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कैबिनेट की मंजूरी, देश के सबसे पुराने कोलकाता पोर्ट का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर

कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्र सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने बताया कि कोलकाता बंदरगाह का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने को मंजूरी दी गई है। जावड़ेकर ने कहा कि बैठक में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम बदलने का निर्णय भी लिया गया।

अब इस ट्रस्ट का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी ट्रस्ट होगा। उल्लेखनीय है कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय राजनीतिज्ञ, वकील और शिक्षाविद् थे। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में वह उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री थे। उनका जन्म वर्ष 1901 बंगाल में ही हुआ था।

इस साल फरवरी माह में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की 150वीं वर्षगाँठ मनाई गई थी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य समारोह में भाग लेते हुए पोर्ट ट्रस्ट का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखने का ऐलान किया था। भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दिन दयाल उपाध्याय को बीजेपी अपना वैचारिक पथ प्रदर्शक मानती है।

कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट देश का सबसे पुराना पोर्ट ट्रस्ट है। इसकी स्थापना वर्ष 1870 में हुई थी, जब भारत का शासन ईस्ट इंडिया कम्पनी से ब्रिटिश क्राउन के अधीन चला गया था।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कैबिनेट में आज ‘वन नेशन वन मार्केट’ (One Nation One Market) को लेकर अध्यादेश पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि आज कैबिनेट में कृषि के बारे में 3 और अन्य अहम फैसले लिए गए हैं और किसान को कहीं भी उत्पाद बेचने और ज्यादा दाम देने वाले को बेचने की आजादी मिली है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, अति आवश्यक वस्तु कानून को किसान हितैषी बनाया गया है और किसानों को लेकर ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। एसेंशियल कॉमोडिटी एक्ट (आवश्यक वस्तु अधिनियम) से प्याज तेल तिलहन आलू को बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज कृषि उत्पादों की बहुतायत है, इसलिए ऐसे बंधनों वाले कानून की जरूरत नहीं थी।

एसेंशियल कॉमोडिटीज ऐक्ट से अनाज, तिलहन, दाल, प्याज आलू आदि बाहर किए गए हैं। किसान अब इनका भंडारण या निर्यात कर सकते हैं। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर किसान अब भंडारण कर सकते हैं। ट्रेडर और किसान के बीच कोई विवाद होगा तो उसका तत्काल या तीन दिन में भुगतान करना होगा और इसे न्यायालय से बाहर रखा गया है। पहली शिकायत पर SDM तीस दिन में सुनवाई करेगा और इसकी अपील DM से की जा सकती है।

एग्रीकल्चर प्रोड्यूसर मार्केट कमिटी के बंधन से किसान मुक्त हुआ है। किसान कहीं भी प्रॉडक्ट बेच सकेंगे। अब किसानों को ज्यादा दाम देने वाले को बेचने की आजादी मिली है। ज्यादा कीमतों की गारंटी पर कृषि ऊपज किसानो को बेचने की आजादी मिली है। 2022 तक किसान की आमदनी दोगुनी करने के लिए केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है

केन्द्रीय मंत्री जावड़ेकर ने कहा कि कॉमर्स मिनिस्ट्री के लिए प्रोजेक्ट डेवलपमेंट फंड बनाया गया है। साथ ही इस बात की जानकारी दी की श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर कोलकाता पोर्ट का नाम रखा गया है।

पुलवामा एनकाउंटर में जैश-ए-मोहम्मद के IED एक्सपर्ट अब्दुल रहमान समेत 3 आतंकी ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी

दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में जारी मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने बुधवार (जून 3, 2020) को जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया है। मारे गए आतंकियों के शव सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। उनके पास से भारी तादाद में हथियार व गोलाबारूद भी बरामद हुआ है।

इस मुठभेड़ में सेना ने जैश ए मोहम्मद के आंतकी और IED एक्सपर्ट अब्दुल रहमान उर्फ फौजी भाई को मार गिराया है। जम्मू-कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “पुलवामा एनकाउंटर में मारे गए 3 आतंकियों में जैश ए मोहम्मद का आतंकवादी अब्दुल रहमान उर्फ फौजी भाई मारा गया है। ये पाकिस्तान के मुल्तान का रहने वाला था। बाकी दो अन्य आतंकवादियों की पहचान की जा रही है।”

उन्होंने आगे बताया कि अब्दुल रहमान 2017 से कश्मीर में एक्टिव था। 2019 के एक एनकाउंटर से ये बच निकला था। रियाज नायकू के बाद ये बहुत बड़ी सफलता है। उन्होंने बताया कि 28 मई को पुलवामा में मिले कार बम को उसी ने तैयार किया था। अब्दुल रहमान अफगानिस्तान युद्ध में भी शामिल हो चुका था।

अब्दुल रहमान आईईडी बम बनाने में एक्सपर्ट था। आतंकी अब्दुल घाटी में कई आईईडी अटैक और कार में बम लगाने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया था। जानकारी के मुताबिक सुरक्षाबलों को बुधवार की सुबह जानकारी मिली थी कि पुलवामा के कंगन गाँव इलाके में कुछ आतंकी छिपे हुए हैं। जिसके बाद सेना, सीआरपीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी करके सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

