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मोदी-शाह की हत्या और ब्राह्मणों को खत्म करना चाहता है AAP का स्वघोषित रणनीतिकार व ध्रुव राठी का ‘ग्रुप एडमिन’

आदिल अमान (Aadil Aman) नाम के स्वघोषित आम आदमी पार्टी (AAP) रणनीतिज्ञ को सोशल मीडिया पर पीएम नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की हत्या के साथ ब्राह्मणों को खत्म करने की बातें कहते हुए देखा गया है। ख़ास बात यह है कि यही आदिल अमान AAP के समर्थक ध्रुव राठी (Dhruv Rathe) के फेसबुक ग्रुप का भी एडमिन है। मोदी-शाह की हत्या की कामना करने वाला आदिल रामायण धारावाहिक की तुलना पोर्न फिल्मों से करते हुए भी देखा गया है।

ट्विटर पर आदिल अमान के ऐसे स्क्रीनशॉट शेयर किए गए हैं, जिसमें उसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की हत्या की साजिश करते हुए देखा जा सकता है। आदिल अमान का कहना है कि या तो इनकी हत्या का प्रयास ही नहीं किया जाना चाहिए और यदि किया जाए तो यह हर हाल में सफल होना चाहिए।

मोदी-शाह की हत्या की कामना आदिल अमान ने कैसे की है, जरा इस कमेंट में देखें – “हत्या की सिर्फ कोशिश नहीं की जानी चाहिए। या तो पूरी तरह से मार दिया जाना चाहिए या फिर प्रयास ही नहीं किया जाना चाहिए। इसके बाद आरएसएस चड्डी वापस उसी गटर में छुप जाएँगे, जहाँ से वो आते हैं।”

एक दूसरे स्क्रीनशॉट में देखा जा सकता है कि यही आदिल अमान सोशल मीडिया पर AAP समर्थक प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए कुख्यात ध्रुव राठी के फेसबुक समूह का भी एडमिन है।

आदिल अमान का स्क्रीनशॉट

रामायण धारावाहिक की तुलना पोर्न फिल्म से

आदिल अमान की फेसबुक गतिविधियों से पता चलता है कि वह हिंदुत्व और हिन्दुओं से भी उतनी ही नफरत करता है, जितनी की केंद्र की दक्षिणपंथी सरकार से। आदिल अमान ने एक ऐसे ट्वीट को शेयर किया है, जिसमें केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को टीवी पर रामायण की जगह पोर्न फिल्म देखते हुए दिखाया गया है।

दरअसल, प्रकाश जावड़ेकर ने अपनी एक तस्वीर ट्वीट की थी, जिसमें वो देशव्यापी बंद के दौरान घर में बैठकर टीवी पर रामायण धारावाहिक देख रहे थे। आदिल अमान ने ऐसी फोटोशॉप की हुई तस्वीर को शेयर किया, जिसमें रामायण की जगह फोटोशॉप के द्वारा पोर्न फिल्म दिख रही है।

“ब्राह्मणों को खत्म कर दिया जाना चाहिए”

एक अन्य पोस्ट में यही आदिल अमान लिखता है- “हाँ मैं कनवर्टेड हूँ, लेकिन ब्राह्मणों ने क्या किया? उन्होंने मुगलों के पास अपनी महिलाओं को *** के लिए भेजा। वो हम नीची जाति वालों की सुरक्षा नहीं कर पाए, इसलिए हमें धर्मान्तरण करना पड़ा। लेकिन कम से कम हम इसी जमीन के हैं। ब्राहमण क्या हैं? विदेशी आक्रान्ता कीड़े, जिनका नाश कर दिया जाना चाहिए।”

आदिल अमान के फेसबुक प्रोफाइल से पता चलता है कि वह आम आदमी पार्टी (AAP) का रणनीतिकार (स्वघोषित) है, जो कि वर्तमान में भुवनेश्वर में अध्ययन कर रहा है। उसने लिखा है कि वह पेरियार, नेहरु, अम्बेडकर, लेनिन, भगत सिंह और फेमिनिज्म विचारधारा का समर्थक है।

सोशल मीडिया पर आदिल अमान को लेकर चर्चा जोरों पर है। इसके पीछे सबसे प्रमुख कारण यह है कि देश की एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी (AAP) का सलाहकार और रणनीतिकार (स्वघोषित) आखिर इतनी घृणा से भरा हुआ है, तो फिर उस दल की विचारधारा समाज के लिए कितनी घातक हो सकती है। हालाँकि, अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी का अभी तक भी इस पर कोई बयान नहीं आया है।

आदिल अमान का फेसबुक प्रोफाइल

60 साल के बुजुर्ग ने बैरियर हटाने का विरोध किया, सत्तार और उसके परिजनों ने पीट-पीटकर मार डाला

