बकरीद पर कलेजी लेकर मामा के घर चली गई बच्ची, नाराज सलीम ने हत्या कर नाले में फेंका

बच्ची के पूरे दिन नहीं मिलने पर उसके मामा ने मामला दर्ज करवाया। तलाश शुरू हुई और पुलिस ने 100 लोगों से पूछताछ की जिसके बाद बच्ची के चाचा को गिरफ्तार कर लिया गया।

बकरीद के मौके पर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक चाचा ने गुस्से में अपनी मासूम भतीजी को मारकर नाले में फेंक दिया। घटना का खुलासा उस समय हुआ जब बच्ची का शव एक नाले से बरामद हुआ। पुलिस ने शव मिलने के बाद बच्ची के चाचा को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि बकरीद के दिन गाजियाबाद के खोड़ा के भरत नगर इलाके में सामूहिक कुर्बानी दी गई थी। जिसके बाद बच्ची के चाचा सलीम मे उसे एक तसले में कलेजी (मांस के टुकड़े) दी और घर पहुँचाने को कहा। लेकिन बच्ची चाचा के घर के बजाय मामा के घर चली गई। गुस्से में सलीम ने बच्ची की हत्या कर दी।

नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक पूछताछ में सलीम ने बताया कि बकरीद के दिन सामूहिक कुर्बानी के बाद उसने अपनी भतीजी को कलेजी घर पहुँचाने के लिए कहा था लेकिन वह मामा के घर चली गई। थोड़ी देर बाद उसकी पत्नी का फोन आया और उसने बताया कि कलेजी अभी तक घर नहीं आई है। जब उसने अपनी भतीजी को खोजा तो पता चला कि बच्ची कलेजी लेकर मामा के घर चली गई थी।

नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर
- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

सलीम के मुताबिक बच्ची की इस गलती पर उसके परिवार वालों ने उसे बहुत सुनाया, जिस कारण उसे गुस्सा आ गया। वह भतीजी लाइवा को ढूँढने निकला जो उसे छत पर दूसरे बच्चों के साथ खेलती नजर आई। छत पर पहुँचकर उसने अन्य बच्चों को डाँटकर वहाँ से भगा दिया। फिर उसने अकेले में लाइवा को थप्पड़ मारा, जिससे उसका सिर सीढ़ियो से टकरा गया।

थोड़ी देर बाद सलीम ने महसूस किया कि बच्ची की साँस नहीं चल रही। घबराकर उसने लाइवा का शव बोरे में भरकर उसके पिता मकसूर के कमरे में छुपा दिया। जब रात हुई तो कुर्बानी के अवशेषों को फेंकने का बहाना बनाकर वह बोरा समेत शव को नाले में फेंक आया।

खबरों की मानें तो एसपी सिटी के मुताबिक बच्ची के पूरे दिन नहीं मिलने पर उसके मामा ने मामला दर्ज करवाया। तलाश शुरू हुई और शव मिलने के 12 घंटों में पुलिस ने 100 लोगों से पूछताछ की जिसके बाद बच्ची के चाचा को गिरफ्तार कर लिया गया।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

रामचंद्र गुहा और रवीश कुमार
"अगर कॉन्ग्रेस में शीर्ष नेताओं को कोई अन्य राजनेता उनकी कुर्सी के लिए खतरा लगता है, तो वे उसे दबा देते हैं। कॉन्ग्रेस में बहुत से अच्छे नेता हैं, जिन्हें मैं बहुत अच्छे से जानता हूँ। लेकिन अगर मैंने उनका नाम सार्वजनिक तौर पर लिया तो पार्टी में उन्हें दबा दिया जाएगा।"

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

143,129फैंसलाइक करें
35,293फॉलोवर्सफॉलो करें
161,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: