बयान दिया था। आजमी ने बोला था कि कंगना महिला हैं तो क्या वह कुछ भी कहेंगी। ऐक्‍शन का रिएक्‍शन तो होगा ही। कंगना ने महाराष्‍ट्र का अपमान किया वह बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा।

कंगना को अबू आजमी ने बेशर्म करार दिया था। अबू आजमी ने दावा किया कि कंगना रनौत ने कहा था कि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में इस्लामी वर्चस्व ख़त्म कर दिया। इसके बाद उन्होंने पूछा, ‘ बेशर्म! इस्लाम के बारे में बात करती है तू?’

इसके अलावा सपा प्रदेश अध्यक्ष ने एक महिला पुलिसकर्मी के साथ बदतमीजी की थी। बाद में उल्टा महाराष्ट्र सरकार ने अधिकारी का ही ट्रांसफर कर दिया था। आजमी ने शर्मा के सस्पेंड करने की माँग करते हुए कहा था, “ये औरत कहती है कि आप पुलिस पे इल्जाम लगाते हो, मैं बात नहीं करूँगी। तेरे बाप के बाप के बाप को बात करनी पड़ेगी।” शर्मा के तबादले को लेकर बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सौमैया ने उद्धव सरकार को घेरा था।

205 की जगह बस 19Km रह जाएगी असम-मेघालय की दूरी: PM मोदी ने रखी कई बड़ी योजनाओं की आधारशिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार (फरवरी 18, 2021) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए असम में ‘महाबाहु-ब्रह्मपुत्र’ का शुभारंभ किया और दो पुलों (धुबरी फूलबाड़ी पुल और माजुली पुल) की आधारशिला रखने के साथ ही अन्य कई बड़े प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया।

यह पुल असम स्थित धुबरी को मेघालय के फूलबाड़ी, तुरा, रोंग्राम और रोंगजेंग से जोड़ेगा। वर्तमान में, धुबरी और फूलबाड़ी के बीच छोटी नावें चलती हैं और नदी को पार करने में लगभग ढाई घंटे लगते हैं। अधिकारियों के अनुसार, एक बार जब धुबरी-फूलबाड़ी पुल चालू हो जाएगा, तो नदी पार करने में मुश्किल से 15-20 मिनट लगेंगे।

पूर्वोत्तर भारत में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए परियोजनाओं की शुरूआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र और असम में ‘डबल-इंजन’ सरकार ने पूरे क्षेत्र में भौगोलिक और सांस्कृतिक अंतर को कम कर दिया है। इस मौके पर पीएम मोदी ने भारत के सबसे लंबे पुल की आधारशिला रखी, जो असम में धुबरी को मेघालय के फूलबाड़ी से जोड़ेगा। पुल का शुभारंभ करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि यह क्षेत्र के लोगों के लिए जीवन बदलने वाला सेतु होगा।

पीएम मोदी ने महाबाहु-ब्रह्मपुत्र कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया और दो लेन वाले माजुली पुल के भूमिपूजन में भाग लिया, जो असम के माजुली को जोरहाट से जोड़ेगा। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि ब्रह्मपुत्र पर कनेक्टिविटी से जुड़े जितने काम पहले होने चाहिए थे, उतने पहले नहीं हुए और इसकी वजह से असम और नार्थ ईस्ट में कनेक्टिविटी एक चुनौती बनी रही। उन्होंने कहा कि महाबाहु-ब्रह्मपुत्र के आशीर्वाद से अब इस दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है।