झारखंड में लॉकडाउन के दौरान बैरियर हटाने का विरोध करना एक बुजुर्ग के लिए जानलेवा साबित हुआ। 60 साल के अलीमुद्दीन अंसारी की उनके ही गॉंव के मोहम्मद सत्तार और उसके परिजनों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना बोकारो जिले के बेरमो इलाके की है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस घटना में अंसारी के चार अन्य परिजन जख्मी भी हुए हैं। आरोपित फरार हैं। सूचना मिलने पर पुलिस गॉंव पहुॅंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार दोपहर करीब 12 बजे सत्तार घर बनवाने के लिए ईंट मॅंगवा रहा था। ईंट लेकर ट्रैक्टर जब पहुॅंचा तो उसने गॉंव के प्रवेश द्वार पर लगे बॉंस के बैरियर को हटा दिया। कोरोना संक्रमण को देखते हुए बाहरी लोगों की आवाजाही रोकने के लिए यह बैरियर लगाया गया था।

अंसारी और उनके परिवार के लोगों ने बैरियर हटाने का विरोध किया। इसके बाद सत्तार का पूरा परिवार मौके पर इकट्ठा हो गया। उनलोगों ने लाठी, डंडे और रॉड से अंसारी पर हमला कर दिया। बीच-बचाव में आए उनके बेटों की भी पिटाई की।

पिटाई के दौरान अंसारी कुएँ में गिर गए और उनकी मौत हो गई। यह भी कहा जा रहा है कि आरोपितों ने ही धक्का देकर उन्हें कुएँ में गिरा दिया। घटना में उनके चार बेटों को भी गंभीर चोटें आई।

घटना की जानकारी मिलने पर जरीडीह सर्किल इंस्पेक्टर रूस्तम अंसारी व पेटरवार थाना प्रभारी विपिन कुमार जवानों संग मौके पर पहुँचे। मृतक अंसारी के पुत्र इम्तियाज से घटना की जानकारी ली। इम्तियाज ने बताया कि गॉंव के ही मोहम्मद सत्तार ट्रैक्टर से ईंट लाने के लिए जबरन बैरियर हटवा रहा था।

इम्तियाज ने बताया कि विरोध करने पर सत्तार, उसके बेटे इरफान, आमिर, हुसैन साई अन्य ने मिलकर लाठी, डंडे और रॉड से हमला कर दिया। घटना के बाद सत्तार के परिवार के लोग फरार हो गए।

मोदी अच्छा या गहलोत? बुजुर्ग महिला ने कहा – PM मोदी: कॉन्ग्रेस विधायक राजेन्द्र बिधूड़ी ने राशन देने से किया इनकार

राजस्थान में कोरोना से जंग के बीच सूबे की गहलोत सरकार एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इसकी वजह बन रहा है कॉन्ग्रेस विधायक राजेन्द्र बिधूड़ी का एक ताजा वीडियो, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

बेगूं से कॉन्ग्रेस विधायक राजेन्द्र बिदुड़ी इस वीडियो में ज़रूरतमंदों के बीच राशन वितरित करते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान बिधूड़ी जनता से ये सवाल पूछते दिख रहे हैं कि बताइए पीएम मोदी अच्छे हैं, या राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत।

सवाल के जवाब में बुजुर्ग महिला की ओर से पीएम मोदी को अच्छा बताने के बाद विधायक बिधूड़ी ने महिला को राशन वापस रख देने की बात कह दी। वीडियो में कॉन्ग्रेस विधायक बोलते हुए दिखाई दिए, “मोदी अच्छा है तो दिए जलाओ और राशन छोड़ जाओ।”

इस वीडियो आने के फौरन बाद ही भाजपा नेताओं ने उन्हें और गहलोत सरकार की राशन वितरण कार्यशैली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। राजस्थान के भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया ने रिपब्लिक टीवी से बात करते हुए कॉन्ग्रेस पार्टी पर राशन वितरण करते समय भेदभाव और राजनीतिकरण में लिप्त होने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “इससे कॉन्ग्रेस पार्टी की मंशा को पूरा तरह से समझा जा सकता है। अगर वे इस तरह से बात करेंगे तो लोगों के अंदर विश्वास खत्म हो जाएगा और कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई भी कमजोर हो जाएगी।”

वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस वीडियो ट्वीट करते हुए कहा, “बेगूं विधानसभा से कॉन्ग्रेस विधायक राजेंद्र बिधूड़ी की प्रधानमंत्री जी के प्रति ईर्ष्या भाव के कारण गरीबों को मिलने वाले भोजन पर अभद्र टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है।” इसके साथ ही उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “इस संवेदनशील समय में जब समाज की हर एक इकाई एक दूसरे की सहायता हेतु आगे आ रही है। ऐसे में कॉन्ग्रेस के नेतागण अपने राजनीतिक स्वार्थ को आगे रख, गरीबों को भोजन तक देने में भेदभाव कर रहें है। बेहद शर्मनाक।” भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी इस वीडियो को ट्वीट किया है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से गहलोत सरकार पर राशन वितरण में भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं। हालाँकि कॉन्ग्रेस के नेता इन तमाम आरोपों को नकारते भी रहे हैं। लेकिन कॉन्ग्रेस MLA राजेन्द्र बिधूड़ी के इस ताजा वीडियो ने कॉन्ग्रेस खेमे को बैकफुट पर लाकर जरूर खड़ा कर दिया है।