इस दौरान सुरक्षाबलों ने आतंकियों को सरेंडर करने के लिए कहा। लेकिन आतंकियों ने सुरक्षाबलों के ऊपर फायरिंग शुरू कर दी। जिसके बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए तीनों आतंकियों को मार गिराया। सुरक्षाबलों ने आतंकियों के पास से राइफल समेत कई हथियार बरामद किए हैं। सुरक्षाबलों द्वारा आस-पास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है।

आतंकियों के मारे जाने की घटना के बाद इलाके में किसी तरह की अफवाह न फैले इसलिए पुलवामा में फिलहाल इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी गई हैं। 

गौरतलब है कि पिछले महीने 28 मई को सुरक्षाबलों ने पुलवामा में होने वाला बड़ा हादसा टाल दिया था। आतंकवादी एक बार फिर से पुलवामा में 14 फरवरी 2019 जैसा आतंकी हमला करना चाहते थे। आतंकियों ने एक कार में भारी मात्रा में विस्फोटक IED रखा था, लेकिन उनके नापाक इरादे सफल नहीं हो पाए थे।

इस वारदात का मास्टरमाइंड पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल रहमान ही था, जो आज मुठभेड़ में मारा गया। भारतीय सेना के जवानों ने समय से पहले ही विस्फोटक IED को नष्ट कर दिया था। ये IED से लदी कार पुलवामा में राजपोरा के अयानगुंड एरिया में बरामद हुई थी।

जब IED से लदी कार सुरक्षाबलों के नजदीक आई तो अंदर बैठे आतंकी ने फायरिंग भी की थी। लेकिन थोड़ा आगे जाने के बाद अंधेरे का फायदा उठाकर कार में बैठा आतंकी भाग गया था। गुमराह करने के लिए इस कार पर बाइक की नंबर प्लेट लगाई गई थी।

शाहीन बाग़ और जामिया समेत संवेदनशील इलाकों में पुलिस तैनात, फिर शुरू हुई CAA विरोध-प्रदर्शन की तैयारी

दिल्ली स्थित शाहीन बाग़ इलाके में एक बार फिर हलचल तेज होती नजर आ रही हैं। बुधवार (जून 04, 2020) सुबह से ही शाहीन बाग के साथ ही जामिया, बटला हाउस में भी भारी पुलिसबल तैनात किया गया है।

शाहीन बाग़ पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को प्राप्त सूचना के अनुसार, नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ शाहीन बाग में लोग एक बार फिर दोबारा धरना-प्रदर्शन शुरू करने जा रहे हैं, यह सूचना मिलते ही पुराने धरनास्थल पर भारी मात्रा में पुलिसबल तैनात कर दिया गया।

लॉकडाउन में मिली ढील का फायदा उठाना चाहते हैं प्रदर्शनकारी

रिपोर्ट्स के अनुसार, देशव्यापी लॉकडाउन में ढील मिलते ही कुछ महिलाएँ इस इलाके में इकट्ठा भी हो गईं थीं। जिन्हें पुलिस ने समझा-बुझाकर वापस भेज दिया। इस मौके पर ज्वाइंट सीपी देवेश श्रीवास्तव भी मौजूद हैं। गुपचुप तरीके से धरना-प्रदर्शन शुरू करने की सूचना मिलते ही पहुँची पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है। मौके पर फिलहाल तकरीबन 100 पुलिसवालों ने मोर्चा संभाल लिया है।

किसी भी प्रकार की अनहोनी और भगदड़ की आशंका के चलते पुलिस ने शाहीन बाग के साथ ही जामिया और उसके आसपास भी भारी मात्र में सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के गेट नंबर 7 और सुखदेव विहार मेट्रो स्टेशन के नीचे भी पुलिस तैनात कर दी गई है। इसके साथ ही खुफिया विभाग को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि गत फरवरी माह में दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों के मामले में पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी है, जिसमें शाहीन बाग़ का भी बहुत बड़ा योगदान बताया गया है। इसी को देखते हुए उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पिछले वर्ष दिसम्बर माह से ही देशभर में नागरिकता कानून के बहाने तमाम भारत और हिन्दू विरोधी अभियान जगह-जगह पर आयोजित किए गए।

इसी शाहीन बाग़ के साजिशकर्ता शर्जील इमाम को भी राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि हिन्दू विरोधी दंगों के खिलाफ शुरू की गई न्यायिक कार्रवाई के विरोध में एक राष्ट्रव्यापी अभियान का आयोजन करने की तैयारी हो रही है।

‘सब याद रखा जाएगा’ के जरिए फिर से प्रदर्शन की तैयारी

गौरतलब है कि लॉकडाउन में मिली ढील का फायदा उठाते हुए नागरिकता कानून विरोधी दल अपने आंदोलन को फिर से खड़ा करने का प्रयास कर रहा है। इसी के चलते 3 जून को दोपहर 12 बजे शाहीनबाग के प्रदर्शनकारी एक बार फिर एकजुट होने का ऐलान कर रहे हैं।

‘सब याद रखा जाएगा’ के नाम से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन में एक पोस्टर के जरिए पूरे देश में CAA के खिलाफ माहौल बनाने की तैयारी की जा रही है। सीएए के विरोधियो ने अपने लोगों से अपने-अपने कैंपस में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।

प्रदर्शनकारी सीएए का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों की रिहाई की भी माँग कर रहे हैं। नागरिकता कानून विरोधी प्रदर्शनकारी असम को देश से काट कर अलग कर देने की बात करने वाले शरजील इमाम और पिंजरा तोड़ आंदोलन की एक्टीविस्ट नताशा नरवाल की रिहाई की भी माँग कर रहे हैं, जिन्होंने दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के दौरान लोगों को भड़काया और इस पूरे दिल्ली दंगों की प्लानिंग की।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पिंजरा तोड़ एक्टिविस्ट देवांगना कलिता (30) और नताशा नरवाल (32) को इस साल फरवरी में नागरिकता कानून विरोधी प्रदर्शन में उनकी भूमिका के आरोप में गिरफ्तार किया है।

ताजा जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन कर रहे लोग ‘सब याद रखा जाएगा’ और ‘स्क्रैप यूएपीए’ के नारे लगाने के साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ भी नारेबाजी की जा रही हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूएपीए जैसे कानूनों का उपयोग लोकतांत्रिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ राज्य में निहित शक्तियों का स्पष्ट दुरुपयोग है।

यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में दोबारा जारी किए जा रहे हैं, जब देश कोरोना की महामारी से जूझ रहा है और नागरिकता कानून से लेकर तमाम मुद्दों पर शाहीन बाग़ और देशभर में विरोधी दलों द्वारा उठाए गए तमाम मुद्दे ठन्डे-बस्ते में डाले जा चुके हैं।

अंकित शर्मा के शरीर पर थे जख्म के 51 निशान, 10 लोगों ने मिल कर मारा था: चार्जशीट में सलमान मुख्य आरोपित

दिल्ली पुलिस ने दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों के दौरान आईबी में कार्यरत अंकित शर्मा की हत्या मामले में चार्जशीट दायर कर दी है। बताया गया है कि अंकित शर्मा के शरीर पर जख्म के 51 निशान थे। पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट में दायर की गई 650 पेज की चार्जशीट में कहा है कि अंकित शर्मा की हत्या में आम आदमी पार्टी के (अब निलंबित) पार्षद ताहिर हुसैन का हाथ है। ताहिर हुसैन AAP नेता संजय सिंह का करीबी बताया जाता है।

चार्जशीट में कहा गया है कि अंकित शर्मा की हत्या चाँदबाग़ में 10 लोगों ने मिल कर की थी। इनमें ताहिर हुसैन के साथ-साथ हलील सलमान और समीर नामक आरोपित भी शामिल हैं। नाजिम और कासिम नाम के दो कुख्यात अपराधी भी इस जघन्य हत्याकांड में शामिल थे। चार्जशीट में कुचल 96 गवाहों के बयान पेश किए गए हैं। बता दें कि इसी तरह का दो अन्य चार्जशीट दिल्ली दंगों के मामले में पेश किया जा चुका है।

ताहिर हुसैन को दिल्ली दंगों का मास्टरमाइंड बताया गया है, जिसने करोड़ों की फंडिंग कर के दंगे भड़काए। वहीं अंकित शर्मा हत्याकांड मामले में सलमान को मुख्य आरोपित बनाया गया है, जिसके मोबाइल की कॉल रिकॉर्डिंग को पुलिस की स्पेशल सेल ने इंटरसेप्ट किया था। इसके बाद कई अहम जानकारियाँ हाथ लगी थीं। अंकित शर्मा हत्याकांड के सारे आरोपित फिलहाल जेल में हैं। दंगे भड़काने के दौरान ही अंकित शर्मा को भी निशाना बनाया गया था।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि दंगे कराने के लिए ताहिर हुसैन ने करोड़ों ख़र्च किए थे। इस दौरान वह जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद से लगातार संपर्क में था। वो खालिद सैफी से भी सम्पर्क में था।

सैफी शाहदरा के खुरेजी खास में हुए दंगों का आरोपित है। क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने कड़कड़डूमा कोर्ट में ये खुलासे किए। इस मामले में ताहिर और उसके भाई शाह आलम सहित 15 आरोपित हैं। ताहिर हुसैन ने दंगों से पहले एक लाइसेंसी पिस्टल रिलीज करवाया था, जिसका उसने इस्तेमाल किया। उसके पास 75 गोलियों का कोई हिसाब नहीं है। जनवरी के दूसरे हफ्ते में उसने 1.1 करोड़ रुपए फर्जी सेल कम्पनियों को ट्रान्सफर किया था और बाद में उसने इसे कैश में वापस लिया।