प्रधानमंत्री के सम्बोधन की प्रमुख बातें –

  • बीते वर्षों में केंद्र और असम की डबल इंजन सरकार ने इस पूरे क्षेत्र की भौगोलिक और सांस्कृतिक दोनों प्रकार की दूरियों को कम करने का प्रयास किया है। असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट की फिजिकल और सांस्कृतिक अखंडता को बीते सालों में सशक्त किया गया है।
  • माजुली में असम का पहला हैलीपोड भी बन चुका है। अब माजुलीवासियों को सड़क का तेज और सुरक्षित विकल्प मिलने जा रहा है। आपकी वर्षों पुरानी माँग आज पुल के भूमि पूजन के साथ पूरी होनी शुरू हो गई है। कालीबाड़ी घाट से जोरहाट को जोड़ने वाला 8 किलोमीटर का ये पुल माजुलीवासियों की जीवन रेखा बनेगा।
  • ब्रह्मपुत्र और बराक सहित असम को अनेक नदियों को जो सौगात मिली है उसे समृद्ध करने के लिए आज महाबाहु ब्रह्मपुत्र कार्यक्रम शुरु किया गया है। ये कार्यक्रम ब्रह्मपुत्र के जल से इस पूरे क्षेत्र में वॉटर कनेक्टिविटी को सशक्त करेगा।
  • अब असम का विकास प्राथमिकता में भी है, इसके लिए दिन रात प्रयास भी हो रहा है। बीते 5 वर्षों में असम की मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी को फिर से स्थापित करने के लिए एक के बाद एक कदम उठाए गए हैं।
  • माजुली और निमाटी के बीच रो-पेक्स सेवा से अब आपको सड़क से करीब सवा 400 किमी घुमकर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रो-पेक्स से सिर्फ12 किमी का सफर तय करते हुए अपने सामान को जहाज पर ले जा सकते हैं। इस रास्ते पर दो जहाज चलाए जा रहे जो करीब 1600 यात्री और दर्जनों सामान ले जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज धुबरी (उत्तरी तट) और फूलबाड़ी (दक्षिण तट) के बीच ब्रह्मपुत्र पर चार लेन के पुल की आधारशिला रखी। यह प्रस्तावित पुल एनएच-127बी पर स्थित होगा, जो एनएच-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर श्रीरामपुर से निकलता है, और मेघालय राज्य में एनएच-106 पर नोंगस्टोइन पर समाप्त होता है।

लगभग 4997 करोड़ की लागत से बनने वाला यह पुल असम और मेघालय के लोगों की लंबे समय से चली आ रही माँग को पूरा करेगा, जो नदी के दोनों किनारों के बीच यात्रा करने के लिए नौका सेवाओं पर निर्भर थे। यह सड़क से तय की जाने वाली 205 किलोमीटर की दूरी को कम करके 19 किलोमीटर कर देगा, जो पुल की कुल लंबाई है। इस पुल की आवश्यकता अप्रैल 2012 में महसूस की गई थी, जब 305 यात्रियों को ले जाने वाली एक नाव ब्रह्मपुत्र नदी में पलट गई थी।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भूपेन हजारिका सेतु या ढोला-सदिया सेतु भारत का सबसे लम्बा पुल है, जिसका उद्घाटन 26 मई 2017 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था। वहीं, धुबरी-फूलबाड़ी के बीच ब्रह्मपुत्र पर चार लेन का ये पुल 19 किलोमीटर लंबा होगा।

विदेशी राजनयिकों के दो दिवसीय जम्मू कश्मीर दौरे पर आतंकियों ने किया ‘कृष्णा ढाबा’ पर हमला, एक घायल

आतंकवादियों ने कश्मीर के श्रीनगर स्थित डलगेट इलाके में एक मशहूर शाकाहारी ढाबे के मालिक पर गोली चला दी। यह ढाबा होटल ललित से महज़ कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित था जहाँ जम्मू कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर आए विदेशी राजनयिक रुके हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ आतंकवादियों ने मशहूर कृष्णा ढाबा मालिक रमेश कुमार मेहरा के बेटे आकाश मेहरा (22) पर गोली चलाई। 

यह शाकाहारी ढाबा श्रीनगर के अति सुरक्षित इलाके में मौजूद है। आतंकियों ने आकाश पर क्लोज़ रेंज से गोली चलाई थी जिसकी वजह से वह बुरी तरह घायल है। घटना के ठीक बाद घायल को तुरंत एसएमएचएस अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।

कश्मीर पुलिस के मुताबिक़ इस आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन मुस्लिम जाँबाज फ़ोर्स ने ली है। इस घटना के बारे में कुछ चश्मदीदों का कहना है कि आतंकवादी आकाश मेहरा पर गोलीबारी करके वहाँ से फ़रार हो गए। पुलिस फ़िलहाल घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रही है। 

कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादी संगठन द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक़ उन्होंने ‘हिन्दू युवा’ पर इसलिए हमला किया क्योंकि इन्हें ‘बाहरी’ मानते हैं। इस तरह के तमाम ‘बाहरी’ लोग डोमिसाइल (domicile) के ज़रिए कश्मीर में स्थायी रूप से बसना चाहते हैं। इस आतंकवादी संगठन की अगुवाई हंदवारा का निवासी चौधरी यासीन करता है। वह यूनाइटेड जिहाद काउंसिल का वाइस चेयरमैन है और हिजबुल मुजाहिद्दीन का चेयरमैन। 

विदेशी राजनयिकों की मौजूदगी में आतंकवादी हमला 

मशहूर शाकाहारी ढाबा शहर के दुर्गानगर इलाके में मौजूद है। इस ढाबे के नज़दीक यूएन मिलिट्री ऑब्ज़र्वरर्स ग्रुप फॉर इंडिया एंड पाकिस्तान (UNMOGIP), जम्मू और कश्मीर के मुख्य न्यायाधीशों के आवास जैसे अहम कार्यालय मौजूद हैं। गैर कश्मीरियों पर यह हमला उस समय हुआ है जब यूरोपियन यूनियन और आर्गेनाईजेशन ऑफ़ इस्लामिक नेशन के कई देश केंद्र शासित राज्यों का मुआयना करने आए हैं। 


बता दें कि जिस शाकाहारी ढाबे पर आतंकियों ने हमला किया है वह उस जगह से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जहाँ विदेशी राजनयिक रुके हुए थे। यह पहला ऐसा मौक़ा नहीं है जब इन आतंकवादियों ने विदेशी दूतों के दौरे के मौके पर हमले की वारदात अंजाम दी हो। अक्टूबर 2019 में विदेशी दूतों के निजी दौरे के दौरान आतंकवादियों ने शोपियाँ में पश्चिम बंगाल के 5 प्रवासी मजदूरों पर गोलीबारी की थी। जनवरी में लश्कर-ए-तैय्यबा से जुड़े आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (The Resistance Front) ने सतपाल नाम के ज्वेलर की गोली मार कर हत्या कर दी थी।          

अनजान नवजात बच्ची को कुत्तों से बचाने वाला सरफुद्दीन ‘हीरो’ नहीं… उस बच्ची का बाप है, पुलिस ने खोली पोल

इस हफ्ते की शुरुआत में कई मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई थीं, जिसमें अहमदाबाद के ऑटो ड्राइवर की तारीफ़ की गई थी। वजह ये थी कि उसने एक ज़िम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाते हुए नवजात बच्ची को आवारा कुत्तों से ‘बचाया’ था।

रिपोर्ट्स में बताया गया था कि 33 वर्षीय सरफुद्दीन मंसूरी को रविवार (14 फरवरी 2021) की दोपहर को एक नाले के पास नवजात बच्ची मिली थी। कई कुत्ते नवजात को उसके स्वेटर के सहारे खींच कर ले जा रहे थे। 

सरफुद्दीन का कहना था कि उसने अपना ऑटो रिक्शा रोका और नवजात को कुत्तों के मुँह से छुड़ाया। इसके बाद सरफुद्दीन ने ये भी कहा कि उसने लापता बच्ची के माता-पिता को खोजने का भी प्रयास किया लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिली।

बच्ची को वहाँ से बचाने के बाद सरफुद्दीन कथित तौर पर उसे अपने घर लेकर गया, जहाँ उसकी पत्नी ने बच्ची को साफ़ किया और उसे दूध दिया। इसके बाद सरफुद्दीन ने पुलिस को इस मामले की जानकारी दी। अब इस मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। 