बता दें कि कुछ दिनों पहले राजस्थान की महिला सरपंच किस्मत गुर्जर ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा था कि जब उन्हें जानकारी मिली कि भीलवाड़ा मॉडल का श्रेय सोनिया गाँधी द्वारा राहुल गाँधी और राज्य की सरकार को दिया जा रहा है तो बेहद दुःख हुआ। बल्कि हकीकत यह है कि जिसे भीलवाड़ा मॉडल कहा जा रहा है उसके पीछे भीलवाड़ा की जनता यानी किसान, नौजवान, महिला और स्वयंसेवी संस्थाओं की कड़ी मेहनत है।

उन्होंने कहा था कि भीलवाड़ा की जनता ने इसे एक मॉडल के रूप में स्थापित करने और कोरोना से लड़ने के लिए छोटी-छोटी बातों का कड़ाई से पालन किया और आत्मसंयम का परिचय दिया। हम लोग प्राधनमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई अपील से बहुत प्रभावित हैं।

तबलीगी जमात का थूक साफ कर रहे लिबरल मूर्खों से पाला पड़े तो क्या करें?

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर मूर्ख लिबरलों से कैसे बात करें, इसके बारे में मैंने बीते साल दिसंबर में लिखा था। वैसे तो मूर्खों के साथ बहस करना हमेशा व्यर्थ ही होता है, लेकिन इनको जवाब देने के भी अपने मजे हैं। इसलिए मैं फिर से हाजिर हूॅं, क्योंकि ‘मूर्ख लिबरल’ भी लौट आए हैं। फिलहाल वे तबलीगी जमात का थूक साफ करने में लगे हैं।

जाहिल और दिमाग से पैदल ऐसे लोग आपको फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप जैसी जगहों पर आसानी से दिख जाएँगे। यहाँ न भी दिखें तो कुछ आपको अपने आस-पास टहलते हुए अवश्य मिल जाएँगे। क्या कभी आपका पाला ऐसे कूढ़मगज से पड़ा है? यदि नहीं तो आप सौभाग्यशाली हैं। लेकिन यदि पाला पड़ जाए तो आप इनके कुतर्कों से कैसे बचेंगे? नीचे कुछ उनके ऐसे ही बेतुके सवालों के जवाब दिए गए हैं। इन्हें पढ़ने के बाद आप आसानी से न केवल उन्हें जवाब दे पाएँगे, बल्कि उन्हें भागने को भी मजबूर कर देंगे।

लिबरल इडियट: तब्लीगी जमात वाले वायरस नहीं फैला रहे हैं। सरकार अन्य लोगों की तुलना में उन्हें ज्यादा ट्रेस कर रही। उनकी ज्यादा टेस्टिंग कर रही। लिहाजा उनकी संख्या ज्यादा है।

आप: उन्हें बताइए कि सरकार पूर्वाग्रह से किसी एक संगठन के सदस्यों की तलाश नहीं कर रही। उनकी जॉंच इस​लिए करनी पड़ रही है क्योंकि उनके साथ निजामुद्दीन के मरकज में रहे कुछ लोग संक्रमित पाए गए थे। क्या कनिका कपूर के पॉजीटिव पाए जाने के बाद सरकार ने उनकी पार्टी में शामिल सभी लोगों को ट्रेस नहीं किया था।?

लिबरल इडियट: बिल्कुल भक्त! तो क्या आप कनिका कपूर पर भी संक्रमण फैलाने का आरोप लगा रहे हैं? फिर यह नफरत सिर्फ तबलीगी जमात के लिए ही क्यों?

आप:  हाँ, बेवकूफों, कनिका कपूर को हर किसी ने दोषी बोला है। साथ में उस पर वायरस फैलाने का आरोप लगाया गया था। लोगों ने उसे जेल भेजने की भी माँग की हैं। यहाँ तक उसके खिलाफ़ पुलिस केस भी दर्ज है। आप बेवकूफों की समस्या यह है कि आप यह भी नहीं जानते कि आप किस बारे में बात कर रहे हैं।

लिबरल इडियट: लेकिन आप लोगों ने यह नहीं कहा कि कनिका कपूर किसी साजिश के तहत ऐसा कर रही थीं। आपने उस पर किसी तरह के नफ़रत का आरोप नहीं लगाया। लेकिन इस घटना के बाद से आप लोग ‘कोरोना जिहाद’ का उपयोग कर रहे हैं, क्या वो सही है!

आप: मैं जरूर कनिका पर साजिश का आरोप लगाता। लेकिन मैंने उसके सभी वीडियो खोजे और कहीं भी उसने यह बात नहीं कहीं कि उसका गाना सबसे अच्छा था और अन्य लोग उससे नीचे थे। वो ये भी नहीं मानती की उसे जन्नत नसीब हो, क्योंकि वह अच्छा गाती है और बाकी वे सभी लोग नरक में चले जाएँ जो उसके एलबम को नहीं खरीदते हैं। उसका कोई भी वीडियो आज तक ऐसा नहीं आया, जिसमें उसने दावा किया हो कि दिन में पाँच बार ‘बेबी डॉल मैं सोने दी’ गाकर वायरस ठीक किया जा सकता है।

लिबरल इडियट: आपकी बातों का कोई मतलब नहीं है।

आप: हाहाहा… इतने मासूम होने का दिखावा नहीं करते। आप जानते हैं कि मैं किस बारे में बात कर रहा हूँ। मुद्दा यह है, यदि आप अपने विश्वास को दिखाते हैं तो आपकी मान्यताओं पर सवाल उठाया जाएगा।

लिबरल इडियट: फिर आप उन हिंदुओं की मान्यताओं पर सवाल क्यों नहीं उठाते जो मंदिरों में एकत्र हुए थे (बॉलीवुड की बेवकूफ स्वरा भास्कर) द्वारा साझा किए गए एक व्हाट्सएप संदेश को पढ़ता है?

आप: स्वरा भास्कर और अनुराग कश्यप द्वारा साझा किए गए बकवास की जगह कुछ और पढ़ें। क्या आपको ऐसी किसी सभा को समर्थन देने वाला कोई मिला? कुछ ऐसी सभाएँ उन राज्यों में थीं, जो आपकी धर्मनिरपेक्ष सरकारों द्वारा शासित हैं। जैसे केरल और महाराष्ट्र में। आप उन धर्मनिरपेक्ष सरकारों को आक्रामक तरीके से ट्रेस करने और उन सभी का टेस्ट करने के लिए क्यों नहीं कहते हैं, जिन्होंने किसी मंदिर में हुए समारोह में भाग लिया हो? इस तरह से आप यह साबित कर सकते हैं कि इन सभाओं में भी वायरस फैलता है, न कि सिर्फ तबलीगी जमात के जमावड़े से। आप “टेस्ट-टेस्ट-टेस्ट” चिल्लाते रहते हैं। इसलिए उन हिंदुओं का टेस्ट करें जो आपके द्वारा दावा किए गए किसी भी कार्यक्रम में शामिल हुए थे। जाइए और अपने दावे को साबित करिए। तब आप ये देखना कि जब इन लोगों का पता लगा कर टेस्ट किया जायेगा तो वे पुलिस पर पत्थर नहीं फेंकेंगे, वे डॉक्टर का सिर नहीं फोड़ेंगे और वे नर्सों पर थूकेंगे भी नहीं।

लिबरल इडियट: ये सभी फर्जी खबरें हैं। मजहब का कोई भी आदमी ऐसी चीजें नहीं कर रहा है। 

आप: चुप चु###

लिबरल इडियट: आप केवल गाली दे सकते हैं।

आप: वीडियो और फ़ोटो जिसमें वे पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करते नजर आते हैं पेश करिए।

लिबरल इडियट: मजहब के लोग इस हिंदुत्ववादी व्यवस्था पर यकीन नहीं करते। अयोध्या में मंदिर बनाकर, सीएए जैसे सांप्रदायिक कानून बनाकर, कश्मीर का विशेष दर्जा छीन कर, आपने समुदाय विशेषको एक कोने में धकेल दिया है। अब वे यह मानने को तैयार नहीं हैं कि कोई भी सरकारी अधिकारी या टीम उनके इलाके का दौरा करे।

आप: उन्हें पाकिस्तान में पुलिस और सरकारी टीमों पर भी ख़ास समुदाय ने किस तरह पथराव किया है, इस बारे में समाचार दिखाएँ। उसके बाद उनसे पूछिए कि क्या उनके कहने का मतलब है कि भाजपा पाकिस्तान में भी शासन कर रही है?

लिबरल इडियट: तो आप कहना चाहते हैं कि हर जगह इस समुदाय के लोग बुरे हैं? यह और कुछ नहीं बल्कि इस्लामोफोबिया है।

आप: और आप क्या कहना चाहते हैं कि कोई भी ‘शांतिप्रिय’ कभी कुछ गलत कर ही नहीं सकता? आप हमेशा उनके अपराधों पर पर्दा डालने पर क्यों तुले रहते हैं।

लिबरल इडियट: हमने कभी इस बारे में ऐसा कुछ नहीं कहा।

आप: आपने जहाँ से शुरू किया था, वहाँ वापस जाएँ। और यहाँ से चले जाइए।

लॉकडाउन में सपा नेता शमशाद रिजवी की शराब पार्टी, डांस कर रही लड़की पर संशय: नेता सहित तहसीम, शोएब, वसीम गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मेरठ में लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता शमशाद रिजवी समेत चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चारों आरोपितों के खिलाफ धारा 144 और लॉकडाउन उल्लंघन के तहत केस भी दर्ज किया गया है। आरोपितों में लावड़ गाँव निवासी शमशाद रिजवी, तहसीम, शोएब, वसीम का नाम शामिल है। ये सभी वसीम के ढाबे पर शराब पी रहे थे, पार्टी कर रहे थे। 