कई प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया है कि वो दंगे भड़का रहा था। पुलिस ने उस वीडियो को भी सबूत के तौर पर लिया है, जिसमें ताहिर हुसैन के गुंडे पेट्रोल बम फेंकते दिख रहे हैं। ताहिर हुसैन का दावा था कि वो ख़ुद दंगे की जद में आ गया था और उसने बार-बार पुलिस के नंबर पर फोन कर के मदद माँगी थी। जबकि दो दंगाई उसके परिसर से ही गिरफ़्तार किए गए थे। कुछ आरोपितों की भी मोबाइल फोन की जाँच होनी बाकी है।

‘…बैठकर बात करते हैं’ – एकता कपूर को लेकर हिंदुस्तानी भाऊ के पास आ रहे कॉल, सबको ‘अपनी भाषा’ में समझाया

भारतीय सेना को अपमानित करने के आरोप में हिंदुस्तानी भाऊ उर्फ विकास पाठक ने एकता कपूर और उनकी माँ शोभा कपूर के खिलाफ़ हाल में शिकायत दर्ज करवाई थी। इस शिकायत के खबरों में आते ही हिंदुस्तानी भाऊ को बड़े-बड़े लोगों के कॉल आने शुरू हो गए। इसके बाद भाऊ ने अपनी एक नई वीडियो जारी की और प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि इन लोगों ने उनसे क्या बोला।

भाऊ ने अपनी नई वीडियो में कहा, “एकता कपूर के ख़िलाफ़ शिकायत करते ही मुझे कई लोगों के कॉल आने शुरू हो गए। ऐसा लगा जैसा एकता कपूर ही उन लोगों का घर चला रही हैं और उनके घर राशन भेज रही है।”

भाऊ ने बताया कि इस बीच उन्हें बड़े-बड़े लोगों ने फोन किया और कहा कि आओ बैठकर बात करेंगे। लेकिन उन्होंने वीडियो में ‘अपनी भाषा’ में ये बात उन सभी लोगों को साफ कर दी कि उन्हें इस बारे में कोई बात नहीं करनी। बस एकता कपूर भारतीय सेना से माफी माँगे।

यूट्यूब पर हिंदुस्तानी भाऊ के नाम से पहचान बनाकर मशहूर होने वाले विकास, अपनी वीडियो में भी ये बात समझाते नजर आए कि वो उन लोगों में से नहीं हैं, जिन्हें पैसा देकर खरीदा जा सके। इसलिए उन्हें रुपए पैसों का लालच देने वाले लोग अपना पैसा अपने पास रखें।

भाऊ ने अपने वीडियो में एकता कपूर को मिलने वाले पद्मश्री पर भी सवाल उठाया और पूछा कि आखिर एकता कपूर ने ऐसा किया क्या है, जो इन्हें पद्मश्री दिया गया? आखिर कौन सा योगदान दिया है इन्होंने देश के लिए, जो इन्हें इतना बड़ा सम्मान मिला?

वे आगे कहते हैं कि अगर आज एकता कपूर में हिम्मत है तो ये पद्मश्री को वापस करें, क्योंकि वे इसके लायक नहीं हैं। इसके अलावा वे लोगों से ट्विटर पर एकता और शोभा कपूर के ख़िलाफ़ हैशटैग चलाने व पद्मश्री को लौटाने की भी माँग करते हैं।

हिंदुस्तानी भाऊ ने एकता कपूर के खिलाफ दर्ज कराई FIR

बता दें कि इससे पहले बिग बॉस-13 के प्रतिभागी रहे विकास पाठक उर्फ हिंदुस्तानी भाऊ ने प्रोड्यूसर एकता कपूर के खिलाफ मुंबई के खार पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई थी। एफआईआर में एकता कपूर पर एक वेब सीरीज के माध्यम से सेना का अपमान करने का आरोप लगाया था।

भाऊ का कहना था कि एकता कपूर ने अपनी एक वेब सीरीज में देश के जवान और उसकी वर्दी का मजाक बनाया। इसलिए इसके खिलाफ उन्होंने ये शिकायत दर्ज करवाई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को हिंदुस्तानी भाऊ ने खार थाने के सामने ही बनाया। साथ ही वीडियो में उन्होंने एफआईआर की उस कॉपी भी दिखाई।

इसके साथ ही भाऊ ने कहा कि इस कृत्य के लिए एकता कपूर और उनकी माँ शोभा कपूर को इंडियन आर्मी से माफी माँगनी चाहिए। भाऊ का कहना है कि उनकी इस वेब सीरीज ने इंडियन आर्मी की गरिमा को ठेस पहुँचाई है।

शाकिब से बना अमन, युवती को प्रेमजाल में फँसाकर की हत्या: पुलिस की बंदूक छीन फायरिंग कर भागने की कोशिश, 6 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक साल बाद बिना सिर और हाथ के मिली लाश मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। साल भर पहले एक 19 साल की युवती का सिर और धड़ अलग कर नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य हत्याकांड के मामले में शाकिब, मुस्सरत, मुस्तकीम, रेशमा, इस्मत और अयान नाम के 6 आरोपित गिरफ्तार किए गए।

