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विराट के खराब प्रदर्शन पर सुनील गावस्कर ने नहीं की गंदी बात, अनुष्का शर्मा ने यूँ ही दे दिया ज्ञान

अपने जमाने के दिग्गज बल्लेबाज रहे सुनील गावस्कर (25 सितंबर 2020) शुक्रवार को विवादों में फँस गए। दावा किया जा रहा है कि आईपीएल में विराट कोहली के खराब प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कॉमेंट्री के दौरान उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा पर भद्दी टिप्पणी की।

इसको लेकर सोशल मीडिया में गावस्कर की तीखी आलोचना हुई। यहाँ तक कि अनुष्का ने भी एक इंस्टाग्राम स्टोरी में गावस्कर को जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “मिस्टर गावस्कर, आपने इतने साल तक लोगों की निजी जिंदगी का सम्मान किया और क्या आपको नहीं लगता कि यह बात आपको हमारे-मेरे बारे में भी कायम रखनी चाहिए थी।”

असल में, गुरुवार को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मैच में विराट के कैच छोड़ने और खराब प्रदर्शन को लेकर कॉमेंट्री के दौरान गावस्कर ने उनकी आलोचना की थी। विराट कोहली जब दूसरी पारी के तीसरे ओवर में बल्लेबाजी करने आए, तब गावस्कर कॉमेंट्री कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने एक टिप्पणी की जिसमें विराट कोहली की पत्नी अनुष्का का भी जिक्र था।

विराट कोहली के खराब परफॉर्मेंस का जिक्र करते हुए गावस्कर ने कहा, “लॉकडाउन था तो सिर्फ अनुष्का की बॉलिंग की प्रैक्टिस की इन्होंने, वो वीडियो देखी है, उससे तो कुछ नहीं होना है।”

दरअसल, गावस्कर इस साल मई में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो का जिक्र कर रहे थे। इसमें विराट कोहली और अनुष्का शर्मा अपने घर की छत पर क्रिकेट खेलते नजर आए थे। उस वक्त पूरे भारत में सम्पूर्ण लॉकडाउन था और खिलाड़ियों को खेल के मैदान में जाने की अनुमति नहीं थी।

गावस्कर की कॉमेंट्री के एक दिन बाद शुक्रवार को मीडिया नेटवर्क और टीवी चैनलों ने भ्रामक दावा किया कि महान बल्लेबाज ने विराट कोहली के खिलाफ भद्दे कमेंट किए। सिर्फ मीडिया चैनल ही नहीं, सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी ट्विटर पर अनुष्का शर्मा पर कथित सेक्सिस्ट कमेंट के लिए गावस्कर की आलोचना की। इसके अलावा उन्होंने बीसीसीआई से कॉमेंट्री टीम से सुनील गावस्कर को बर्खास्त करने की माँग भी की।

फैक्ट चेक

मीडिया भले दिग्गज बल्लेबाज की टिप्पणी को गलत ढंग से पेश कर नाराजगी व्यक्त कर रही है, लेकिन गावस्कर ने बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के खिलाफ कोई भी आपत्तिजनक या अश्लील टिप्पणी नहीं की थी। वास्तव में उन्होंने लॉकडाउन के दौरान वायरल हुए उनके वीडियो का जिक्र किया था।

नीचे आप वह वीडियो देख सकते हैं जिसका गावस्कर ने हवाला दिया था;

सुनील गावस्कर इस वीडियो का जिक्र कर रहे थे। इसमें आप देख सकते हैं कि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा कोरोनो वायरस लॉकडाउन के दौरान अपने घर की छत पर खेल रहे थे। यह वीडियो प्रमाण है कि सोशल मीडिया और कुछ चैनलों द्वारा गावस्कर की टिप्पणी पर किया गया दावा सरासर गलत है। जिसमें लोगों ने पूर्व भारतीय कप्तान को अश्लील टिप्पणी करने के लिए जिम्मेदार ठहराया था।

NDTV को भी नहीं मिले कृषि कानून के विरोधी किसान; प्रदर्शनकारी ‘नकली किसान’ बोले: माँग बाद में बता देंगे

संसद में कृषि विधेयक पास हो जाने के बाद से विपक्ष लगातार मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा कर रहा है। ऐसे में उनके ‘निष्पक्ष’ प्रोपेगेंडा न्यूज चैनल एनडीटीवी ने ही उनके निराधार प्रश्नों का जवाब अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग से दे दिया है।

एनडीटीवी की इस मुद्दे पर रिपोर्टिंग की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इनमें वह दो अलग-अलग तरह के किसानों के पास जाकर अपने सवाल पूछ रहे हैं। एक जो वाकई किसान हैं और उन्हें नए कानून से कोई आपत्ति नहीं है। वहीं, एक वो किसान बनकर प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें यही नहीं मालूम कि उनकी माँग क्या है।

सोशल मीडिया पर वायरल होती वीडियोज को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि कृषि विधेयक किसानों के लिए इतने फायदेमंद हैं कि खुद एनडीटीवी भी ऐसे किसान नहीं ढूँढ पाया जो इसका विरोध करें। इन दावों के साथ एनडीटीवी पत्रकार श्रीनिवासन की वीडियो वायरल हो रही है। श्रीनिवासन किसानों से पूछते हैं कि जो किसानों के लिए कानून लागू हुआ है, उसके कारण कुछ किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। तो क्या वह लोग भी उस कानून के विरोध में हैं?