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर पूरे देश में लॉकडाउन है। लोगों से घरों में रहने और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन करने की अपील की जा रही है। मगर इसके बावजूद लोग समय की नजाकत को नहीं समझ रहे हैं और खुलेआम शराब पार्टियाँ कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये शराब पार्टी की महफिल सपा नेता शमशाद रिजवी ने जमाई थी और बताया जा रहा है कि इसमें नाचने के लिए लड़की को भी बुलाया गया था। 

जब पुलिस वहाँ पर पहुँची तो सभी लोग शराब के नशे में लड़की को गानों पर नचाकर मस्ती कर रहे थे। सूचना पर मौके पर पहुँची पुलिस ने ढाबे को चारों ओर से घेर लिया। पुलिस शराब के नशे में झूम रहे सपा नेता समेत चारों लोगों को गिरफ्तार कर थाने ले आई। कहा जा रहा है कि पुलिस के पहुँचते ही लड़की मौके से भाग निकली। हालाँकि सदर देहात के एसएसपी अखिलेश का कहना है कि मौके पर लड़की के होने की बात सही नहीं है।

पुलिस ने बताया कि सपा नेता शमशाद रिजवी पूर्व में सांसद मुनव्वर हसन का प्रतिनिधि भी रह चुका है। बड़े-बड़े अधिकारियों के साथ अपनी मित्रता की बात बताकर कस्बे में रौब गालिब करना भी इसकी हर दिन की दिनचर्या है। 

मध्य प्रदेश में राजस्व विभाग अधिकारी निलंबित

मध्य प्रदेश में तीन राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। राज्य के रायसेन जिले में महंगी शराब की बोतलों के साथ सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करने को लेकर तीन राजस्व विभाग के अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। तीनों ने शराब की बोतलें दिखाते हुए एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी, जिसके बाद वो वायरल हो गई। बरेली सब डिविजनल मजिस्ट्रेट ने तीनों अधिकारियों- अजय धाकड़, धर्मेन्द्र मेहरा और दयाराम वर्मा पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। 

क्यों है सपा नेताओं की छवि खराब?

आए दिन जो हम क्राइम की खबरें पढ़ते हैं, उसमें हर हफ्ते उत्तर प्रदेश में होने वाली क्राइम पर नजर डालें तो कम से कम एक सपा नेता से संबंधित निकल ही आती है। उदाहरण के लिए 8 बच्चों का बाप सपा नेता आफाक़ अहमद ने बंदूक के बल पर 5 साल तक एक महिला का यौन शोषण किया था। एक दूसरी खबर देखें तो बीजेपी नेता डॉ. बीएस तोमर की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गाजियाबाद पुलिस ने सपा के एक नेता को गिरफ्तार किया है। उसका नाम मेहताब कुरैशी है।

डेविड वॉर्नर टिकटॉक डांस: बेटियों संग ‘शीला की जवानी’ पर लगाए ठुमके, वीडियो हुआ वायरल

इस वक़्त दुनिया भर के कई देश कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं। ऐसे में हर कोई नई-नई तरकीबों से अपने आप को एंटरटेन करता भी दिखाई दे रहा है। ऐसे में डेविड वॉर्नर टिकटॉक पर डांस करके खुद को और अपने फैंस को कर रहे एंटरटेन। डेविड वॉर्नर का यह टिकटॉक डांस वीडियो वायरल हो गया है क्योंकि इसमें उनकी दो क्यूट बेटियाँ भी हैं।

शनिवार को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डेविड वॉर्नर का ऐसा ही एक वीडियो आया। इसमें वो बॉलीवुड ब्लॉकबस्टर हिट गाने पर काफी जोश के साथ झूम-झूम कर डांस करते हुए नजर आ रहे हैं। क्वारंटाइन के वक़्त लोग अपने अंदर की छिपी प्रतिभा को उजागर करने में चूक नही रहे। ऐसे में 33 वर्षीय ऑस्ट्रेलियन बल्लेबाज वॉर्नर ने कैटरीना कैफ के हिट डांस नंबर ‘शीला की जवानी’ गाने पर अपनी बेटियों इंदी राय और आइवी के साथ एकदम फिल्मी अंदाज में थिरकते हुए दिखाई दिए। 

टिकटॉक पर पोस्ट किए दो वीडियो में आप देख सकते हैं कि उनकी बेटियाँ भारतीय पोशाक में बॉलीवुड गाने पर डांस कर रहीं हैं। पोस्ट किए एक अन्य वीडियो में इंदी अपने पिता वॉर्नर के साथ उसी गाने पर डांस करती हुई नजर आ रही हैं।

इस वीडियो को पोस्ट करते हुए डेविड ने कैप्शन लिखा, “इंदी ने आप लोगों के लिए भी एक बार करने को कहा है! कोई हमारी मदद करे प्लीज!” इस वीडियो के साथ उन्होंने स्माइली वाली एक इमोजी भी पोस्ट किया है। बता दें कि ऑस्ट्रेलियन बल्लेबाज डेविड वॉर्नर इसी हफ्ते टिकटॉक ऐप पर आए हैं और इसी क्रम में उन्होंने अपने फैन्स के लिए वीडियो शेयर किया है।