पुलिस ने बताया कि सोमवार (जून 1, 2020) को जब शाकिब को हत्या की जगह पर ले जाया जाने लगा, तो उसने एक कांस्टेबल की बंदूक छीनी और रास्ते में पुलिस पर फायरिंग करके भागने की कोशिश की। जवाबी फायरिंग में इस शातिर को गोली लगी। साथ ही एक कांस्टेबल को भी गोली लगी है। फिलहाल उसका एक सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब युवती की माँ ने आरोपितों को देखा तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया और उन्होंने पुलिस के सामने ही आरोपितों पर थप्पड़ों की बरसात कर दी।

मेरठ के एसएसपी अजय साहनी ने बताया, “हमने सुराग के लिए इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य सर्विलेंस तकनीकों का इस्तेमाल किया। हमने पाया कि इलाके में कुछ मोबाइल फोन नंबर एक्टिव थे, मगर घटना के तुरंत बाद बंद कर दिए गए थे। उन नंबरों को पंजाब में खोजा गया, जो हमें पीड़िता और आरोपित तक ले गए।”

गौरतलब है कि मृतिका पंजाब के लुधियाना में बीकॉम की छात्रा थी। मेरठ निवासी शाकिब ने उसे फँसाने के लिए अपना फर्जी नाम अमन रख लिया था। जानकारी के मुताबिक शाकिब लुधियाना में जादू-टोना का काम करता था। इसी दौरान मृतका उसके संपर्क में आई और शाकिब ने इस लड़की से अमन बनकर दोस्ती कर ली।

छात्रा उसके झाँसे में आ गई थी और घर से 25 लाख रुपए की ज्वेलरी लेकर उसके साथ फरार हो गई थी। बाद में मेरठ पहुँचने पर जब उसकी असलियत सामने आई तो छात्रा ने इसका विरोध किया, जिसके बाद शाकिब ने उसके गहने हड़पने के लिए उसे मार डाला।

एक दिन शाकिब उसे बाहर घुमाने के बहाने ले गया। जून 2019 में ईद के दिन ही रात 9 बजे उसने कोल्डड्रिंक में नशीली दवा मिला कर छात्रा को पिला दी थी। उसके बाद उसे बेहोशी की हालत में वो खेत में ले गया और उसकी गला रेत कर हत्या कर दी। उसने पहचान छिपाने के लिए सिर और हाथ काटकर कहीं और फेंक दिया था। पुलिस ने बताया कि शाकिब ने पीड़िता का हाथ इसलिए काट दिया था, क्योंकि उस पर उसके नाम का टैटू था। इतना ही नहीं, आरोपितों ने लाश के ऊपर नमक छिड़क दिया था, ताकि वो जल्द से जल्द गल जाए।

शातिर शाकिब ने छात्रा को मारने के बाद भी उसका फोन चालू रखा। वो लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव रहता था और व्हाट्सएप की डिसप्ले पिक्चर भी लगातार बदलता रहता था, ताकि लोगों को लगे कि वो जिंदा है। जब मृतका के परिवार का अपनी बेटी से महीनों तक संपर्क नहीं हुआ तो उन्होंने शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।

भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लिए मोदी 2.0 सरकार प्रतिबद्ध: ‘रईस व शक्तिशाली’ लोगों पर एक्शन, बिचौलिए की भूमिका खत्म

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी हाल में अपने दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा किया है। ऐसे में इस अवसर पर उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए अपने वादों को दोहराया और कहा कि उनकी सरकार एक मजबूत, ताकतवर व भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए प्रतिबद्ध है।

इस संबंध में उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल से नरेंद्र मोदी की वेबसाइट पर छपा एक आर्टिकल भी शेयर किया गया। इस लेख में भी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ़ छिड़ी जंग के बारे में चर्चा की गई। जिसमें बताया गया कि कैसे डिजिटल इंडिया के प्रयोग से देश को करप्शन फ्री करने का प्रयास किया गया। नई तकनीकें लाई गईं ताकि बिचौलिए की भूमिका खत्म हो जाए।

हालाँकि, इस लेख में एक जगह कुछ दिलचस्प लाइन भी दिखीं। जहाँ उन लोगों की ओर इशारा किया गया था, जिन्हें एक समय तक इतना ताकतवर माना जाता था कि वे कानून के दायरे से बाहर समझे जाते थे। लेकिन आज उन्हें कानून से बचा पाना असंभव लग रहा है।

अब यदि विचार करें कि आखिर वो कौन से ताकतवर लोग थे, जिन्हें वाकई एक समय तक कानून की पहुँच के बाहर समझा जाता था, तो सबसे पहले पी चिंदबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम का नाम याद आएगा। जिनके ख़िलाफ़ हाल में ईडी ने स्पेशल सीबीआई जज अजय कुमार की अदालत में चार्जशीट फाइल की है।

पी चिदंबरम और उनके बेटे पर कार्रवाई

इस चार्जशीट में चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति को कई कंपनियों का लाभकारी मालिक बताया गया है। जिनके ताल्लुक देश और विदेश दोनों जगहों से हैं।

इसके अलावा दोनों पिता-पुत्र को चिंदबरम के वित्त मंत्री रहते हुए आईएनएक्स मीडिया को दी गई FIPB स्वीकृति के संबंध में वित्तीय गड़बड़ी और उल्लंघनों के आरोपों का भी सामना करना पड़ रहा है। 