खुलासे के अनुसार नाले के पास बरामद की गई लापता बच्ची किसी और की नहीं, बल्कि उसकी ही है। सरफुद्दीन का एक और महिला से अवैध सम्बंध है और वो कथित तौर पर इस नवजात की माँ है।

पुलिस के मुताबिक़ जब सरफुद्दीन से पूछताछ हो रही थी, तब वह उल्टे-सीधे जवाब दे रहा था और तभी ये भी पता चला कि उसकी एक और पत्नी है। फ़िलहाल पुलिस ने सरफुद्दीन और उसकी दूसरी पत्नी दोनों को हिरासत में ले लिया है। 

उन्नाव: खेत में मरणासन्न मिली 3 लड़कियों में से 2 की मौत – नजरबंदी वाली बात को पुलिस ने बताया फर्जी

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिला स्थित बबुरहा गाँव में बुधवार (फरवरी 17, 2021) की शाम 13 और 16 वर्ष की आयु की दो लड़कियों (क्रमशः, काजल और कोमल) के शव खेत में पड़े मिले। इनके अलावा, एक 17 वर्षीय लड़की रोशनी, गंभीर हालत में पाई गई, जिसका कि कानपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने कहा कि उन्हें संदेह है कि इन लड़कियों ने जहर खाया होगा और डॉक्टर्स का भी प्रथम दृष्टया यही कहना है क्योंकि घटनास्थल पर किसी तरह के कोई अन्य साक्ष्य फिलहाल नहीं मिले, ना ही उनके शरीर पर किसी तरह के कोई चोट के निशान थे। दोनों बड़ी लड़कियाँ बहनें हैं, जबकि उनमें से सबसे छोटी लड़की उनकी चचेरी बहन थी। मामले की जाँच के लिए पुलिस ने 6 टीमें गठित की हैं।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि लड़कियों के भाई ने कहा कि उनके हाथ और पैर बँधे हुए पाए गए थे। छोटी लड़कियों को अस्पताल पहुँचने पर मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 17 वर्षीय की हालत गंभीर बनी हुई है।

पत्रकारों से बात करते हुए, लड़कियों के भाई ने कहा, “वे खेत में घास लेने गईं थीं। आज उन्हें घर लौटने में जब देर हुई तो हम उनकी तलाश में गए। हमने उन्हें अपनी चुन्नी जैसे बँधा हुआ पाया।”

वहीं, पुलिस महानिरीक्षक (लखनऊ रेंज) लक्ष्मी सिंह ने कहा कि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि लड़कियों को बाँधा गया था। पुलिस के अनुसार, उनके हाथ या पाँव पर ऐसे निशान मिलने की पुष्टि फिलहाल नहीं की जा सकती। आईजी लक्ष्मी सिंह ने कहा, “भाई ने यह कहते हुए बयान दिया है, लेकिन हम कुछ नहीं कह सकते क्योंकि पुलिस के मौके पर पहुँचने से पहले ही शवों को हटा दिया गया था।” घटना के बाद देर रात ही लखनऊ आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह उन्नाव के असोहा थाने पहुँच गईं थीं।

इसके अलावा, पुलिस अधीक्षक, उन्नाव आनंद कुलकर्णी ने कहा कि पीड़िता की माँ के बयान के आधार पर पता चला है कि उनके हाथ नहीं बाँधे गए थे। पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा कि वो इस मामले पर सभी लोगों के बयान लेंगे और उसी आधार पर जाँच प्रक्रिया को आगे बढ़ाएँगे।

यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि लड़कियाँ बुधवार को दोपहर 3 बजे के आसपास अपने घर से निकली थीं और शाम को परिवार के सदस्यों से मिलीं। उन्नाव के एसपी सुरेशराव ए कुलकर्णी ने कहा कि अभी तक जो जानकारी सामने आई है उससे यही पता चला है कि लड़कियाँ अपने खेत में चारा लेने गईं थीं। शाम को बहुत देर होने पर भी जब वो नहीं लौटीं तो घरवाले उन्हें ढूँढने गए और उन्होंने लड़कियों को खेत में पड़े हुए देखा।