क्रिकेटर्स का टिकटॉक पर मनोरंजन

दुनिया भर में लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले कोरोना वायरस महामारी ने हस्तियों को भी सोशल मीडिया पर अपना समय बिताने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा है। ऐसे में क्रिकेटर्स ने टिकटॉक में अपने बोरियत को मिटाने का नुस्खा ढूँढ लिया है। अगर बात करें भारतीय क्रिकेटर्स की तो युजवेंद्र चहल आए दिन टिकटॉक पर कोई न कोई वीडियो बनाते रहते हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में, भारतीय बल्लेबाज शिखर धवन ने भी एक पॉपुलर बॉलीवुड गाने “डैडी कूल” पर अपने बेटे के साथ डांस करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया था।

टैलंट है तो TikTok करता है फेमस

राजस्थान का एक युवक है – युवराज सिंह। अब तक अनजान था लेकिन TikTok पर माइकल जैक्सन के जैसे डांस से मिली पहचान। न केवल दर्शक बल्कि बड़े-बड़े बॉलीवुड स्टार भी अब इनके फैन हो गए हैं। टिकटॉक से मिली पहचान के बाद युवराज काफी भावुक हो गए थे और एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए उन्होंने अमिताभ बच्चन को धन्यवाद कहा था। युवराज ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि लेजेंडरी अभिनेता उनकी वीडियो शेयर करेंगे।

गाँव को सैनिटाइज कर रहे युवक को सैनिटाइजर पिलाकर मार डाला: 5 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश के रामपुर के पेमपुर गाँव में सेनिटाइजेशन के लिए पहुॅंचे एक युवक की हत्या की खबर सामने आई है। असामाजिक तत्वों ने उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की। फिर जबरन सैनिटाइजर पिला दिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने आईपीसी की धारा 304 (गैरइरादतन हत्या), 147 और 323 के तहत केस दर्ज किया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पेमपुर गाँव में उक्त युवक अपने साथी के साथ सैनिटाइज करने गया था। घटना मंगलवार (अप्रैल 14, 2020) की है।

मृतक का नाम कुँवरपाल है, जिसकी गाँव के ही इंद्रपाल के साथ हाथापाई हुई थी। इंद्रपाल पर सैनिटाइजर की कुछ बूँदें गिर गई थी, जिसके बाद वो बौखला गया और उसने कुँवरपाल पर हमला कर दिया।

इंद्रपाल ने पहले कुँवरपाल का मुँह दबाया। उसके बाद उसके मुँह में सैनिटाइजर डालने लगा। उसके मुँह को सैनिटाइजर से भर दिया। उसकी मौत शुक्रवार को उपचार के दौरान हो गई। एएसपी अरुण कुमार ने बताया कि मृतक के भाई ने पुलिस को घटना से अवगत कराया।

पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपित सहित कुल 5 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। एएसपी ने अधिक जानकारी देते हुए बताया:

“मृतक के भाई ने हमें घटना के बारे में सूचना दी। उसने आरोप लगाया है कि जब मृतक 14 अप्रैल को मोतीपुरा गाँव में सेनेटाइजेशन करने गया था, तो कुछ बदमाशों ने उसे पीटा था। स्थानीय लोगों ने युवक को रामपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहाँ से डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। इसके बाद उसे मुरादाबाद जिले के टीएमयू अस्पताल में भर्ती कराया गया। 17 अप्रैल को उसकी मृत्यु हो गई।”

ये सब तब हुआ है, जब उत्तर प्रदेश के ही मुरादाबाद में स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले के बाद 17 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। ये घटना बुधवार (अप्रैल 15, 2020) की है, जब एक मेडिकल टीम हाजी नेब की मस्जिद के पास से मरीज के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन करने के लिए लेने गई थी। लोगों ने एम्बुलेंस को घेर कर डॉक्टरों और मेडिकल कर्मचारियों की पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद योगी सरकार ने एक्शन लेते हुए एनएसए के तहत मामला दर्ज कर के गिरफ़्तारी सुनिश्चित की।

अहमदाबाद: 23 वर्षीय स्मृति ठक्कर ने कोरोना को मात देने के बाद किया ब्लड प्लाज्मा दान करने का फैसला

गुजरात की 23 वर्षीय स्मृति ठक्कर ने मिसाल पेश करते हुए अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल (SVP) अस्पताल में अपना ब्लड प्लाज्मा दान करने का फैसला किया है। बता दें कि स्मृति इसी महीने की शुरुआत में कोरोना को मात देकर जिंदगी की जंग जीत कर लौटी है। अब वो अपना ब्लड प्लाज्मा दान करना चाहती है, ताकि अन्य मरीजों के इलाज में इसका इस्तेमाल किया जा सके।

स्मृति ठक्कर 19 मार्च को पेरिस से लौटी थीं, जिसके बाद उन्हें कोरोना वायरस इलाज के लिए SVP अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह 6 अप्रैल को पूरी तरह से ठीक हो गई।

