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तिरंगे पर गाय को काटा: इमाम ने कहा ये जगह पूरी धरती पर धब्बा

हिंदुस्तान के अधिकांश लोगों का मानना है कि कट्टर जिहादियों और चरमपंथी इस्लामियों में भी पाकिस्तानी अलग ही ‘लेवल’ के बीमार और विक्षिप्त लोग हैं। हिंदुस्तान और हिन्दुओं से नफ़रत में अंधे हो वे अपनी आत्मा, अपना होशो-हवास पूरी तरह खो चुके हैं। पहले तो लिबरल गैंग इसे ‘विभाजन की प्रतिक्रिया से उपजी सोच’, ‘कट्टर हिन्दूवाद’, ‘नफ़रत’, ‘हिन्दू तालिबान’ आदि कहकर नकार दिया करते थे। लेकिन आज सोशल मीडिया के युग में दिख रहा है कि हमारी सोच गलत नहीं थी- पाकिस्तान में सच में आत्मा का ही अभाव है।

इसी आत्मा का, इंसानियत का अभाव पाकिस्तानी लोगों ने दिखाया। हिंदुस्तान के हिन्दुओं को नीचा दिखाने के लिए पाकिस्तानी हैदराबाद शहर की सुन्नी तहरीक के कठमुल्लों ने इंसानियत की हद पार करते हुए तिरंगे पर लिटाकर गाय को काटा।

सोशल मीडिया में दावा किया जा रहा है कि यह घटना 15 अगस्त की है। अपनी पड़ताल में हमने पाया कि यह घटना पाकिस्तान की ही है। शायद इसी साल फरवरी में इसे अंजाम दिया गया था। इस घटना की तस्वीरें इसी साल एक मार्च को एक पाकिस्तानी वेबसाइट पर अपलोड की गई थी। हालॉंकि उस समय का कोई वीडियो हमें नहीं मिल पाया। लेकिन, तस्वीरों और वीडियो के मिलान से ऐसा लगता है कि ये एक ही घटना की हैं।

चूँकि अधिकाँश हिन्दू गाय को पवित्र पशु मानते हैं, माँ मानते हैं और उनकी आस्था का सम्मान करते हुए हिंदुस्तान के अधिकाँश राज्यों में गौवध पर प्रतिबंध है, इसलिए ‘पाकिस्तानी सुन्नी तहरीक हैदराबाद’ संगठन के लोगों ने अपने देश में सड़क पर गौवध किया, हिंदुस्तान के झंडे पर, ताकि हिंदुस्तान और हिन्दू दोनों को नीचा दिखाया जा सके। यही नहीं, गाय की हत्या भी सामान्य हलाल करने वाले तरीके से एक बार में रेत कर नहीं, गाय को तड़पा-तड़पा कर की गई। पहले आधा गला काटकर तड़पने के लिए, दर्द से पैर पटकने के लिए गाय को छोड़ दिया गया, उसके बाद धीरे-धीरे मारा गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि हिन्दुओं को ‘ठेंगा’ दिखाया जा सके कि देखो, तुम्हारी गऊ माता यहाँ पाकिस्तान में तुम्हारे ही झंडे पर रख कर न केवल मारी जाती है, बल्कि बेरहमी से, तड़पा-तड़पा कर मारी जाती है और तुम कुछ नहीं कर पाते।

तड़पती गाय के दर्द को ‘एन्जॉय’ करते न केवल वयस्क देखे जा सकते हैं, बल्कि किशोर भी दर्द और प्रताड़ना के इस वीभत्स खेल का हिस्सा हैं। एक बमुश्किल 7-8 साल का बच्चा भी कौतूहल और ‘इंट्रेस्ट’ के साथ इसे देखता है। यह गाय से अधिक पाकिस्तान की उस खुद की इंसानियत की हत्या है, जिसका तकाज़ा होता है कि यदि पेट भरने या ज़बान के चटखारे के लिए किसी पशु-पक्षी की जान लेना ज़रूरी है भी, तो इसे उस जंतु को कम-से-कम दर्द पहुँचा कर किया जाए न कि उसके दर्द, उसकी तड़पती हुई मौत का नंगा-नाच किया जाए।

‘ये कोई सामान्य समाज नहीं, धब्बा है’