इस पर वहाँ खड़ा किसान साफ सिर हिलाकर मना करता है और कहता है कि वह उसके विरोध में नहीं हैं। पत्रकार के आसपास खड़े लोग भी इससे मना कर देते हैं कि वह भी उस कानून के विरोध में नहीं हैं। वह कहते हैं कि इससे तो अब बिचौलिए की भूमिका खत्म हो जाएगी। मंडी तक जाने का समय बचेगा। अपनी फसल किसान कहीं भी बेच पाएगा।

बीच में एक किसान कहता है कि उनके पास प्राइवेट सेंटर हैं और वह चाहते हैं कि उनके इलाके में और भी सेंटर्स खुलें। इससे उन्हें ही फायदा होगा। वहीं अन्य किसान कहते हैं कि उनके इलाके के आस पास कई कलेक्शन सेंटर हैं जिनको सामान देने से उनकी मजदूरी भी नहीं कटती। कैश भी सीधा हाथ में मिलता है।

गौरतलब है कि उक्त बातें तो उन किसानों की है जिनके खेतों के पास जाकर एनडीटीवी ने अपनी रिपोर्टिंग की। अब एक नजर उस रिपोर्टिंग पर भी डालिए, जहाँ रिपोर्टर प्रदर्शन कर रहे ‘नकली’ किसानों से उनकी माँग जानने पहुँचा। एनडीटीवी रिपोर्टर ने सवाल किया कि सरकार कह रही है यह बिल आपके हित में है? इस पर प्रदर्शनकारी प्रदर्शन की ओर इशारा करके कहता है कि हाँ अभी फैसला होगा। इसके बाद रिपोर्टर पूछता है आप किसान ही हैं न? जवाब मिलता है- हाँ। रिपोर्टर फिर पूछता है- आपकी माँग क्या है? इस पर कुछ वाजिब जवाब देने की जगह प्रदर्शनकारी कहता है कि बता देंगे बाद में।

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर एनडीटीवी की इन वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये कॉन्ग्रेस के पेड कार्यकर्ता ‘नकली’ किसान बनकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनसे सवाल पूछो कि आपकी माँग क्या है? तो जवाब मिलता है- बता देंगे बाद में। ऐसे ही दूसरी वीडियो को लेकर राहुल गाँधी पर टिप्पणी की जा रही है और कहा जा रहा है कि बिग बास्केट, रिलायंस फ्रेश, मोर आदि के बुरे परिणाम गिनाने वाले अपने पारिवारिक चैनल की रिपोर्ट देखें जिसमें इनके लाभ किसान खुद बता रहे हैं।

रिया मेरे घर में ड्रग्स रखती थी, रकुल प्रीत ने NCB की पूछताछ में कबूला: मीडिया रिपोर्ट में दावा

ड्रग्स केस में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने आज बॉलीवुड अभिनेत्री रकुल प्रीत से पूछताछ की। अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने पूछताछ में दावा किया कि उनके निवास से बरामद ड्रग्स रिया चक्रवर्ती की हैं। हालाँकि, खुद नशीले पदार्थों का सेवन करने से अभिनेत्री ने इनकार किया है।

रिपब्लिक भारत की रिपोर्ट के अनुसार, रकुल प्रीत ने कहा है कि रिया चक्रवर्ती ही उनके घर में ड्रग्स रखती थी और एजेंसी को जो ड्रग्स मिले हैं वो रिया के हैं। अभिनेत्री ने कथित तौर पर यह भी कहा कि उसका ड्रग पेडलर्स के साथ कोई संबंध नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एनसीबी की पूछताछ के दौरान, रकुल प्रीत सिंह ने दावा किया कि रिया चक्रवर्ती को उसके घर पर ड्रग्स रखा करती थी। रकुल प्रीत ने कहा कि उसके घर से बरामद किया गया ‘सामान’ उसका नहीं था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ड्रग्स को लेकर रकुल प्रीत ने अपनी और रिया के बीच व्हाट्सएप पर हुई बातचीत को भी स्वीकार किया है। जब एनसीबी के अधिकारियों ने उसे चैट दिखाया, जिसमें दोनों ड्रग्स पर चर्चा कर रहे थे और रिया को प्रतिबंधित नशीले पदार्थों के बारे में पूछते हुए देखा गया, तो रकुल प्रीत ने चैट को सही बताया।