स्मृति कहती हैं, “मैंने 14 दिन पूरे कर लिए थे और कोई लक्षण नहीं था। मुझे SVP अस्पताल से एक कॉल आया, जिसमें थेरेपी के लिए प्लाज्मा की सहमति माँगी गई। मेरे माता-पिता भी इस पर सहमति जताई, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि मैं इन डॉक्टरों की वजह से ही जिंदा हूँ।” वह शनिवार को अस्पताल गई और अपना प्लाज्मा दान किया। इस तरह वो गुजरात की पहली प्लाज्मा डोनर बन गई।

इससे पहले स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव, जयंती रवि ने कहा था, “हमें पता चला है कि ICMR ने केरल सरकार को ऐसे प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन ट्रीटमेंट के लिए मँजूरी प्रदान की है। गुजरात के अहमदाबाद सिविल अस्पताल और SVP अस्पताल ने भी कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए इस ट्रीटमेंट को शुरू करने के लिए ICMR की अनुमति माँगी है।”

शनिवार को इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने प्लाज्मा थेरेपी परीक्षण करने के लिए दोनों अस्पतालों को अपनी सहमति दी। राज्य में स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन का उपयोग शरीर में एंटीबॉडी उत्पन्न करके क्रिटिकल कोरोना वायरस मरीजों की इम्युनिटी (प्रतिरक्षा) को बढ़ाने के लिए किया जाता है।

अहमदाबाद के नगर आयुक्त विजय नेहरा ने इसके लिए राज्य के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी का धन्यवाद किया। उनके हस्तक्षेप की वजह से SVP अस्पताल को ICMR की तरफ से इस परीक्षण को मँजूरी मिलने में मदद मिली। उन्होंने यह भी बताया कि डोनर की पहचान कर ली गई थी और डोनर की सहमति के बाद प्लाज्मा डोनेट करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

जानकारी के मुताबिक 6 ऐसे डोनर्स की पहचान की गई थी, जिसमें से 3 ने कोरोना वायरस के ठीक होने के बाद आवश्यक 14 दिन की अवधि पूरी कर ली थी। जयंती रवि के अनुसार दान किए गए एक ब्लड प्लाजमा से 4 कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक दवाओं और टीकों की अनुपस्थिति में क्रिटिकल मरीजों के उपचार के लिए एक बेहतर विकल्प है।

उल्लेखनीय है कि गुजरात के सूरत और अहमदाबाद शहर प्रशासन ने अपने प्रतिदिन के कोरोना वायरस बुलेटिन में उन लोगों के बारे में जानकारी देना शुरू किया है, जो COVID-19 से संक्रमित पाए गए हैं। सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के रिहायशी पतों को गूगल मैप्स पर पिन करना भी शुरू कर दिया है, जिससे आस-पास रहने वाले लोग सतर्क रह सकें।

इसी तरह अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने भी कोरोना पॉजिटिव केस की जानकारी देनी शुरू कर दी है। कॉर्पोरेशन के पास कोई आधिकारिक मैप नहीं है, इसलिए अहमदाबाद में मौजूद तकनीकी विशेषज्ञों ने बतौर वॉलंटियर कोरोना संक्रमित लोगों की लोकेशंस को गूगल मैप पर पिन करना शुरू कर दिया है। बता दें कि जब राज्य में 58 मामले सामने आए थे, तभी केवल 6 दिनों में राज्य के 4 शहरों में 2200 बेड का कोविड हॉस्पिटल तैयार किया गया था।

दिल्ली: लेडी हार्डिंग अस्पताल के 2 डॉक्टर और 6 नर्स कोरोना+, जहाँगीरपुरी में एक ही परिवार के 31 लोगों में संक्रमण

दिल्ली के लेडी हार्डिंग अस्पताल के 2 डॉक्टरों और 6 नर्सों का कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव आया है। अस्पताल के अधिकारियों ने सभी 8 स्वास्थ्य कर्मचारियों को क्वारंटाइन कर दिया है। साथ ही उनके सम्पर्क में आने वाले अन्य लोगों की भी तलाश जारी की जा रही है। अस्पताल के अधिकारी कंटेनमेंट प्लान के लिए बैठक कर रहे हैं।

इसके अलावा लेडी हार्डिंग अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में साँस की बीमारी के इलाज के लिए लाए गए एक 10 महीने के बच्चे का कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। पिता का भी कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है। माँ की टेस्ट रिपोर्ट का फिलहाल इंतजार है। बाल चिकित्सा ICU को सेनिटाइज किया जा रहा है।

दिल्ली के जहाँगीरपुरी के C ब्लॉक में एक ही परिवार के 31 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। अधिकारियों ने सभी लोगों को नरेला स्थित क्वारंटाइन सेंटर में भेज दिया है। बताया जा रहा है कि सभी पीड़ित एक कोरोना संक्रमित महिला के संपर्क में आए थे। जिसकी कुछ दिनों पहले इस महिला की मौत हुई थी। ये लोग मृतक महिला के परिवार से ही हैं। बता दें कि जहाँगीरपुरी का यह ब्लॉक पहले से ही कंटेनमेंट जोन (सील जोन) घोषित है।