एसपी ने कहा कि तीनों के मुँह से सफ़ेद झाग निकल रहा था। एडीजी ने कहा कि पुलिस की जाँच जारी है और सभी संभावित दृष्टिकोण पर नजर रखी जा रही है।

परिवार की नज़रबन्दी की बात गलत

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि परिवार को पुलिस द्वारा नजरबन्द कर दिया गया है। जबकि ऑपइंडिया को प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस ने इन खबरों को गलत बताया है। पुलिस ने किसी भी व्यक्ति को नज़रबंद नहीं किया है। पुलिस ने कहा कि परिवार के लोग बयान और FIR के लिए थाने गए थे और अब वे अपने घर पहुँच गए हैं, जबकि कुछ परिजन पोस्टमार्टम हाउस और कुछ रीजेंसी हॉस्पिटल में हैं। पुलिस ने नज़रबन्दी की खबर को एकदम फर्जी बताया है।

ई श्रीधरन BJP में होंगे शामिल, विजय यात्रा के दौरान लेंगे पार्टी की सदस्यता: केरल से चुनाव लड़ने की योजना?

मेट्रो मैन के नाम से मशहूर ई श्रीधरन भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले हैं। BJP ने दावा किया कि ई श्रीधरन 21 फरवरी को विजय यात्रा के दौरान पार्टी की सदस्यता लेंगे।

केरल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए यह बड़ी सफलता मानी जा रही है। केरल बीजेपी चीफ के सुरेंद्रन के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी 21 फरवरी से विजय यात्रा निकाल रही है।

केरल भाजपा चीफ के सुरेंद्र के अनुसार ई श्रीधरन ने खुद ही भारतीय जनता पार्टी के साथ काम करने की इच्छा जताई।

जिन थानों से जनता को शिकायतें, वहाँ के थानेदार हो सकते हैं सस्पेंड, तहसील ऑफिसरों पर भी कार्रवाई: CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार (17 फरवरी 2021) को गोरखनाथ मंदिर के हिन्दू सेवाश्रम में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएँ सुनीं। थानों और तहसील अधिकारियों के खिलाफ आ रही शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री काफी नाराज़ दिखे।

जनता दर्शन में आए लोग CM योगी से अपनी-अपनी समस्याएँ बता रहे थे। ये समस्याएँ जनता दरबार में जन सुनवाई के दौरान बताई गई समस्याओं के समाधान नहीं होने से संबंधित थे। यानी अधिकारियों तक जनता जब अपनी बात/समस्याएँ रखते हैं तो उसके समाधान पर तत्परता नहीं दिखाई जाती है। तभी परेशान जनता को मुख्यमंत्री से गुहार लगानी पड़ती है।

स्पष्ट निर्देश दिया गया कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले तहसील के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए। CM योगी ने बताया कि यदि लोगों की शिकायतों का समय से समाधान किया गया होता तो उन्हें यहाँ आने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती।

जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन को CM योगी ने निर्देश दिया कि जिन थानों के खिलाफ सबसे ज़्यादा शिकायतें आ रही हैं, उनके थानेदारों को निलंबित किया जाए। साथ ही यह भी निर्देश रहा कि जिन तहसीलों से ज़्यादा शिकायतें मिल रही हैं, उन पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। 

हिन्दू सेवाश्रम में जनता दर्शन के दौरान लोगों की तमाम शिकायतें सुन कर योगी आदित्यनाथ काफी नाराज़ नज़र आए। वहाँ लगभग 500 फ़रियादी मौजूद थे और उन्होंने एक-एक व्यक्ति से उनकी समस्या पूछी।