कल, NCB ने रकुल प्रीत सिंह के घर पर छापा मारा, जिसके बाद एजेंसी द्वारा दूसरा समन जारी किया गया था। रकुल प्रीत सिंह आज शुक्रवार (सितम्बर 25, 2020) को लगभग चार घंटे की पूछताछ के बाद अपने घर पहुँची। ।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बॉलीवुड और टीवी स्टार्स के खिलाफ एक्शन लेने शुरू कर दिए हैं। एजेंसी पिछले दो दिनों से टीवी की मशहूर जोड़ी अबीगेल पांडे और सनम जौहर से ड्रग्स केस में पूछताछ कर रही है और उनके घर छापा भी मार चुकी है जहाँ से उन्हें चरस मिला है।

एक अफसर जिसने बक्से में बंद कर दिया लालू का ‘जिन्न’, खत्म कर दिया बिहार में जंगलराज का बूथ लूट

चुनाव आयोग ने शुक्रवार (25 सितंबर 2020) को बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। तीन चरणों में मतदान होगा और 10 नवंबर को नतीजे आएँगे। बिहार में चुनावों की चर्चा के साथ ही जंगलराज और चुनावों के दौरान बूथ कैप्चरिंग का भयावह अतीत भी चर्चा में आ जाता है।

लालू प्रसाद यादव चुनाव के दौरान दावा करते रहते थे कि जब बक्सा खुलेगा तो उनका जिन्न निकलेगा। यानी, जब गिनती होगी तो नतीजे उनके ही हक में रहेंगे। लेकिन, 2005 में राज्य में हुए विधानसभा चुनाव ने बूथ कैप्चरिंग के इतिहास को दफन कर दिया। जब नतीजे आए तो कोई जिन्न नहीं निकला और लालू का 15 सालों से चला आ रहा राजपाट खत्म हो गया।

बिहार को बूथ कैप्चरिंग से निजात दिलाने वाले अफसर का नाम है, केजे राव। उन्हें 2005 के विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग ने पर्यवेक्षक बनाकर भेजा था। इसके बाद राव ने जो कुछ किया वह एक इतिहास है।

असल में राजनीतिक जोड़-तोड़ से 1990 में मुख्यमंत्री की कुर्सी पाने वाले लालू ने ऐसा समीकरण गढ़ा कि अगले डेढ़ दशकों तक वही बिहार की राजनीति के धुरी बने रहे। उन्होंने एमवाई समीकरण (मुस्लिम-यादव) बनाया था। 1995 में जब विधानसभा के चुनाव आए तो उन्होंने कहा, “बक्सा (मतदान पेटी) से जिन्न निकलेगा और सब पलट जाएगा।” जब नतीजे आए तो लालू के कहे अनुसार जिन्न बाहर निकला और उनकी पार्टी ने शानदार जीत हासिल की। ये वो दौर था जब बिहार में चुनाव और बूथ कैप्चरिंग एक-दूसरे का पर्याय बन गए थे।

साल 2005 के पहले बिहार विधानसभा चुनावों में बाहुबलियों का प्रभाव अपने चरम पर था। राजनीतिक नुमाइंदे बेख़ौफ़ होकर बूथ पर कब्ज़ा करते थे और जनता मन मुताबिक मतदान करने में भी डरती थी।

ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि 2005 के चुनाव निष्पक्ष और नियमबद्ध तरीके से कराए जाएँ। चुनाव आयोग ने केजे राव को बिहार चुनाव के दौरान पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया। बिहार में फैले राजनीतिक आतंक को देख कर देख कर राव समझ चुके थे कि यहाँ राजनैतिक हालातों का ढाँचा अन्य क्षेत्रों जैसा नहीं है। अक्टूबर 2005 में होने वाले चुनाव से ठीक पहले उन्होंने राजधानी पटना में अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की। दुबली पतली काया, चेहरे पर मोटा चश्मा, चेक शर्ट और गोल चेहरा। कुर्सी पर बैठने कुछ ही देर बाद उन्होंने एक कागज़ उठाया, जो चुनाव की तैनाती में शामिल अधिकारियों ने तैयार किया था। 

उन्होंने एक दरोगा से अंग्रेजी भाषा में कहा, “ह्वाट इज़ द स्टेट ऑफ़ नॉन बेलेबल वारंटी।” दरोगा जी शांत, बल्कि पूरी सभा ही शांत! इसके पहले बैठक में शामिल होने वाला कोई और शख्स अपनी राय पेश करता राव ने चुनाव को लेकर एक गाढ़ी लकीर खींच दी। उन्होंने कहा “इस चुनाव में लुटेरों और बाहुबलियों मनमानी नहीं चलेगी। चुनाव का पैमाना केवल एक होगा, संविधान और क़ानून।”