इस्लाम से ही ताल्लुक रखने वाले ऑस्ट्रेलियाई इमाम मोहम्मद तौहीदी ने इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, “पाकिस्तानी हिंदुस्तान को नीचा दिखाने के लिए हिन्दुस्तान के झंडे पर, हिंदुस्तान के स्वतंत्रता दिवस के दिन गाय की हत्या कर रहे हैं। यह कोई सामान्य समाज नहीं है। ये इस ग्रह पर ही एक धब्बा हैं। ये हमारे टैक्स के पैसे या किसी विदेशी सहायता के लायक नहीं हैं।”

PETA को भी चुनौती

इमाम तौहीदी ने पशु अधिकारों के नाम पर हिन्दुओं के त्योहारों में अड़ंगा डालने के लिए बदनाम संस्था पेटा को चुनौती दी कि वह इस अमानवीय व्यवहार के खिलाफ कुछ करके दिखाए। तौहीदी ने यह भी साफ किया कि उनकी चुनौती का अर्थ केवल पेटा का ट्वीट देखना नहीं है। वह देखना चाहेंगे कि इसके खिलाफ पेटा में कोई अंतरराष्ट्रीय याचिका, किसी संसद में कोई प्रस्ताव या किसी तरह के बहिष्कार के लिए लॉबिंग कर पाने की हिम्मत है।

कॉन्ग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने फिर अलापा अनुच्छेद-370 पर निर्णय वापस लेने का राग

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 के मुख्य प्रावधानों को हटाए जाने के बाद विशेष राज्य का दर्जा समाप्त हो गया है। मोदी सरकार के इस ऐतिहासिक फ़ैसले से घाटी के नेताओं में खलबली मची हुई है। देश भर में इस मुद्दे पर सियासत गर्मा गई है, इसी बीच कॉन्ग्रेस के गुलाम नबी आज़ाद ने एक बार फिर से अपना पुराना राग अलापा है। 

गुलाम नबी ने कहा, “मैं सरकार से माँग करता हूँ कि उनके द्वारा लिया गया ग़लत निर्णय वापस लिया जाए। ये एक बार फिर सिद्ध हो गया है क्योंकि इससे राज्य में कोई भी ख़ुश नहीं है। ऐसा निर्णय वापस लिया जाना चाहिए। राजनेताओं को छोड़ा जाना चाहिए और सामान्य हालात बनाए जाना चाहिए।”

ग़ौरतलब है कि गृह मंत्री अमित शाह ने 5 अगस्त को राज्यसभा में संकल्प पत्र पेश करने के साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिए जाने संबंधी विधेयक पेश किया था। इसके पारित होने और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ये क़ानून बन गया, तभी इस मुद्दे पर राजनीतिक गलियारे में उथल-पुथल मची हुई है।

जम्मू-कश्मीर में स्थिति को क़ाबू में रखने के लिए केंद्र सरकार ने भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती कर रखी है। घाटी में माहौल ख़राब करने की आशंका के चलते कई नेताओं को नज़रबंद भी किया गया है। हालाँकि, जम्मू-कश्मीर में अब धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं।

बता दें कि अनुच्छेद-370 को लेकर कॉन्ग्रेस में दो धड़े बँट गए हैं। एक धड़ा जहाँ सरकार के समर्थन में खड़ा है, वहीं दूसरी धड़ा इसके विरोध में है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व महासचिव जनार्दन द्विवेदी, मिलिंद देवड़ा और कॉन्ग्रेस विधायक अदिति सिंह ने अनुच्छेद-370 हटाने के सरकार के फ़ैसले का समर्थन किया है।

हुड्डा ने कॉन्ग्रेस आलाकमान को दी मोहलत, हरियाणा में टूट फिलहाल टली

हरियाणा कॉन्ग्रेस में टूट फिलहाल कुछ दिनों के लिए टल गई है। दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पार्टी अलाकमान को मोहलत देने के संकेत दिए हैं। लोकसभा चुनाव के बाद से ही हुड्डा के अलग पार्टी बनाने के कयास लग रहे हैं। रोहतक में रविवार को उन्होंने एक बड़ी रैली की थी जिसमें कॉन्ग्रेस पर जमकर निशाना साधा था।