आम जन की समस्याओं में लगभग आधे से अधिक मामले थाने और तहसीलों से जुड़े हुए थे। मुख्यमंत्री योगी ने इसके बाद कहा कि हर थाने में जनता की शिकायतें गम्भीरता के साथ सुनी जाएँ। लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शिकायत करने वाला कार्रवाई से संतुष्ट हो। 

दैनिक जागरण के गोरखपुर संस्करण में प्रकाशित खबर

CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लेखपाल, तहसीलदार और नायब तहसीलदार लोगों की शिकायतें सुनें। जन सुनवाई का समय तय करके जनता की समस्या का हल निकाला जाए।

लगभग सारे आवेदन लिए गए और सख्त निर्देश के साथ अधिकारियों को सौंप दिए गए। इसके बाद थानों और तहसीलों से जुड़े इन मामलों के जल्द से जल्द निस्तारण का आदेश दिया गया।

दरअसल बुधवार की सुबह 7 बजे से ही गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित हिन्दू सेवाश्रम में फ़रियादी जुटने लगे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुँचते ही सभी लोगों ने उनका अभिवादन किया। इस दौरान एक और ऐसी घटना हुई, जिसने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा। बड़हलगंज की रहने वाली एक छोटे कद की महिला ने मुख्यमंत्री को रोक लिया।

महिला ने कहा कि उन्होंने अपनी परेशानी बताने के लिए उन्हें रोका है। मुख्यमंत्री ने भी रुक कर उस महिला की पूरी समस्या सुनी। महिला ने अपनी समस्या बताते हुए एक आवास की फ़रियाद की। नतीजतन मुख्यमंत्री ने डीएम को आदेश दिया कि महिला को आवास प्रदान कराया जाए। महिला इस बात से काफी संतुष्ट नज़र आई और खुश होकर वापस लौटी।   

बंगाल: माँ सरस्वती की मूर्ति तोड़ने वाला जलाल गिरफ्तार, सड़कों पर हिन्दुओं ने की नारेबाजी, भारी पुलिस बल तैनात

पश्चिम बंगाल के हावड़ा में जलाल नाम के युवक को देवी सरस्वती की एक मूर्ति तोड़ने के आरोप में पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मूर्ति तोड़ने की यह घटना राज्य के हावड़ा जिले के डोमजूर शहर की बताई गई है।

मंगलवार (फरवरी 16, 2021) को जब पूरा देश हिन्दुओं की आराध्य सरस्वती की पूजा का उत्सव बसंत पंचमी मना रहा था, उसके ठीक एक दिन बाद ही जलाल ने सरस्वती की मूर्ति को खंडित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में जलाल नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और केस की छानबीन की जा रही है।

दरअसल, हावड़ा शहर के कटलिया बाजार में सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जलाल नाम के एक व्यक्ति को सरस्वती की मूर्ति को तोड़ते हुए देखा गया था। देवी सरस्वती की मूर्ति तोड़े जाने की खबर फैलते ही हावड़ा के कटलिया झोतला इलाके में हिंदूवादी कार्यकर्त्ता सड़कों पर जमा हो गए और घटना के विरोध में नारेबाजी करने लगे।

स्थानीय हिंदुओं ने सड़क को अवरुद्ध करते हुए घटना का विरोध किया। उन्होंने माँग की कि गिरफ्तार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके बाद पुलिस ने बताया कि मूर्ति तोड़ने के आरोप में जलाल को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे जाँच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फ़ौरन वहाँ पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए।

बंगाल भाजपा के ही कार्यकर्ता अक्षय सिंह ने अपने ट्विटर अकाउंट पर कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा है, “ममता के बंगाल में हिन्दुओं के त्योहारों मनाने की इजाजत नहीं है।”

गौरतलब है कि बंगाल में हिंदूवादी कार्यकर्ताओं से लेकर हिन्दू मंदिरों पर हमले की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार देर रात भी भाजपा नेताओं पर पत्थरबाजी और हमला किया गया, जिसमें शिबाजी रॉय को गंभीर चोट आई हैं और उन्हें अस्पताल भारती किया गया। भाजपा ने इसके पीछे टीएमसी के गुंडों का हाथ बताया है।