उनके जीवन का एक किस्सा बहुत उल्लेखनीय है, 2005 बिहार चुनाव के दौरान वह गया स्थित पहाड़ी मतदान केंद्र पहुँचे। बूथ की छत पर एक जवान एलएमजी लेकर खड़ा था। राव ने उससे पूछा तो उसने स्थानीय बोली में जवाब दिया, “ई बार त बूथ लुटेरवन डरे झांकियों न मारतौ, गोली खाएला हई का।” एक पंक्ति में यही था 2005 का बिहार विधानसभा चुनाव। बिहार की जनता के लिए यह परिवर्तन अविस्मरणीय था। आलम यह हुआ कि जब केजे राव हेलिकॉप्टर से निकलते तो जनता उनके नारे लगाने लगती थी।   

इस चुनाव पर राव ने कितनी गहरी छाप छोड़ी थी इसका अंदाजा आप एक सर्वे से लगा सकते हैं। चुनाव के बाद बिहारटाइम्स डॉट कॉम ने यह सर्वे किया। बिहार के लोगों ने उन्हें बदलाव का हीरो चुना था। राव को 62 फीसदी वोट मिला था, जबकि राजनीतिक बदलाव के चेहरे बने नीतीश कुमार को 29 फीसदी वोट ही इस सर्वे में मिले थे।

साल 2015 में एक समाचार समूह को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा था, “चुनाव से जुड़े हर रोग की एक ही दवा है। चुनाव आयोग के प्रस्तावों को सही तरीके से लागू  किया जाए। यह बड़ी चुनौती है लेकिन इसके लिए युवाओं और विशेष रूप से महिलाओं को आगे आना होगा। जिन बूथों पर सेना के जवान नहीं मौजूद होंगे, वहाँ असल लोकतंत्र नज़र आएगा। 2005 से 2015 के बीच बहुत बदलाव नहीं आए हैं, अभी तक कई मूलभूत समस्याएँ हैं। मतदाता को निडर होकर घरों से बाहर निकलना होगा और बेहतर उम्मीदवार का चुनाव करना होगा। कोई उचित विकल्प न हो तो नोटा दबाएँ जो बाहुबली जनता को डराए, जनता उसे नोटा से डराए।”

चीन के बाद भारत में जाकिर नाइक के मोबाइल ऐप को भी बैन करने की तैयारी, जिस पर होता है प्रतिबंधित पीस टीवी का प्रसारण

केंद्र सरकार इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के मोबाइल ऐप को धार्मिक घृणा फैलाने के कारण प्रतिबंधित करने की योजना बना रही है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, नाइक के ऐप तथा सोशल मीडिया हैंडल भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं तथा इनके माध्यम से मजहब विशेष के युवाओं को भर्ती करने और कट्टरपंथी बनाने का कार्य किया जा रहा है।

रिपोर्ट यह भी बताती है कि जाकिर नाइक की संस्था के सम्बंध जिहादी समूहों से हैं तथा इसे भारत में जिहादी प्रोपेगेंडा को बढ़ाने के लिए अरब मुल्कों से आर्थिक मदद मिलती है।

आईबी व एनआईए के शीर्ष अधिकारियों की एक बैठक केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिल्ली स्थित कार्यालय में हुई, जिसमें इस विषय पर चर्चा की गई की जाकिर नाइक द्वारा अभद्र भाषा में पोस्ट किए गए विभिन्न भड़काऊ वीडियो देश के सांप्रदायिक सौहार्द के लिए खतरा है।

नफरत फैलाने वाले भाषण प्रसारित करने तथा बार-बार अपने चैनलों के माध्यम से हिंसा भड़काने के कारण ब्रिटेन के मीडिया वॉचडॉग ऑफकॉम द्वारा नाइक के चैनलों पीस टीवी और पीस टीवी उर्दू पर 2.75 करोड़ रूपए का जुर्माना लगाया गया। जाकिर नाइक हवाला कारोबार तथा अतिवादी विचारों को उकसाने वाले भड़काऊ भाषण देने के कारण भारत में वांछित अपराधी है, जिसका नाम एनआईए की मोस्ट-वांटेड सूची में भी शामिल है।

पिछले वर्ष, उसने फ्री पीस टीवी ऐप नाम से एक मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया था, जिसको गूगल प्ले स्टोर पर एक लाख से अधिक बार डाउनलोड किया गया था, जिसका 3 वर्ष से अधिक आयु वाले उपयोग कर सकतें है। इस ऐप पर चार भाषाओं, अंग्रेजी, उर्दू, बंगला तथा चीनी में चौबीसों घण्टे भड़काऊ कंटेंट टेलीकास्ट किया जाता है। इस ऐप के माध्यम से, नाइक के टीवी चैनल का प्रसारण पूरे भारत में आसानी से होता है भले ही उसका चैनल प्रतिबंधित हो। पड़ोसी देशों बांग्लादेश तथा श्रीलंका में नाइक का यह ऐप पहले से ही बैन है।