संक्रमित महिला की मौत के बाद 10 अप्रैल को पूरे सी ब्लॉक को सील कर लोगों में कोरोना की जाँच के लिए सर्वे किया था। अधिकारियों ने बताया कि सी ब्लॉक और आस-पास के इलाकों से 82 लोगों के कोरोना जाँच के लिए नमूने लिए गए थे। इनमें सी ब्लॉक के 31 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। अन्य लोगों के जाँच रिपोर्ट आने अभी बाकी है। इलाके को पहले से ही कंटेनमेंट जोन घोषित कर पूरी तरह से सील किए जाने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोगों का संक्रमित होना चिंता का विषय है।

राजधानी दिल्ली में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 186 नए मामले सामने आने के साथ यहाँ कोरोना वायरस मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1900 के करीब पहुँच गई है।

भारत में कोरोनावायरस से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 15,712 हो गई है। पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1334 नए मामले सामने आए हैं और 27 लोगों की मौत हुई है। देश में अभी तक 507 लोगों की मौत हो चुकी है, हालाँकि 2231 मरीज इस बीमारी को हराने में कामयाब भी हुए हैं।

मच्छी बाजार की आड़ में दवाओं का अवैध धंधा: 227 लाशों से पटा कब्रिस्तान, इंदौर में आखिर चल क्या रहा

मध्य प्रदेश स्थित इंदौर के मच्छी बाजार और बंबई बाजार में मछलियों की ख़रीद-बिक्री के बीच दवाओं का कारोबार चल रहा है। सिर्फ़ दवाएँ ही नहीं, ऑक्सीजन जनरेटर, मास्क, पीपीई किट और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन (HCQ) जैसी चीजों का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।

बता दें कि भारत सरकार द्वारा गठित टास्क फोर्स ने कोरोना के मरीजों के लिए HCQ का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। हालाँकि, आमजनों को इसे बिना डॉक्टर की सलाह के लेने के लिए मना किया गया है। बावजूद इसके लोग इसे ख़रीदने के लिए लालायित हैं।

जिन इलाकों में ये सब हो रहा है, वो कोरोना से बुरी तरह प्रभावित है। वहाँ चोरी-छिपे इलाज भी चल रहा है। कई मौतें हो चुकी हैं। ‘दैनिक भास्कर’ के एक स्टिंग के मुताबिक, मेडिकल उपकरणों की ख़रीद-बिक्री और चोरी-छिपे कारोबार के बीच कई लाशों का गिरना संदिग्ध परिस्थितियों की ओर इशारा करता है।

इन चीजों की डिलीवरी के लिए गाड़ी आती है। लॉकडाउन में गाड़ी निकालना संभव नहीं है, इसीलिए उस गाड़ी ने खाद्य सामग्रियों के वितरण का कर्फ्यू पास ले रखा है और उसकी आड़ में ये सब किया जा रहा है।

मुंबई की एक कुरियर कम्पनी के खाते से इन दवाओं के सप्लायर को राशि का भुगतान किया जाता है। स्टिंग में ये भी खुलासा हुआ है कि अप्रैल से लेकर अब तक वहाँ 227 लोगों की मौत हो चुकी है। अप्रैल के शुरुआती सप्ताह में ही यहाँ 127 लोग काल के गाल में समा गए थे। इन सभी की लाशों को वहीं के कब्रिस्तानों में दफनाया गया।

इंदौर पहले से ही कोरोना के हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित है, ऐसे में वहाँ ये सब होना चिंता का विषय है। स्टिंग के बाद माँग की जा रही है कि प्रशासन मेडिकल इक्विपमेंट सप्लायर से पिछले एक माह में सप्लाई किए गए मशीनों की सूची ले। इसमें ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर और बायपेप मशीनें शामिल हैं।

‘दैनिक भास्कर’ में स्टिंग को लेकर प्रकाशित ख़बर

ऑक्सीजन सिलिंडर की सप्लाई को लेकर भी नज़र रखने की माँग की जा रही है। ‘दैनिक भास्कर’ ने एक ख़रीददार वाजिद और सप्लायर के बीच के बातचीत को एक्सेस किया है, जिसमें सप्लायर कह रहा है कि मामला स्ट्रिक्ट होने के कारण डिलीवरी में दिक्कत है। इसमें ऑक्सीजन के लिए फिलिप्स के मशीनों के लेन-देन की बात चल रही है। एक पेशेंट के मरने की बात भी कही जा रही है। इससे पता चलता है कि लोगों की मौतें हो रही हैं।

एक सप्लायर को पहली बार 93 हज़ार रुपए और दूसरी बार 1.28 लाख रुपए भुगतान किए गए। इंडेक्स लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के जरिए भुगतान की बात पता चली है। इसी नाम से एक प्रतिष्ठित कम्पनी भी है। , इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि पुलिस के पास इस बात की सूचना है कि एक सामानांतर चिकित्सा व्यवस्था चलाई जा रही है। इसकी जाँच क्राइम ब्रांच से कराने का आश्वासन दिया गया है।