‘समुद्री किसानों’ से झूठ बोला राहुल गाँधी ने, सिर्फ 15 दिनों में गायब कर दिया पूरा मंत्रालय – लोकसभा में सबूत मौजूद

लोकसभा सांसद राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस के नेता हैं। कल (17 फरवरी 2021) उन्होंने पुडुचेरी में ‘समुद्री किसानों’ के लिए दिल खोल कर रख दिया। ‘समुद्री किसानों’ के लिए केंद्र में मोदी सरकार के यहाँ मंत्रालय नहीं होने पर उन्होंने अपनी तकलीफ भी बताई।

अब चलते हैं 2 फरवरी को। इसी साल के 2 फरवरी को – सिर्फ 15 दिन पहले। लोकसभा में एक ‘घटना’ घटती है। राहुल गाँधी एक सवाल पूछते हैं। देश की चिंता में डूबे ये कॉन्ग्रेसी नेता विदेश दौरों से फुरसत निकाल लोकसभा में सवाल पूछते हैं – तो यह घटना ही है।

घटना से आगे बढ़ते हुए सवाल पर नजर डालिए।

लोकसभा में राहुल गाँधी द्वारा पूछा गया सवाल

मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री से यह सवाल पूछा गया था। जैसे हर सांसद को जवाब मिलता है, राहुल गाँधी को भी जवाब दिया गया। जवाब प्रताप चंद्र सांरगी ने दिया। प्रताप चंद्र सांरगी मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं। लेकिन राहुल गाँधी भूल गए। शायद इसलिए क्योंकि सारंगी किसी ‘परिवार’ से नहीं आते, शायद इसलिए क्योंकि वो मंत्री के जैसे दिखते नहीं!

जवाब सिर्फ राहुल गाँधी ही दे पाएँगे। या प्रियंका गाँधी वाड्रा? प्रियंका वो हैं, जो लोगों के नाम भूल जाती हैं। स्मृति ईरानी तक के लिए उन्होंने कहा था – कौन? राहुल गाँधी में भूलने की बीमारी प्रियंका वाड्रा से ही लगी होगी, इसकी संभावना अधिक है।

अब पुनः लौटते हैं 17 फरवरी 2021 में। राहुल गाँधी की पुडुचेरी घटना पर। ऑपइंडिया ने रिपोर्ट की। सिंपल रिपोर्ट। लेकिन राहुल गाँधी के झूठ पर शक था। इसलिए प्रश्नवाचक चिन्ह के साथ शीर्षक दिया गया – “मछुआरों को मूर्ख समझते हैं राहुल गाँधी? मंत्रालय के नाम पर पुडुचेरी में क्यों बोला झूठ… जबकि मौजूद है मत्स्य विभाग”

जनता का प्रतिनिधि जनता से ही झूठ बोले, वो भी गाँधी परिवार का युवराज… मन यह मान नहीं रहा था। लेकिन समीर नाम के एक लड़के ने मन को झकझोर दिया। सबूत ले आया। सबूत कि राहुल गाँधी शर्तिया तौर पर झूठ बोल रहे थे। समीर के ट्वीट के बाद ट्विटर पर राहुल गाँधी का झूठ सार्वजनिक हो गया, फैल गया – मतलब वायरल हो गया।

जनता के सामने जाकर झूठ बोलने की सजा क्या है? कानून में कोई धारा है या नहीं? इस विषय पर जनता के प्रतिनिधि ही लोकसभा-राज्यसभा में वाद-विवाद करें। या सुप्रीम कोर्ट में कोई याचिका दायर हो और वकीलों के बीच बहस हो। लेकिन तय यह है कि झूठ बोलने की सजा जनता देती है, नाम भूलने की सजा जनता देती है – अमेठी हार के बाद प्रियंका गाँधी अपने भाई को यह बता सकती हैं कि वायनाड सदा के लिए नहीं रहने वाला!