गौरतलब है कि इससे पहले लव जिहाद के मामले में भी एनआईए ने जाकिर नाइक को नामजद किया था। एनआईए ने चेन्नई के एक व्यवसायी की बेटी तथा बांग्लादेश के एक राजनेता के बेटे, जो पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री खालिदा जिया के दल से सम्बद्ध है से जुड़े लव जिहाद के मामले में जाकिर नाइक को नामजद किया है। इसी मामले में केंद्रीय जाँच एजेंसी द्वारा पाकिस्तान के भी दो कट्टरपंथी प्रचारकों को नामजद किया गया है।

हाल ही में, इस फरार इस्लामिक उपदेशक ने एक वीडियो वीडियो अपलोड किया था। जिसमें उसने भारत के समुदाय विशेष से आईएएस/आईपीएस की नौकरियों में जाने के अपील की थी ताकि वे इस्लाम की रक्षा के लिए पर्याप्त मजबूत हो सकें।

गौरतलब है कि इससे पहले भारत सरकार ने चीन के सैकड़ों मोबाइल ऐप बैन कर दिए हैं। जिससे चीन भारी नुकसान के कारण बौखलाया हुआ है।

सरकार की स्पष्ट सोच है, जिन्हें सरकार नहीं चाहिए उन पर नहीं बल्कि वंचितों के लिए संसाधन का उपयोग करना चाहिए: PM मोदी

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। संबोधन के दौरान उन्होंने हाल ही में किसानों के लिए पारित किए गए विधेयकों से होने वाले सुधारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विपक्ष की आलोचना करते हुए इस बात की ओर भी इशारा किया कि पहले किस तरह किसानों के साथ अत्याचार होता था। 

इसके अलावा उन्होंने संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं से निवेदन किया कि वह किसानों के पास जाएँ और उन्हें नए विधेयक से होने वाले लाभ की जानकारी दें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “एक राष्ट्र, समाज के रूप में भारत को बेहतर बनाने के लिए दीन दयाल जी का योगदान पीढ़ियों को प्रेरित करने वाला है।”

किसानों पर अब तक हुए अत्याचार का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा, “आजादी के अनेक दशकों तक किसान और श्रमिक के नाम पर खूब नारे लगे, बड़े-बड़े घोषणा पत्र लिखे गए, लेकिन समय की कसौटी ने​ सिद्ध कर दिया है कि वो सारी बातें कितनी खोखली थीं, सिर्फ नारें थे। देश अब इन बातों को भली भाँति जानता है। किसानों को ऐसे कानूनों में उलझाकर रखा गया।” 

“जिसके कारण वो अपनी ही उपज को, अपने मन मुताबिक बेच भी नहीं सकता था। नतीजा ये हुआ कि उपज बढ़ने के बावजूद किसानों की आमदनी उतनी नहीं बढ़ी। हाँ, उन पर कर्ज जरूर बढ़ता गया। किसानों से जिन्होंने हमेशा झूठ बोला है वो लोग इन दिनों अपने राजनीतिक स्वार्थ की वजह से किसानों के कंधे पर बंदूक फोड़ रहे हैं। किसानों को भ्रमित करने में लगे हैं, ये लोग अफवाहें फैला रहे हैं।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “हमारी सरकार इस मामले में हमेशा से स्पष्ट रही है कि ऐसे लोगों के जीवन में हस्तक्षेप नहीं करना है, जिन्हें सरकार की ज़रूरत नहीं है। सरकार को अपने संसाधनों का उपयोग वंचित और हाशिए पर मौजूद लोगों के लिए करना चाहिए।”

इसके अलावा उन्होंने किसानों से कई अन्य पहलुओं पर भी अपना विचार रखा। देश के सामान्य वर्ग को जितनी बार पार्टी की सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी उतनी बार हम अपने देशव्यापी संपर्क से लोगों की सेवा में जुट गए। चाहे भाजपा की केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, उसका प्रयास हमेशा से यही रहा है कि समाज के हर वर्ग से आने वाले नागरिक को बराबर अवसर मिले। 

भाजपा के हर कार्यकर्ता की ज़िम्मेदारी बनती है कि वह हर किसान को इस विधेयक के बारे में सरल भाषा में समझाए। जिससे किसान इस विधेयक से होने वाले फायदे समझ पाएँ। 

यूपीए सरकार ने 5 साल के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड के ज़रिए किसानों को लगभग 20 लाख करोड़ रूपए का कर्ज़ दिया था। वहीं भाजपा सरकार ने 5 सालों में किसानों को 35 लाख करोड़ रूपए का कर्ज़ दिया।  

एनडीए सरकार की शुरू से कोशिश रही है कि ज़्यादा से ज्यादा किसान भाइयों को बैंकिंग की सुविधा मिले। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत 10 करोड़ किसानों को 1 लाख करोड़ रूपए दिए जा चुके हैं।    