गौरतलब रहे कि पूर्व वित्तीय मंत्री पी चिदंबरम के सवालों के घेरे में आने के बाद भी उन्हें कानून की पहुँच से बाहर माना जाता था। लेकिन पिछले साल न केवल सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया, बल्कि 106 दिन की पुलिस कस्टडी में भी बेल मिलने तक रखा।

यहाँ बता दें कि पी चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया घोटाले में आरोपित हैं, जिसमें आईएनएक्स मीडिया को 300 करोड़ रुपए से अधिक का विदेशी निवेश देने में रिश्वतखोरी और लॉबिंग के आरोप शामिल हैं।

संजय भंडारी के ख़िलाफ़ चार्जशीट

UPA कार्यकाल में भ्रष्टाचार करने वाले लोगों पर कार्रवाई मोदी सरकार के पहले कार्यकाल की खूबी रही। रक्षा सौदे में शामिल कई प्रमुख लोगों के प्रत्यर्पण के साथ भ्रष्टाचार और उनके अंतरराष्ट्रीय लिंक का खुलासा हुआ।

मसलन संजय भंडारी। संजय पर साल 2010 से ही कई आरोपों में जाँच चल रही थी। लेकिन साल 2016 में आयकर विभाग ने कर की चोरी के मामलों में जाँच के लिए उसकी कंपनियों में रेड मारी। और इस छापेमारी में उसके पास से गोपनीय रक्षा मंत्रालय के दस्तावेज पाए गए थे, जिसमें मिड-एयर के रिफ्यूएलर्स खरीदने के भारत के प्रस्ताव संबंधित दस्तावेज शामिल थे।

अब, इसी संजय भंडारी के ख़िलाफ़ भी, सोमवार को चार्ज शीट फाइल हुई है। जिसमें कथित तौर पर यह बताया गया है कि हथियार डीलर ने अपने अपराधों में कैसे अपराधों को अंजाम दिया। इसके अलावा ईडी ने भंडारी के ख़िलाफ़ गैर जमानती वारंट भी माँगा है ताकि वह प्रत्यर्पण अनुरोध दायर कर सकें। बता दें कि भंडारी के ख़िलाफ़ इससे पहले इंटरपोल रेड नोटिस जारी हो चुकी है।

इसी के साथ आपको ध्यान दिला दें कि भंडारी के संबंध सोनिया गाँधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से भी हैं। भंडारी पर आरोप है कि उसने वाड्रा को लंदन में जमीन दिलाने में मदद की थी। साथ ही  पिलाटस के बेसिक ट्रेनर विमान के लिए 2,895 करोड़ रुपए के सौदे के लिए भंडारी के ख़िलाफ़ सीबीआई द्वारा भी जाँच की जा रही है।

इनके अतिरिक्त मोदी सरकार के कार्यकाल में उन अधिकारियों के ख़िलाफ़ भी सख्ती से कार्रवाई हुई, जिन पर कभी भ्रष्टाचार आदि का आरोप था।

याद हो अगर तो पिछले साल इन खबरों ने खूब सुर्खियाँ बटोरी थी कि सरकार ने कई अक्षम अधिकारियों को जबरदस्ती रिटायर कर दिया था। साथ ही उन लोगों की नौकरी भी ले ली थी, जिन पर घूस लेने के आरोप थे।

48.31% पर पहुँचा भारत का रिकवरी रेट, कोरोना से लड़ाई में कई बड़े देशों के मुकाबले बेहतर

भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या दो लाख के पार हो गई है। इस बीच एक राहत की बात यह है कि संक्रमित मरीजों का रिकवरी रेट भी बेहतर हुआ है। यह अब बढ़कर 48.31% हो चुका है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में देशभर में कुल 1,01497 केस कोरोना वायरस से संक्रमित हैं जबकि 1,00302 लोग ठीक किए जा चुके हैं।

भारत के मुकाबले यदि अमेरिका की रिकवरी दर देखें तो यह 34.33% है जबकि रूस में 45.33% और पड़ोसी देश पाकिस्तान में यह दर 35.94% है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार (जून 02, 2020) को कहा कि देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का रिकवरी रेट लगातार बेहतर हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि गत सोमवार 3708 लोग रिकवर हुए हैं। सबसे ताजा आँकड़ों के अनुसार अब तक रिकवर होने वाले लोगों की कुल संख्या 1,00302 हो गई है।

मंगलवार शाम की प्रेस वार्ता में लव अग्रवाल ने कहा – “हमारी रिकवरी रेट 15 अप्रैल को 11.42% था, 3 मई को यह बढ़कर 26.59% हो गया। 18 मई को वही बढ़कर 38.39% हो गया और आज यह 48.07% है।”

गौरतलब है कि वर्तमान में देश में कोरोना वायरस की सबसे ज्यादा मार महाराष्ट्र पर पड़ रही है। अकेले महाराष्ट्र की बात करें तो यहाँ पर अभी रिकवरी रेट 43% है। यदि पूरे देश के आँकड़ों में महाराष्ट्र के आँकड़ों को हटा दिया जाए तो भारत का कुल रिकवरी रेट 51% हो जाता है।