सोमवार (अगस्त 19, 2019) को दिल्‍ली में हुड्डा ने कहा, “एक-दो दिनों में एक समिति गठित की जाएगी। इसके बाद एक बैठक होगी जिसमे आगे की रणनीति तय होगी। मैं वहीं करूंगा जो यह समिति तय करेगी। यदि वे मुझे कहेंगे तो मैं राजनीति छोड़ दूॅंगा।”

इससे पहले रविवार को भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कॉन्ग्रेस अब पहले जैसी नहीं रही। वह रास्ता भटक गई है। उन्होंने कहा कि वो ख़ुद को अतीत से मुक्त करने जा रहे हैं।

हुड्डा ने महापरिवर्तन रैली में जम्मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 को हटाने के मुद्दे पर कॉन्ग्रेस के रुख को गलत बताकर पार्टी को कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा था कि देशभक्ति और आत्मसम्मान के मुद्दे पर वह कोई समझौता नहीं कर सकते। आर्टिकल 370 के मसले पर हुड्डा ने सरकार का समर्थन करते हुए कहा था, “मैं एक देशभक्त परिवार से हूॅं। जो आर्टिकल 370 पर फैसले का विरोध कर रहे मैं उनसे कहना चाहता हूॅं-वसूलों पर जहॉं आँच आए वहॉं टकराना जरूरी है, जो जिंदा है तो जिंदा दिखना जरूरी है।”

पी. चिदंबरम पर ED का शिकंजा: 23 अगस्त को पेश होने के लिए भेजा समन

यूपीए शासनकाल के दौरान एयर इंडिया के लिए किए गए 111 विमानों के सौदे के सिलसिले में कॉन्ग्रेस नेता तथा पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम को जाँच एजेंसी ने 23 अगस्त को पेश होने के लिए समन भेजा है।

बता दें कि, एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विवादास्पद विलय समेत यूपीए सरकार के दौरान के कम से कम 4 सौदों में अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जाँच के लिए कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। यह मामले अक्टूबर 2018 में दर्ज हुए थे।

आरोप है कि विदेशी विमान विनिर्माण कंपनियों को फायदा पहुँचाने के इरादे से सरकारी कंपनियों के लिए 70,000 करोड़ रुपए के 111 विमान खरीदे गए थे। जाँच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि इस तरह से खरीददारी से पहले से ही संकट से गुजर रही सरकारी विमानन कंपनी को कथित वित्तीय नुकसान हुआ। 

CAG ने 2011 में सरकार के 2006 में करीब 70,000 करोड़ रुपए में एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के लिए एयरबस और बोइंग से 111 विमान खरीदने के फैसले के औचित्य पर सवाल उठाया था। इसके अलावा, ईडी द्वारा एयरसेल-मैक्सिस और आईएनएक्स मीडिया के दो अलग-अलग मनी-लॉन्ड्रिंग मामलों में पी चिदंबरम की जाँच की जा रही है।

बकरीद पर कलेजी लेकर मामा के घर चली गई बच्ची, नाराज सलीम ने हत्या कर नाले में फेंका

बकरीद के मौके पर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक चाचा ने गुस्से में अपनी मासूम भतीजी को मारकर नाले में फेंक दिया। घटना का खुलासा उस समय हुआ जब बच्ची का शव एक नाले से बरामद हुआ। पुलिस ने शव मिलने के बाद बच्ची के चाचा को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि बकरीद के दिन गाजियाबाद के खोड़ा के भरत नगर इलाके में सामूहिक कुर्बानी दी गई थी। जिसके बाद बच्ची के चाचा सलीम मे उसे एक तसले में कलेजी (मांस के टुकड़े) दी और घर पहुँचाने को कहा। लेकिन बच्ची चाचा के घर के बजाय मामा के घर चली गई। गुस्से में सलीम ने बच्ची की हत्या कर दी।

नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक पूछताछ में सलीम ने बताया कि बकरीद के दिन सामूहिक कुर्बानी के बाद उसने अपनी भतीजी को कलेजी घर पहुँचाने के लिए कहा था लेकिन वह मामा के घर चली गई। थोड़ी देर बाद उसकी पत्नी का फोन आया और उसने बताया कि कलेजी अभी तक घर नहीं आई है। जब उसने अपनी भतीजी को खोजा तो पता चला कि बच्ची कलेजी लेकर मामा के घर चली गई थी।

नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर

सलीम के मुताबिक बच्ची की इस गलती पर उसके परिवार वालों ने उसे बहुत सुनाया, जिस कारण उसे गुस्सा आ गया। वह भतीजी लाइवा को ढूँढने निकला जो उसे छत पर दूसरे बच्चों के साथ खेलती नजर आई। छत पर पहुँचकर उसने अन्य बच्चों को डाँटकर वहाँ से भगा दिया। फिर उसने अकेले में लाइवा को थप्पड़ मारा, जिससे उसका सिर सीढ़ियो से टकरा गया।

थोड़ी देर बाद सलीम ने महसूस किया कि बच्ची की साँस नहीं चल रही। घबराकर उसने लाइवा का शव बोरे में भरकर उसके पिता मकसूर के कमरे में छुपा दिया। जब रात हुई तो कुर्बानी के अवशेषों को फेंकने का बहाना बनाकर वह बोरा समेत शव को नाले में फेंक आया।

खबरों की मानें तो एसपी सिटी के मुताबिक बच्ची के पूरे दिन नहीं मिलने पर उसके मामा ने मामला दर्ज करवाया। तलाश शुरू हुई और शव मिलने के 12 घंटों में पुलिस ने 100 लोगों से पूछताछ की जिसके बाद बच्ची के चाचा को गिरफ्तार कर लिया गया।

पाकिस्तान को अफ़गानिस्तान ने फटकारा, कहा- हमसे न जोड़े कश्मीर का मसला

कश्मीर की मौजूदा स्थिति को अफ़गानिस्तान की स्थिति के साथ जोड़ने के लिए पाकिस्तान को अफ़गानिस्तान ने आधिकारिक रूप से फटकार लगाई है। अफ़गानिस्तान की एक शीर्ष राजदूत ने कहा है कि कश्मीर के हालात को अफ़गानिस्तान में शांति समझौते के लिए जारी प्रयासों से जोड़ना, ‘दुस्साहसी, अनुचित और ग़ैर-ज़िम्मेदाराना’ है।

अमेरिका में अफ़गानिस्तान की राजदूत रोया रहमानी ने कहा,

‘‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ अफ़गानिस्तान’ अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत असद मजीद ख़ान के उस दावे पर कठोरता से सवाल उठाता है कि कश्मीर में जारी तनाव अफ़गानिस्तान की शांति प्रक्रिया को काफी प्रभावित कर सकता है।’’ 

उन्होंने अपने एक बेहद लंबे बयान में कहा, ‘‘ऐसा कोई बयान जो कश्मीर के हालात को अफ़गान शांति प्रयासों से जोड़ता है वह दुस्साहसी, अनुचित और ग़ैर-ज़िम्मेदाराना है।’’ 

Afghan's embassy in DC has issued a letter condemning Pakistan's attempts to link the Kashmir issue with Afghan peace process
अमेरिका में अफ़गानी राजदूत का पत्र

कश्मीर को भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मामला बताते हुए रहमानी ने कहा कि उनके देश का मानना है कि कश्मीर मुद्दे से अफ़गानिस्तान को जानबूझकर जोड़ने का पाकिस्तान का मक़सद अफ़गान की धरती पर जारी हिंसा को और बढ़ाना है।

रहमानी ने कहा कि उनके पाकिस्तानी समकक्ष का बयान उन सकारात्मक और रचनात्मक मुलाक़ात के ठीक विपरीत है जो अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी की हालिया यात्रा के दौरान उनके, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान तथा पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के बीच हुई थी।

दरअसल, प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद, पाकिस्तान ने राजनयिक संबंधों, द्विपक्षीय व्यापार को निलंबित करने, द्विपक्षीय व्यवस्थाओं की समीक्षा, सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र में मामले को ले जाने का निर्णय लिया था। उन्होंने 14 अगस्त को कश्मीरियों के साथ एकजुटता और 15 अगस्त को काला दिवस के रूप में मनाने का फ़ैसला किया था।