हमारे सामने कई बड़े लक्ष्य हैं, 130 करोड़ की आबादी वाले देश के लोगों को बेहतर जीवनशैली देना। इस संबंध में जितने प्रयास लगातार हो रहे हैं, वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे दिव्य पुरुषों के आशीर्वाद का नतीजा है। 

दीनदयाल जी ही थे, जिन्होंने भारत की राष्ट्रनीति, अर्थनीति, समाजनीति, राजनीति सभी पहलुओं पर भारत के अथाह सामर्थ्य के हिसाब से तय करने की बात मुखरता से कही थी।

ऐसे बहुत लोग बचे हैं जिन्होंने दीनदयाल को सुना, समझा और उनके साथ काम किया हो। उनकी स्मृतियाँ और उनका मार्गदर्शन हमेशा प्रेरणा देता है और ऊर्जा का अनुभव कराता है।  

करण जौहर के करीबी क्षितिज रवि को NCB ने घर से उठाया, एकता कपूर के लिए भी कर चुका है काम

सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जाँच से बॉलीवुड में ड्रग्स के घुसपैठ की जो परतें खुलनी शुरू हुई है, उसका दायरा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने शुक्रवार (25 सितंबर, 2020) को करण के करीबी माने जाने वाले क्षितिज रवि प्रसाद के घर पर छापेमारी की और उसे अपने साथ ले गई।

क्षितिज के घर से ड्रग्स मिलने की बात भी कही जा रही है। वह करण के धर्मा प्रोडक्शन से बतौर एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर ऐंड डायरेक्टर जुड़ा हुआ है। इससे पहले वह एकता कपूर की बालाजी टेलीफिल्म्स के लिए भी काम कर चुका है।

रिपब्लिक टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, एनसीबी को क्षितिज के पास से ‘ड्रग्स मिला’ है। यह भी दावा किया गया है कि वह भारी मात्रा में लगातार ‘ड्रग्स खरीदता’ था। हालाँकि यह साफ नहीं हो पाया कि इस ड्रग्स का उपयोग कौन करता था। उसके घर से मारिजुआना और वीड मिलने की बात कही जा रही।

एनसीबी अधिकारियों के अनुसार, क्षितिज को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है। पूछताछ के बाद उसे हिरासत में लिया जा सकता है। बता दें गिरफ्तार ‘ड्रग्स पैडलर्स’ अनुज केशवानी ने क्षितिज प्रसाद के नाम का खुलासा किया था।

गौरतलब है कि गुरुवार को NCB ने क्षितिज को समन जारी किया था। दिल्ली से उसके मुंबई पहुँचते ही एजेंसी ने उसके घर पर छापा मारा और अपने साथ ले गई। गुरुवार को भी उसके घर पर छापा पड़ा था।

गौरतलब है कि करण जौहर द्वारा दी गई एक पार्टी पह​ले से ही शक के घेरे में है। सोशल मीडिया में इस पार्टी की एक वीडियो वायरल हुई थी और दावा किया जा रहा था कि इसमें दिख रहे सितारों ने ड्रग्स का सेवन कर रखा था।
इस वीडियो में दीपिका पादुकोण, विक्की कौशल, मलाइका अरोड़ा, वरुण धवन, अयान मुखर्जी, अर्जुन कपूर और शाहिद कपूर जैसे बड़े एक्टर दिखाई दिए थे।

करण जौहर ने वैसे इन आरोपों को बेबुनियाद बताया था, लेकिन पिछले दिनों एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि एनसीबी इसकी जाँच कर रही है। गौरतलब है कि वीडियो में दिखी दीपिका को एनसीबी पहले ही समन भेज चुकी है। ह्वाट्सएप पर कुछ ड्रग चैट सामने आने के बाद उन्हें समन भेजा गया था।

शौहर के सामने देवर ने कपड़े फाड़े, रेप करने की कोशिश: तीन तलाक हटाने की लड़ाई लड़ने वाली इशरत जहाँ

भाजपा नेता और तीन तलाक हटाने के मामले की मुख्य याचिकाकर्ता इशरत जहाँ ने अपने पति और देवर के खिलाफ पश्चिम बंगाल के हावड़ा के गोलबारी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।

इशरत का कहना है कि हावड़ा के पिलखाना स्थित घर में उसे बंदी बना लिया गया। शौहर की मौजूदगी में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे देवर ने रेप करने की कोशिश की। इस दौरान शौहर ने उसका यौन उत्पीड़न रोकने के लिए कुछ नहीं किया। उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए थे।