कई बड़े देशों के मुकाबले भारत काफी बेहतर स्थिति में है। इसके साथ ही यह भी ध्यान देने की बात है कि भारत ने कोरोना वायरस संक्रमण को कम्युनिटी संक्रमण की स्टेज तक नहीं पहुँचने दिया। यह भी एक बड़ी वजह है कि भारत एक बड़े स्तर पर कोरोना वायरस की महामारी पर लगाम लगाने में सक्षम रहा है। इसमें भी महाराष्ट्र, दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों में बड़े स्तर पर संक्रमण देश में कुल कोरोना वायरस संक्रमितों के प्रतिशत में वृद्धि का कारण भी बना।

यह तथ्य इस वजह से भी रखना जरूरी है क्योंकि शिवसेना पार्टी नेता प्रियंका चौधरी निरंतर सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र में कोरोना को लेकर भ्रामक तथ्य शेयर कर रही हैं। आज ही उन्होंने एक ट्वीट में दावा किया है कि महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की रिकवरी दर 43% है और पूरे देश भर में यह दर 42.8% है, जो कि हमेशा की ही तरह तथ्यों के उलट और एकदम झूठ है।

एक घंटे, कैमरे पर, सिर्फ मुस्लिम पर चुटकुले, पैसे जो तुम चाहो: भगवान पर चुटकुले बनाने वाले कॉमेडियन को खुला ऑफर

मनोरंजन इंडस्ट्री में ख़ुद को कॉमेडियन बता कर हिन्दू देवी-देवताओं पर सस्ते चुटकुले मारने वालों की भरमार आ गई है। इनमें से एक नाम वीर दास का भी है, जो कई बॉलीवुड फिल्मों में भी एक्टिंग कर चुके हैं। वीर दास अक्सर सोशल मीडिया के माध्यम से दक्षिणपंथी विचारधारा के लोगों को भला-बुरा कहता रहता है। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि नेटफ्लिक्स पर उनके कई ऐसे चुटकुले पड़े हैं, जो भगवान पर हैं।

दरअसल, ये सब शुरू हुआ वीर दास द्वारा ज्ञान देने से। उन्होंने आलोचकों से कहा कि वो उनके चुटकुलों को पसंद करते हैं या नहीं, ये उनकी अपनी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया हो सकती है। लेकिन, साथ ही उन्होंने कहा कि जिन्होंने न कभी कोई चुटकुला लिखा, न इसमें अपना करियर बनाया और न कभी स्टेज पर खड़े होकर परफॉर्म किया, वो कृपया सलाह न दें कि कॉमेडी कैसे की जाती है। ये अलग बात है कि ख़ुद वीर दास राजनीति से लेकर हर विषय पर रोज ज्ञान देते हैं।

इस पर पूर्व शिवसेना नेता रमेश सोलंकी ने उन्हें लताड़ा। उन्होंने वीर दास को चुनौती दी कि बस एक बार वो इस्लाम या पैगम्बर मोहम्मद पर चुटकुला कर के दिखा दें, उनका ‘वीर अलग और दास अलग’ हो जाएगा। सोलंकी ने पूछा कि क्या वीर दास के पास ऐसा करने का दम है? उन्होंने इसे ‘ओपन चैलेन्ज’ के रूप में लेने को कहा। वीर दास ने इस पर इस्लाम या पैगम्बर की बातें करना तो दूर, उलटा हिन्दुओं को चिढ़ाने के अंदाज में प्रतिक्रिया दी।

वीर दास ने रमेश सोलंकी को ऑनलाइन एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स का सब्सक्रिप्शन लेने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि वहाँ हर ‘भगवान’ पर उनके जोक्स मिलेंगे। वीर दास ने इस दौरान जानबूझ कर ‘भगवान’ शब्द का प्रयोग किया, जो हिन्दू देवी-देवताओं के लिए प्रयोग किया जाता है। उन्होंने सोलंकी का चैलेन्ज लेने से भी मना कर दिया और दावा किया कि वो मुफ़्त में न तो जोक्स मारते हैं और कोई चैलेन्ज लेते हैं।

पैसे की बात आने पर ‘अनटायरिंग इंडियन’ नामक ट्विटर हैंडल ने वीर दास की इस बात को स्वीकार किया और कहा कि वो उन्हें पैसे देने के लिए तैयार है। ‘अनटायरिंग इंडियन’ ने वीर दास से कहा कि वो कैमरे के ओपन हाउस कॉमेडी के लिए अपना शुल्क बताएँ, शर्त ये होगी कि उन्हें सिर्फ़ मुसलामानों पर ही चुटकुले मारने होंगे। उसने पूछा कि आप कितने रुपए लेंगे, ये बताएँ या अपने मैनेजर को टैग करें, ये शो आयोजित किया जाए।

वीर दास ने अब तक इसका कोई जवाब नहीं दिया है। बता दें कि आजकल कॉमेडियनों द्वारा हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाए जाने का ट्रेंड बन गया है। कॉमेडियन आलोकेश ने हनुमान चालीसा को लेकर जोक मारा था, जिस पर रमेश सोलंकी ने ही शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद उन्होने एक वीडियो बना कर माफ़ी माँग ली। ऑनलाइन सीरीज में भी हिन्दुओं की भावनाओं को ताक पर रखा जाता है, जिसके कारण विरोध हो रहा है।