इसके अलावा, डर का माहौल बनाने और लोगों को गुमराह करने के लिए पाकिस्तान ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के अनुच्छेद-370 को रद्द करने और जम्मू-कश्मीर के विभाजन के ऐतिहासिक फ़ैसले के बाद सोशल मीडिया पर फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने का सहारा भी लिया।

J&K: अमित शाह ने डोभाल के साथ की बैठक, ख़ुफ़िया एजेंसियों के अधिकारी भी थे मौजूद

जम्मू-कश्मीर को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोमवार को बैठक हुई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी बैठक में हिस्सा लिया। आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी किए जाने के बाद से डोभाल ने जम्मू-कश्मीर में ही डेरा डाल रखा था।

उनके दिल्ली लौटने के बाद जम्मू-कश्मीर के मसले पर यह पहली शीर्ष बैठक है। इसमें केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा और ख़ुफ़िया एजेंसियों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मिलित हुए। सोमवार (अगस्त 19, 2019) को श्रीनगर जोन में 200 से भी अधिक स्कूलों में पठन-पाठन का कार्य शुरू हो गया

उधर राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन और अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने को ‘ग़लत निर्णय’ बताया और सरकार से माँग करते हुए कहा कि इस निर्णय को जल्द से जल्द वापस लिया जाए। अमित शाह की यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब घाटी में शांति का माहौल कायम है, लेकिन कुछ लोग अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

शेहला रशीद को लगातार झूठी अफवाहें फैलाने के कारण सेना से फटकार मिली है, वहीं उनके खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई है। उधर सैयद अली शाह गिलानी के बारे में पता चला है कि वह 2 बीएसएनएल कर्मचारियों की मदद से प्रतिबन्ध के बावजूद इन्टरनेट सुविधा का लाभ उठा रहे थे। दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि डोभाल ने गृह मंत्री को राज्य की स्थिति से अवगत कराया। इस बैठक के बाद जल्द ही कुछ बड़े फैसलों के कयास लगाए जा रहे हैं।

तीन तलाक़ के बाद सईदा को शौहर नफ़ीस और ससुराल वालों ने जलाकर मार डाला, 5 साल की बेटी ने किया भंडाफोड़

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती ज़िले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 22 साल की सईदा को उसके शौहर और ससुराल वालों ने इसलिए जलाकर मार डाला क्योंकि उसने ट्रिपल तलाक़ दिए जाने के ख़िलाफ़ अपने शौहर की शिक़ायत कर दी थी।

यह घटना शुक्रवार (16 अगस्त) को उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती ज़िले में उस समय घटित हुई जब सईदा को उसके शौहर और ससुराल वालों ने उसकी पाँच साल की बच्ची के सामने ज़िंदा जला दिया

पीड़ित के पिता रमज़ान ख़ान ने आरोप लगाया है कि उनके दामाद नफ़ीस (26), जो मुंबई में काम करता था, उसने फोन पर सईदा को तीन तलाक दिया था। चूँकि, उसे अवैध रूप से ट्रिपल तलाक़ दिया गया था, सईदा को पुलिस ने कहा था कि वो अपने शौहर के घर वापस आने तक इंतज़ार करे। 15 अगस्त को, जब नफ़ीस घर वापस आया, तो पुलिस ने कथित रूप से दोनों को पुलिस स्टेशन में बुलाया और सईदा को नफ़ीस के साथ रहने के लिए कहा।

लेकिन, पुलिस की सलाह को मानने के बजाय, नफ़ीस ने अपनी बीवी को चले जाने के लिए कहा। लेकिन सईदा घर छोड़कर नहीं गई जिसके बाद ससुराल वाले उसकी हत्या की साज़िश करने लगे। कथित तौर पर सईदा की 5 वर्षीय बच्ची फ़ातिमा ने पुलिस को बताया कि उसके अब्बू ने उसकी अम्मी को बालों से पकड़ रखा था, जबकि नादिरा और गुड़िया (चाची) ने उस पर मिट्टी का तेल डाला और उसके दादा अजीजुल्ला व दादी हसीना ने उसे ज़िंदा जलाने के लिए माचिस की तीली जलाई।