पीड़िता के अनुसार, शौहर और देवर उसे शारीरिक यातना भी देते हैं। इससे पहले, इशरत ने सास पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने ससुराल वालों पर पैसे और गहने छीनने का आरोप भी लगाया। अपनी गर्दन पर निशान दिखाते हुए उन्होंने कहा, “उन्होंने मुझे घर खाली करने के लिए मजबूर किया, क्योंकि वे संपत्ति को बेचना चाहते थे। 7-8 लोगों ने मुझे जबरदस्ती पकड़कर मारने की कोशिश की। मैं किसी तरह अपनी जान बचाकर घर से बाहर निकलने में कामयाब रही।”

पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। हालाँकि, अभी तक किसी भी आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया गया है। बता दें कि ट्रिपल तलाक हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में इशरत मुख्य याचिकाकर्ता थी। बाद में इसे रोकने का केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक कानून बनाया। इशरत ने ट्रिपल तलाक को लेकर शीर्ष अदालत का रुख किया था, जब दुबई में रह रहे उसके पति ने फोन पर तीन बार तलाक बोलते हुए उससे अपने रिश्तों को खत्म कर दिया था।

पिछले साल इशरत जहाँ ने हावड़ा के डोबसन रोड में संकटमोचन हनुमान मंदिर में हुए सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इस घटना के बाद इशरत की जान पर कथित तौर पर खतरा मँडराने लगा था। यहाँ तक कि उसके मकान मालिक मनजिर हुसैन ने भी उसे घर खाली करने के लिए कह दिया था। इशरत की शिकायत के अनुसार, जब वह अपने बच्चे के स्कूल से घर लौट रही थी, तो नंद घोष रोड पर 100 लोगों के साथ मुस्तफा अंसारी और उसके मकान मालिक मनजिर हुसैन ने उसका रास्ता रोक लिया था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मकान मालिक की धमकियों के बाद इशरत और उसके बच्चें को घर से निकल दिया गया था। जिसके बाद कथि ततौर पर उसने रोज़मेरी लेन में एक अन्य व्यक्ति के घर में शरण ली है। उसने कहा है कि वह अपने बच्चे के साथ अकेली रहती है और मुस्लिम समुदाय के सदस्यों द्वारा उसे धमकी जारी किए जाने के बाद वह अपनी सुरक्षा को लेकर डर रही है।

243 सीटें, 3 चरण में मतदान, 10 नवंबर को परिणाम: बिहार विधानसभा चुनाव में बूथ पर 1000 वोटर ही

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने शुक्रवार (सितम्बर 25, 2020) को बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए कार्यक्रम की घोषणा की है। 243 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव के लिए मतदान तीन चरणों होंगे।

बिहार विधानसभा चुनाव मतदान तीन चरणों में 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को होंगे और इसके नतीजे नवंबर 10, 2020 को घोषित किए जाएँगे। फेज- 1 में 71 सीटें होंगी, फेज- 2 में 94 सीटें होंगी और फेज- 3 में 78 सीटें होंगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, “बिहार राज्य में विधानसभा का कार्यकाल नवंबर 29, 2020 को समाप्त होने वाला है। बिहार विधानसभा में 243 सदस्यों की संख्या है, जिनमें से 38 सीटें एससी और दो एसटी के लिए आरक्षित हैं।”

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि मतदाताओं की संख्या बढ़ने के साथ इस बार सुरक्षित चुनावों पर जोर दिया जाना चाहिए। राजनीतिक दलों की कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर चुनाव स्थगित किए जाने के जवाब में चुनाव आयोग ने पूरी प्रक्रिया का पालन करने के लिए दिशानिर्देशों का एक सेट जारी किया है।

निर्वाचन प्रक्रिया में सामाजिक दूरी का सख्ती से पालन किया जाएगा और सभी को मतदान केंद्रों पर मास्क पहनना होगा। चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि एक बूथ पर सिर्फ 1,000 मतदाता ही मदतान कर पाएँगे। इसके अलावा, ज्यादा तापमान वाले लोगों को मतदान प्रक्रिया के अंतिम एक घंटे में मतदान करना होगा और उस बूथ पर कम मतदाता होंगे।

प्रेस वार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा, “7 लाख से अधिक हैंड सेनिटाइज़र, लगभग 46 लाख मास्क, 6 लाख पीपीई किट, 6.7 लाख यूनिट फेस-शील्ड, 23 लाख (जोड़े) हैंड ग्लव्स की व्यवस्था की गई है। मतदाताओं के लिए विशेष रूप से, 7.2 करोड़ एक बार इस्तेमाल होने वाले हैंड ग्लव्स की व्यवस्था की गई।”

सुनील अरोड़ा ने कहा कि यह महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कोरोना वायरस महामारी में यह पहला चुनाव होगा। उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे दिन और महीने बीतते गए COVID -19 ने कम होने के कोई संकेत नहीं दिखाए, यह महसूस किया गया कि लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा के लिए ईमानदार और व्यवस्थित प्रयास करते हुए मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों को संतुलित करने के लिए किसी तरह का रास्ता निकालना होगा।”