तेजी से अलीबाग की तरफ बढ़ रहा चक्रवाती तूफान निसर्ग: रायगढ़, ठाणे, मुंबई, पालघर में भारी बारिश की संभावनाएँ

चक्रवाती तूफान निसर्ग (Cyclone Nisarga) अब मुंबई से केवल 200 किलोमीटर दूर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार चक्रवात ‘निसर्ग’ आज दोपहर से शाम तक में मुंबई से करीब 94 किमी की दूरी पर स्थित अलीबाग के पास टकराएगा।

जिसके कारण भारी तबाही की आशंका को देखते हुए मुंबई और गुजरात में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। बताया जा रहा है इस तूफान से पालघर और रायगढ़ स्थिति केमिकल और परमाणु संयत्र पर भी मुसीबत आ सकती है।

IMD मुंबई की वैज्ञानिक शुभांगी भूटे ने इस संबंध में चेतावनी देते हुए बताया है कि निसर्ग तूफान इस समय चक्रवाती तूफान बन गया है। इसके कारण हवा की रफ्तार 100-120 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। उनके अनुसार पूरे रायगढ़, ठाणे, मुंबई, पालघर में भारी बारिश की संभावनाएँ हैं।

वहीं, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भी इस मामले पर कहा, निसर्ग तूफान एक गंभीर चक्रवात में तब्दील हो गया है। सुबह 5:30 बजे यह अलीबाग से 165 और मुंबई से 215 किलोमीटर दूर है। लोग अपने घरों में ही रहें। उन्होंने कहा कि मछुआरे समुद्र की ओर न जाएँ। 

6 घंटे में 13 किमी प्रति घंटे के साथ आगे बढ़ रहा निसर्ग

मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक निसर्ग पिछले 6 घंटों के दौरान 13 किमी प्रति घंटे की गति के साथ उत्तरी महाराष्ट्र तट की ओर बढ़ा। यह अलीबाग से 155 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और मुंबई से 200 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में केंद्रीत है।

NDRF की टीमें तैनात

साइक्लोन निसर्ग (Cyclone Nisarg) की वजह से महाराष्ट्र में एनडीआरएफ की 20 टीमों को तैनात किया गया। मुंबई में आठ टीमें, रायगढ़ में 5 टीमें, पालघर में 2, ठाणे में 2, रत्नागिरी में 2 और सिंधुदुर्ग में 1 टीम को तैनात किया गया है।

वहीं महाराष्ट्र-गुजरात में कुल मिलाकर 33 टीमें तैनात हुई हैं। इधर, नौसेना के मुंबई स्थित पश्चिम कमान ने भी अपनी सभी टीमों को अलर्ट जारी कर दिया है। दोनों राज्यों से अब तक 40 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पहुँचाया गया है और बाकी तटीय इलाकों से लोगों को निकालने का काम भी जारी है।

साभार: ANI

महाराष्ट्र समेत गुजरात, केंद्र शासित प्रदेश दमन व दीयू और दादर नगर हवेली में लोगों की सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आश्वासन दिया है कि वह महाराष्ट्र, गुजरात, दमन दीव, दादरा और नगर हवेली को सभी तरह से सहायता करेंगे। 

105 से 110 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएँ- महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि चक्रवात निसर्ग के बुधवार को दक्षिण गुजरात और उत्तरी महाराष्ट्र के तट से होकर गुजरने का अनुमान है। उस समय 105 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चल सकती हैं।

दक्षिण गुजरात और तटीय महाराष्ट्र में इस दौरान अत्यधिक भारी बारिश का भी पूर्वानुमान है। वहीं, तेज हवाओं से सैकड़ों पेड़, बिजली के खंभों और दूरसंचार टावर उखड़ने की आशंका है।

अम्फान से थोड़ा कमजोर है निसर्ग चक्रवात

गौरतलब है कि इससे पहले मौसम विज्ञान विभाग ने कहा था कि अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और गहरा हो गया है। चक्रवात निसर्ग के बुधवार को देर शाम तक उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात तटों तक पहुँचने का अनुमान है।

हालाँकि, अम्फान के मुकाबले निसर्ग थोड़ा कमजोर है, लेकिन आपदा प्रबंधन दल फिर भी इसके लिए भी कमर कस चुके हैं। NDRF के दल दोनों राज्यों में तटीय इलाकों से लोगों को निकालने का काम कर रहे हैं। वे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और जागरूक करने का काम कर रहे हैं।

निसर्ग के कारण हो सकती है 24 घंटों में भारी बारिश के आसार

बता दें, समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार मौसम विभाग ने कहा है कि अगले कुछ घंटों में मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भी बारिश के आसार हैं। विभाग के अनुसार तटीय कर्नाटक और मराठावाड़ा में भी बारिश के अनुमान हैं। इसके अलावा अगले 24 घंटों में मुंबई समेत महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में भारी बारिश के आसार हैं।