फ़िलहाल, सईदा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस ने सईदा के शौहर और ससुराल वालों के ख़िलाफ़ दहेज उत्पीड़न और हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। अभी तक किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है।

TDP के 60 नेता BJP में शामिल, नड्डा बोले- 31 दिसंबर से पहले मिलेगा नया अध्यक्ष

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही। तेलंगाना में उनकी पार्टी टीडीपी को रविवार (अगस्त 18, 2019) को बड़ा झटका लगा। राज्य के 60 बड़े नेताओं ने पार्टी से नाता तोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। इन बड़े नेताओं के साथ ही हजारों कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

कुछ महीनों पहले टीडीपी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए लंका दिनकर ने कहा कि यह आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ईकाई के लिए बहुत अच्छा संकेत है। जिस तरह से टीडीपी के हजारों कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हुए हैं, उससे पता चलता है कि लोगों में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री को लेकर कितना गुस्सा है। टीडीपी के जो नेता भाजपा में शामिल हुए हैं उनमें कुछ राष्ट्रीय स्तर के बड़े नाम हैं और कुछ राज्य और जिला स्तर पर बड़े नेता हैं। मोदी सरकार ने जिस तरह से तीन तलाक बिल और आर्टिकल 370 को निष्क्रिय करने का फैसला लिया है, उसके बाद से कई दलों के नेता बीजेपी के साथ जुड़ना चाहते हैं।

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस मौके पर बताया कि सितंबर से देशभर के आठ लाख बूथों पर चुनाव कराए जाएँगे। इसके बाद अक्टूबर में मंडल स्तर पर प्रतिनिधियों का चुनाव होगा। इसके बाद नवंबर में जिला स्तर पर चुनाव कराए जाएँगे। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि 15 दिसंबर तक सभी राज्यों में संगठन के चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। नड्डा ने बताया कि 31 दिसंबर से पहले पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल जाएगा।

कन्या आश्रम में महिला के साथ दबंगई, नवजात समेत घसीटकर बाहर फेंका, Video वायरल

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में लड़कियों के एक हॉस्टल में महिला सफाईकर्मी के साथ हुई बदसलूकी की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। ये वीडियो कोरिया के बड़वाही कन्या आश्रम के छात्रावास का है। इस वीडियो में हम देख सकते हैं कैसे एक एक व्यक्ति हॉस्टल की महिला सफाईकर्मी के साथ बेहरमी से मारपीट कर रहा है, वो भी सिर्फ़ इसलिए क्योंकि उसने अपने 3 महीने के नवजात के साथ हॉस्टल में शरण ले रखी है।

वीडियो में हम देख सकते हैं कि ये आदमी कैसे पहले महिला के बच्चे को कपड़े में लपेटकर जमीन पर रखता है और फिर महिला को कमरा खाली करने को कहता है। जब महिला ऐसा करने से मना कर देती है तो पहले वह उसके साथ बदसलूकी करता है और फिर उसे चादर समेत घसीटकर हॉस्टल से बाहर फेंक देता है।

शर्म की बात ये है कि वीडियो में बद्तमीजी कर रहा आदमी कोई और नहीं बल्कि छात्रावास की अधीक्षिका सुमिला सिंह का पति रंगलाल सिंह है। इस वीडियो के पब्लिक डोमेन में आने के बाद मामले के संबंध में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और आश्वासन दिया है कि आरोपित की गिरफ्तारी जल्द होगी।

बता दें ये वीडियो 10 अगस्त की है और इस संबंध में मामला 11 अगस्त को थाने पहुँचा था। स्कूल सुप्रीटेंडेंट के पति रंगलाल प्राथमिक शाला कर्री माडीसरई में पदस्थ हैं। इस वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद लोग उनपर सवाल उठा रहे हैं।

सवाल पूछा जा रहा है कि जब महिला हॉस्टल में पुरुषों की मौजूदगी नियमों के विरुद्ध है तो रंगलाल वहाँ कैसे पहुँचे। इस मामले के संबंध में पीड़िता ने जनकपुर थाने में अपनी शिकायत दर्ज करवाई है। जिसके बाद पुलिस ने आरोपित के ख़िलाफ़ धारा 452, 294, 506, 323 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है। रंगलाल फिलहाल फरार चल रहा है।