रकुल प्रीत और करिश्मा प्रकाश से पूछताछ शुरू: रणवीर ने NCB से पूछताछ के दौरान दीपिका के साथ होने की माँगी छूट, कहा- आता है पैनिक अटैक

बॉलीवुड अभिनेता और दीपिका पादुकोण के पति रणवीर सिंह ने एनसीबी से एक निवेदन किया है। उन्होंने एनसीबी से गुज़ारिश की है कि ड्रग्स मामले में पूछताछ के दौरान उन्हें भी मौजूद रहने दिया जाए। एनसीबी ड्रग्स मामले में शनिवार यानी 26 सितंबर 2020 को दीपिका पादुकोण से पूछताछ करने वाली है। पहले यह पूछताछ शुक्रवार (25 सितंबर 2020) यानी आज तय की गई थी। वहीं दूसरी तरफ रकुल प्रीत सिंह से आज इस मामले में पूछताछ होनी है। रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल वह एनसीबी के दफ्तर पहुँच चुकी हैं। 

रिपब्लिक टीवी द्वारा प्रकाशित ख़बर के अनुसार, अभिनेता रणवीर सिंह ने नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो से निवेदन किया था। जिसमें उन्होंने कहा, “दीपिका को तनाव और घबराने की परेशानी है, दीपिका को पैनिक अटैक्स भी आते हैं। इन बातों को मद्देनज़र रखते हुए मेरा निवेदन है कि एनसीबी की पूछताछ में मुझे भी मौजूद रहने दिया जाए।” दीपिका पादुकोण गोवा में एक फिल्म की शूटिंग कर रही थीं, एनसीबी द्वारा समन भेजे जाने के बाद गुरूवार (24 सितंबर 2020) मुंबई वापस आई थीं।

रणवीर सिंह ने एनसीबी से किए गए निवेदन में यह भी कहा कि वह क़ानून का पालन करने वाले नागरिक हैं। वह इस बात को भी बहुत अच्छे से समझते हैं कि पूछताछ में किसी भी व्यक्ति का शामिल होना वैधानिक नहीं है लेकिन हालातों को देखते हुए वह इसकी माँग कर रहे हैं। हालाँकि, एनसीबी ने अभी तक रणवीर सिंह के इस निवेदन का कोई जवाब नहीं दिया है। कल यानी शनिवार को दीपिका पादुकोण ड्रग्स मामले में पूछताछ के लिए एनसीबी के सामने पेश होंगी। दीपिका के अलावा सारा अली खान और श्रद्धा कपूर भी शनिवार को ही एनसीबी के सामने पेश होंगी।

वहीं दूसरी तरफ रकुल प्रीत सिंह ड्रग्स मामले में पूछताछ के लिए एनसीबी के एसआईटी दफ्तर पहुँच चुकी हैं। 

उनके अलावा दीपिका पादुकोण की मैनेजर करिश्मा प्रकाश ड्रग्स मामले में पूछताछ के लिए एनसीबी के एसआईटी दफ्तर पहुँच चुकी हैं। 

एनसीबी ने हाल ही में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और रकुल प्रीत सिंह को ड्रग्स मामले में समन भेजा था। इसके अलावा एनसीबी ने सारा अली खान और श्रद्धा कपूर को भी पूछताछ के लिए समन भेजा था। अभी तक एनसीबी ड्रग्स मामले में सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर श्रुति मोदी और फैशन डिज़ाइनर सिमोन खंबाटा का बयान दर्ज कर चुकी है।    

गौरतलब है कि रिया चक्रवर्ती से पूछताछ के दौरान दीपिका, दीया, सारा अली खान, रकुलप्रीत सिंह और श्रद्धा कपूर का नाम सामने आया था। दीया का नाम पूछताछ के दौरान ड्रग तस्कर अनुज केशवानी ने लिया था। केशवानी ने बताया कि दीया की मैनेजर ड्रग्स खरीदती थी। उन्होंने इसके सबूत भी दिए थे। अब इस मामले में एनसीबी जल्द ही दीया मिर्जा को पूछताछ के लिए समन भेज सकती है।

बता दें कुछ न्यूज चैनलों ने कई बड़े बॉलीवुड सेलेब्स के बीच ड्रग्स को लेकर हुई व्हाट्सएप चैट का खुलासा किया था। इस चैट में बॉलीवुड के 5 टॉप ऐक्टर्स के नाम सामने आए थे। चैट के दौरान जो नाम दिख रहे हैं वह सब एक अक्षर (जैसे- N,J,S,D,K) में हैं। इस चैट में ड्रग्स के लेन-देन की बात हुई थी। कथित तौर पर ये सभी A ग्रेड के कलाकार हैं। अब बताया जा रहा है कि ड्रग चैट की D यानी दीपिका पादुकोण हैं और जिस K से ‘माल’ यानी ड्रग्स मॉंग रही हैं, वह असल में करिश्मा हैं।